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तकनीकी उन्नयन के लिए जिले को मिला लक्ष्य
Updated Mon, 01 Oct 2018 12:46 AM IST
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फैक्ट्रियों की पुरानी मशीनें बदलने को मिलेगी मदद
क्रासर
तकनीकी उन्नयन के लिए जिले को मिला लक्ष्य
मशीनों का अपग्रेडेशन करने के लिए पहल शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम मंत्रालय की ओर से अब तकनीकी उन्नयन के लिए जिले को लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। यहां जिला उद्योग केंद्र ने इस योजना के क्रियान्वयन शुरू करने के लिए अपने कदम बढ़ा दिए हैं। तकनीकी उन्नयन के तहत फैक्ट्रियों में संचालित पुरानी मशीनों के स्वरूप बदलने की कवायद की जाएगी। इसके तहत शासन स्तर से उद्यमी को दो लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। विभाग ने इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शासन की मंशा है कि तकनीकी उन्नयन के जरिए फैक्ट्रियों में संचालित मशीनों का अपग्रेडेशन किया जाए। मशीनों की अपग्रेडेशन के बाद प्रोडक्शन, क्वालिटी आदि में निखार आए। वहीं पुरानी मशीनों से होने वाले प्रदूषण पर भी रोक लग सके। इन सब को देखते हुए शासन स्तर से तकनीकी उन्नयन की पहल की गई है। इसके तहत फैक्ट्री संचालक को अपनी पुरानी मशीन की पूरी रिपोर्ट विभाग को देनी होगी। साथ ही नई तकनीक से किस तरीके का फायदा खुद को व सरकार को होगा, इसकी भी पूरी जानकारी देनी होगी। इसके बाद पैनल कमेटी फैक्ट्री संचालक को शासन से मिलने वाले अनुदान पर अपनी मुहर लगाएगी। फिलहाल विभाग के पास एक आवेदन आ चुका है। इसे लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो बदलते दौर के साथ साथ मशीनों का अपग्रेडेशन होना बेहद जरुरी है। इसी के आधार पर ही कोई भी उत्पाद मार्केट में जमा रह सकता है। इसी को देखते हुए एमएसएमई द्वारा यह कदम उठाया गया है। जिले में सभी उद्यमियों को इसके बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि वह शासन की योजना का लाभ ले सकें।
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एमएसएमई के द्वारा तकनीकी उन्नयन की पहल की गई है। इसके तहत मशीनों के अपग्रेडेशन के लिए शासन की ओर से अनुदान दिया जा रहा है।
रितेश बंसल, सहायक प्रबंधक, डीआईसी
क्रासर
तकनीकी उन्नयन के लिए जिले को मिला लक्ष्य
मशीनों का अपग्रेडेशन करने के लिए पहल शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम मंत्रालय की ओर से अब तकनीकी उन्नयन के लिए जिले को लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। यहां जिला उद्योग केंद्र ने इस योजना के क्रियान्वयन शुरू करने के लिए अपने कदम बढ़ा दिए हैं। तकनीकी उन्नयन के तहत फैक्ट्रियों में संचालित पुरानी मशीनों के स्वरूप बदलने की कवायद की जाएगी। इसके तहत शासन स्तर से उद्यमी को दो लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। विभाग ने इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शासन की मंशा है कि तकनीकी उन्नयन के जरिए फैक्ट्रियों में संचालित मशीनों का अपग्रेडेशन किया जाए। मशीनों की अपग्रेडेशन के बाद प्रोडक्शन, क्वालिटी आदि में निखार आए। वहीं पुरानी मशीनों से होने वाले प्रदूषण पर भी रोक लग सके। इन सब को देखते हुए शासन स्तर से तकनीकी उन्नयन की पहल की गई है। इसके तहत फैक्ट्री संचालक को अपनी पुरानी मशीन की पूरी रिपोर्ट विभाग को देनी होगी। साथ ही नई तकनीक से किस तरीके का फायदा खुद को व सरकार को होगा, इसकी भी पूरी जानकारी देनी होगी। इसके बाद पैनल कमेटी फैक्ट्री संचालक को शासन से मिलने वाले अनुदान पर अपनी मुहर लगाएगी। फिलहाल विभाग के पास एक आवेदन आ चुका है। इसे लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो बदलते दौर के साथ साथ मशीनों का अपग्रेडेशन होना बेहद जरुरी है। इसी के आधार पर ही कोई भी उत्पाद मार्केट में जमा रह सकता है। इसी को देखते हुए एमएसएमई द्वारा यह कदम उठाया गया है। जिले में सभी उद्यमियों को इसके बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि वह शासन की योजना का लाभ ले सकें।
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एमएसएमई के द्वारा तकनीकी उन्नयन की पहल की गई है। इसके तहत मशीनों के अपग्रेडेशन के लिए शासन की ओर से अनुदान दिया जा रहा है।
रितेश बंसल, सहायक प्रबंधक, डीआईसी