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12-12-12 : खास डेट पर मां बनीं तो खुशी हुई दोगुनी
Hathras
Updated Thu, 13 Dec 2012 05:30 AM IST
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हाथरस। ट्रिपल-12 के संयोग को लेकर लोगों में खासा जोश दिखाई दिया। सबसे ज्यादा खुशी उन महिलाओं को थी, जो इस दिन मां बनीं। इनके परिजन भी काफी खुश नजर आए। इधर, इस दिन को युवाओं ने अपने-अपने ढंग से सेलीब्रेट किया। टेलीफोन पर मैसेज भेजे गए। 12-12-12। तिथि का यह संयोग अब सौ साल बाद आएगा। इसलिए इस दिन को खास मनाने के लिए लोग काफी उत्साहित दिखाई दिए। सुबह से ही लोगों ने अपने मित्रों व परिचितों को इस दिन को लेकर बधाईयां दीं। मोबाइल फोनों पर मैसेज आदि भेजे गए। कुछ लोगों ने तो मैसेज के लिए भी आज दोपहर 12 बजकर 12 मिनट और 12 सेकेंड का समय चुना। कुछ लोगों ने इस दिन को खास बनाने के लिए खरीदारी भी की, तो कुछ लोगों ने पार्टी आदि भी की। मंगलवार को ही शहर के विभिन्न नर्सिंग होम में प्रसव के लिए आईं गर्भवती महिलाओं की यह इच्छा थी कि वह इस ट्रिपल-12 के संयोग में मां बनें। जिला अस्पताल और अन्य नर्सिंग होम में करीब दो दर्जन प्रसूतिकाएं इस दिन मां बनीं। उनकी और उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में शाम पांच बजे तक 13 प्रसूतिकाओं ने बच्चों को जन्म दे दिया था। यह संख्या अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा थी। जिला अस्पताल में मौजूद नया बांस निवासी रामबेटी की खुशी बुधवार को दुगनी हो गई। एक तो नाती होने से वह काफी खुश थी, वहीं दूसरी ओर वह इस वजह से और ज्यादा खुशी थी कि उनका नाती ट्रिपल-12 के संयोग में पैदा हुआ है। उनका कहना था कि उनका दिन आज काफी खास है। शहर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में मौजूद मुन्नी देवी निवासी जटौई मुरसान भी इस दिन को लेकर काफी खुश दिखाई दीं। उनका कहना था कि वह आज नानी बनीं हैं और दिन भी काफी खास है। अब यह दिन सौ साल बाद जो आएगा। जिला अस्पताल में ही डिलीवरी होने के बाद किरन निवासी वाटर वर्क्स कॉलोनी काफी खुश थी। वह आखिर आज ट्रिपल-12 के दिन मां जो बनी थी। किरन का कहना था कि यह दिन उसके लिए बेहद अहम है। उसे संतान जो मिली है। उधर सिकंदराराऊ में भी पांच महिलाओं ने पांच बच्चियों को जन्म दिया है। सभी बच्चियों का जन्म सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर रात्रि से लेकर दोपहर तक हुआ। पहली बच्ची को प्रात: एक बजकर तीस मिनट पर ममता पत्नी राकेश निवासी ग्राम बरगमा ने, दूसरी बच्ची को रात्रि दो बजे नगीना पत्नी शानू निवासी गिनौली किशनपुर ने, तीसरी बच्ची को प्रात: साढे़ दस बजे रीना पत्नी प्रदीप ग्राम सराय ने, चौथी बच्ची को दोपहर तीन बजे ग्राम भिसी मिर्जापुर ने तथा पांचवीं बच्ची को पौने चार बजे ग्राम छत्तरपुर कचौरा की महिला ने जन्म दिया। रात्रि एक बजकर तीस मिनट पर पैदा हुई बरगमा निवासी बच्ची के पिता राकेश का कहना था कि वे बेटी-बेटा में कोई फर्क नहीं समझते। लेकिन उसके संज्ञान में यह नहीं था कि उसके यहां बच्ची ने इस खास दिन में जन्म लिया है। अगर यह खास दिन है तो वह बच्ची का लालन-पालन खास देखभाल के साथ करेगा।
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