{"_id":"7-10092","slug":"Hathras-10092-7","type":"story","status":"publish","title_hn":"एजेंसियों पर रसोई गैस के लिए फिर हाय-तौबा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एजेंसियों पर रसोई गैस के लिए फिर हाय-तौबा
Hathras
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
हाथरस। त्योहार के बाद भी उपभोक्ताओं को रसोई गैस की किल्लत से निजात नहीं मिली है। गैस एजेंसियों पर अब भी गैस के लिए हाय-तौबा मच रही है। एक से डेढ़ महीने पुरानी बुकिंग वाले उपभोक्ताओं को भी रीफिल नहीं मिल पा रही। सत्यापन के नाम पर एजेंसियों ने नियमित बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं की भी रीफिल रोक रखी है।
दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर भी एजेंसियाें ने इन उपभोक्ताओं को रीफिल मुहैया नहीं कराई, जिससे ऐनवक्त पर उपभोक्ताओं को ब्लैकियों के हाथों लुटना पड़ा। बेशक सत्यापन तो उन कनेक्शनों का होना है, जिन पर महीनों से रीफिल नहीं उठ रही है, लेकिन एजेंसियों ने बजाय उनके नियमित उपभोक्ताओं की रीफिल रोक रखी है। त्योहार की छुट्टी के बाद शुक्रवार को एजेंसियों के दफ्तर खुलते ही उन पर अपनी रीफिल की जानकारी के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ लग गई। एजेंसी कर्मियों ने रीफिल देने से मना किया तो उपभोक्ता भड़क गए। अलीगढ़ रोड एजेंसी पर तो उपभोक्ताओं की कर्मियों से तीखी नोक-झोंक भी हो गई। उपभोक्ताओं का कहना है कि दूसरों की गलती की सजा उन्हें क्यों दी जा रही है। उनके कनेक्शन बराबर चल रहे हैं तो फिर उन्हें रीफिल क्यों नहीं दी जा रही। आखिर कब तक वह ब्लैक मार्केट से गैस खरीदकर काम चलाएंगे। जानकारों की मानें तो डैड कनेक्शनों की रीफिल बंद होने से खुद को हो रहे नुकसान की भरपाई एजेंसी वाले नियमित उपभोक्ताओं से कर रहे हैं। उनका हक काटकर ब्लैक मार्केट में खपाया जा रहा है। एजेंसियों की मनमानी पर प्रशासन और आपूर्ति विभाग की चुप्पी से भी उपभोक्ता खासे नाराज हैं।
मैं हर महीने अपनी बुकिंग करा रहा हूं। मेरा कनेक्शन बराबर चल भी रहा है, फिर भी एजेंसी ने मेरी रीफिल सत्यापन के नाम पर बंद कर दी है। सत्यापन भी अभी पूरा नहीं किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर भी एजेंसियाें ने इन उपभोक्ताओं को रीफिल मुहैया नहीं कराई, जिससे ऐनवक्त पर उपभोक्ताओं को ब्लैकियों के हाथों लुटना पड़ा। बेशक सत्यापन तो उन कनेक्शनों का होना है, जिन पर महीनों से रीफिल नहीं उठ रही है, लेकिन एजेंसियों ने बजाय उनके नियमित उपभोक्ताओं की रीफिल रोक रखी है। त्योहार की छुट्टी के बाद शुक्रवार को एजेंसियों के दफ्तर खुलते ही उन पर अपनी रीफिल की जानकारी के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ लग गई। एजेंसी कर्मियों ने रीफिल देने से मना किया तो उपभोक्ता भड़क गए। अलीगढ़ रोड एजेंसी पर तो उपभोक्ताओं की कर्मियों से तीखी नोक-झोंक भी हो गई। उपभोक्ताओं का कहना है कि दूसरों की गलती की सजा उन्हें क्यों दी जा रही है। उनके कनेक्शन बराबर चल रहे हैं तो फिर उन्हें रीफिल क्यों नहीं दी जा रही। आखिर कब तक वह ब्लैक मार्केट से गैस खरीदकर काम चलाएंगे। जानकारों की मानें तो डैड कनेक्शनों की रीफिल बंद होने से खुद को हो रहे नुकसान की भरपाई एजेंसी वाले नियमित उपभोक्ताओं से कर रहे हैं। उनका हक काटकर ब्लैक मार्केट में खपाया जा रहा है। एजेंसियों की मनमानी पर प्रशासन और आपूर्ति विभाग की चुप्पी से भी उपभोक्ता खासे नाराज हैं।
विज्ञापन
मैं हर महीने अपनी बुकिंग करा रहा हूं। मेरा कनेक्शन बराबर चल भी रहा है, फिर भी एजेंसी ने मेरी रीफिल सत्यापन के नाम पर बंद कर दी है। सत्यापन भी अभी पूरा नहीं किया है।
विज्ञापन