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गांव, गली और मोहल्ले में 72 टीमें तलाशेंगी टीबी के रोगी
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गांव, गली, मोहल्लों में 72 टीमें तलाशेंगी टीबी के रोगी
आज से जिले भर में चलेगा विशेष टीबी रोगी खोज अभियान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले के गांव, गली और मोहल्लों में स्वास्थ्य विभाग की टीम टीबी के रोगियों की खोज करेगी। इसके लिए आज से विशेष टीबी रोगी अभियान की शुरुआत हो रही है। इसके लिए जिले भर में 72 टीमें बनाई गई हैं। इसकी जानकारी डीटीओ डॉ.एएस वशिष्ठ ने वार्ता कर दी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य दिया है, जिसके तहत जिला क्षय रोग विभाग एक बार फिर सघन टीबी रोगी खोज अभियान में जुट गया है। 21 अक्तूबर तक यह अभियान चलेगा। अभियान में 72 टीमें होंगी और प्रत्येक टीम में तीन लोग शामिल रहेंगे। इसके तहत घर-घर जाकर टीबी मरीजों की खोज की जाएगी और मरीज मिलने पर उनका घर बैठे ही इलाज किया जाएगा। अभियान में टीमें जिले के चयनित क्षेत्र के घरों में जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी।
उन्होंने बताया कि देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य सरकार ने वर्ष 2025 निर्धारित किया है। इसको ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जिले में 10 से 21 अक्तूबर तक चलाया जाएगा। टीबी का एक मरीज 10 से 15 लोगों को संक्रमित कर देता है, इसलिए टीबी के मरीज की जल्दी पहचान होने के बाद तत्काल उसका उपचार शुरू होना जरूरी है। सघन टीबी रोगी खोज अभियान के लिए 72 टीमों के ऊपर 14 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। इस मौके पर नीरज सक्सेना, मोहम्मद अशफाक आदि मौजूद थे।
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अब हर टीबी रोगी का होगा बैंक खाता
हाथरस। टीबी के प्रत्येक रोगी के के लिए प्रति माह के हिसाब से 500 रुपये की धनराशि खान-पान के लिए दी जाती है। यह धनराशि रोगी के बैंक अकाउंट में सीधे जाएगी, लेकिन अब तक प्रत्येक रोगी का बैंक खाता नहीं होता था, लेकिन अब प्रत्येक रोगी का अपना खाता होगा। इसके लिए डाकघर में सभी टीबी रोगियों के खाते खोले जाएंगे। वर्ष 2018 के करीब 850 तो वर्ष 2019 के लगभग 750 टीबी रोगियों के डाक खाने में खाते खोले जाएंगे।
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आज से जिले भर में चलेगा विशेष टीबी रोगी खोज अभियान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले के गांव, गली और मोहल्लों में स्वास्थ्य विभाग की टीम टीबी के रोगियों की खोज करेगी। इसके लिए आज से विशेष टीबी रोगी अभियान की शुरुआत हो रही है। इसके लिए जिले भर में 72 टीमें बनाई गई हैं। इसकी जानकारी डीटीओ डॉ.एएस वशिष्ठ ने वार्ता कर दी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य दिया है, जिसके तहत जिला क्षय रोग विभाग एक बार फिर सघन टीबी रोगी खोज अभियान में जुट गया है। 21 अक्तूबर तक यह अभियान चलेगा। अभियान में 72 टीमें होंगी और प्रत्येक टीम में तीन लोग शामिल रहेंगे। इसके तहत घर-घर जाकर टीबी मरीजों की खोज की जाएगी और मरीज मिलने पर उनका घर बैठे ही इलाज किया जाएगा। अभियान में टीमें जिले के चयनित क्षेत्र के घरों में जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी।
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उन्होंने बताया कि देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य सरकार ने वर्ष 2025 निर्धारित किया है। इसको ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जिले में 10 से 21 अक्तूबर तक चलाया जाएगा। टीबी का एक मरीज 10 से 15 लोगों को संक्रमित कर देता है, इसलिए टीबी के मरीज की जल्दी पहचान होने के बाद तत्काल उसका उपचार शुरू होना जरूरी है। सघन टीबी रोगी खोज अभियान के लिए 72 टीमों के ऊपर 14 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। इस मौके पर नीरज सक्सेना, मोहम्मद अशफाक आदि मौजूद थे।
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अब हर टीबी रोगी का होगा बैंक खाता
हाथरस। टीबी के प्रत्येक रोगी के के लिए प्रति माह के हिसाब से 500 रुपये की धनराशि खान-पान के लिए दी जाती है। यह धनराशि रोगी के बैंक अकाउंट में सीधे जाएगी, लेकिन अब तक प्रत्येक रोगी का बैंक खाता नहीं होता था, लेकिन अब प्रत्येक रोगी का अपना खाता होगा। इसके लिए डाकघर में सभी टीबी रोगियों के खाते खोले जाएंगे। वर्ष 2018 के करीब 850 तो वर्ष 2019 के लगभग 750 टीबी रोगियों के डाक खाने में खाते खोले जाएंगे।