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शव वाहन लेने से सीएमएस ने पीछे किए हाथ
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। शासन से मिले शव वाहन को सीएमएस लेने से इंकार कर रहे हैं। यह बात सीएमओ ने खुद बताते हुए कहा कि सीएमएस बिना लिखा-पढ़ी के शव वाहन देने की बात कर रहे हैं, जबकि ऐसा संभव नहीं है।
जिला अस्पताल से शव को घर तक वाहन से नि:शुल्क पहुंचाने की सरकार ने व्यवस्था की है। इसके लिए शव वाहन हर वक्त जिला अस्पताल परिसर में मौजूद रहता है। अब शासन से एक और शव वाहन जिले के लिए मिला है, जिसे सीएमओ ने जिला अस्पताल के लिए सीएमएस के पास भेजा, लेकिन जिला अस्पताल के सीएमएस ने शासन से आए शव वाहन को लेने की बात पर हाथ पीछे खींच लिए हैं।
सीएमओ डॉ. बृजेश राठौर ने बताया कि कभी-कभी दो जगहों के शव को जिला अस्पताल से लेना जाना होता है। ऐसे में शव वाहन एक होने पर दिक्कत आती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शासन से मिले शव वाहन को जिला अस्पताल भेजा गया था, लेकिन सीएमएस ने शव वाहन लेने से इंकार कर दिया। वह बिना लिखा पढ़ी के ही शव वाहन को मांग रहे हैं, जबकि ऐसा संभव नहीं है।
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हाथरस। शासन से मिले शव वाहन को सीएमएस लेने से इंकार कर रहे हैं। यह बात सीएमओ ने खुद बताते हुए कहा कि सीएमएस बिना लिखा-पढ़ी के शव वाहन देने की बात कर रहे हैं, जबकि ऐसा संभव नहीं है।
जिला अस्पताल से शव को घर तक वाहन से नि:शुल्क पहुंचाने की सरकार ने व्यवस्था की है। इसके लिए शव वाहन हर वक्त जिला अस्पताल परिसर में मौजूद रहता है। अब शासन से एक और शव वाहन जिले के लिए मिला है, जिसे सीएमओ ने जिला अस्पताल के लिए सीएमएस के पास भेजा, लेकिन जिला अस्पताल के सीएमएस ने शासन से आए शव वाहन को लेने की बात पर हाथ पीछे खींच लिए हैं।
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सीएमओ डॉ. बृजेश राठौर ने बताया कि कभी-कभी दो जगहों के शव को जिला अस्पताल से लेना जाना होता है। ऐसे में शव वाहन एक होने पर दिक्कत आती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शासन से मिले शव वाहन को जिला अस्पताल भेजा गया था, लेकिन सीएमएस ने शव वाहन लेने से इंकार कर दिया। वह बिना लिखा पढ़ी के ही शव वाहन को मांग रहे हैं, जबकि ऐसा संभव नहीं है।
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