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Hathras News: दुग्ध प्रसंस्करण फैक्टरियों में 22 घंटे चली जांच, माल सीज
Sat, 09 May 2026 02:18 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 09 May 2026 02:18 AM IST
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सलेमपुर औद्योगिक स्थान स्थित दुग्ध प्रोसेसिंग फैक्टरी। संवाद
- फोटो : Samvad
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राज्य जीएसटी मुख्यालय के निर्देश पर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा द्वारा सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित दो बड़ी दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयों पर की गई जांच 22 घंटे चली। अधिकारियों की संयुक्त टीम ने अल्फा मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड और महान मिल्क फूड्स लिमिटेड में घंटों तक जांच कर करोड़ों रुपये के करापवंचन से जुड़े अहम दस्तावेज कब्जे में ले लिए।
अल्फा मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड में बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुई जांच रात लगभग 11 बजे तक चली। महान मिल्क फूड्स लिमिटेड में जांच बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे से शुरू होकर अगले दिन शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे तक जारी रही। इस प्रकार यहां करीब 22 घंटे तक लगातार दस्तावेजों और स्टॉक की जांच की गई।
जांच के दौरान अधिकारियों ने दोनों फैक्टरियों में रखे घी, दूध पाउडर, बटर और अन्य मिल्क प्रोडक्ट्स के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। दस्तावेजों और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिलने पर करोड़ों रुपये कीमत का तैयार माल सीज कर दिया गया। सीज किए गए माल की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
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अधिकारियों ने कई कंप्यूटर सिस्टम, हार्ड डिस्क, बिल बुक, कच्चे पर्चे और परिवहन से जुड़े अभिलेख भी कब्जे में लिए हैं। जांच टीम डिजिटल रिकॉर्ड के जरिये खरीद और बिक्री के आंकड़ों का मिलान कर रही है। सूत्रों के अनुसार जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद कर चोरी की वास्तविक राशि सामने आ सकेगी।
60 अधिकारियों की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई राज्य जीएसटी मुख्यालय के निर्देश पर की गई इस जांच में विशेष अनुसंधान शाखा मथुरा और अलीगढ़ की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। हाथरस, अलीगढ़, मथुरा, कासगंज, एटा के करीब 60 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। मौके पर एडीशनल कमिश्नर ग्रेड-01 आरपी मल्ल और एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-02 अनिल कुमार राम त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
प्रदेश से बाहर बिक्री दिखाकर करापवंचन के मिले सबूत
जांच में सामने आया है कि कुल उत्पादन का 90 प्रतिशत से अधिक माल प्रदेश से बाहर भेजा जाना दर्शाया जाता था, जबकि वास्तविक आपूर्ति प्रदेश के भीतर ही की जा रही थी। अधिकारियों को दूध खरीद के आंकड़ों में भी भारी गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। विभाग अब परिवहन दस्तावेजों, ई-वे बिल और टैक्स रिटर्न का मिलान कर रहा है। जब्त किए गए कई दस्तावेजों की जांच के बाद कर चोरी का आंकलन किया जाएगा और कर की मांग तैयार की जाएगी।
राजनीतिक संरक्षण की चर्चाएं भी तेज
औद्योगिक क्षेत्र में इस कार्रवाई के बाद यह चर्चा भी तेज रही कि लंबे समय से बड़े स्तर पर कारोबार होने के बावजूद विभागीय स्तर पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। कारोबारी जगत में यह भी चर्चा रही कि उच्च स्तर के निर्देश के बाद ही विशेष अनुसंधान शाखा को कार्रवाई के लिए भेजा गया। चर्चा है कि फर्म के तार एक अन्य प्रदेश के बड़े राजनीतिज्ञों से जुड़े हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
सलेमपुर क्षेत्र की दुग्ध प्रसंस्करण फैक्टरियों पर कार्रवाई की गई है। यहां से कई दस्तावेज व डिजीटल डिवाइस जब्त की गईं हैं। यहां बड़े स्तर का कर अपवंचन सामने आया है। मौके पर करोड़ों रुपये का माल सीज कर दिया गया है।
-अनिल कुमार राम त्रिपाठी, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-02, अलीगढ़।
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अल्फा मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड में बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुई जांच रात लगभग 11 बजे तक चली। महान मिल्क फूड्स लिमिटेड में जांच बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे से शुरू होकर अगले दिन शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे तक जारी रही। इस प्रकार यहां करीब 22 घंटे तक लगातार दस्तावेजों और स्टॉक की जांच की गई।
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जांच के दौरान अधिकारियों ने दोनों फैक्टरियों में रखे घी, दूध पाउडर, बटर और अन्य मिल्क प्रोडक्ट्स के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। दस्तावेजों और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिलने पर करोड़ों रुपये कीमत का तैयार माल सीज कर दिया गया। सीज किए गए माल की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
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अधिकारियों ने कई कंप्यूटर सिस्टम, हार्ड डिस्क, बिल बुक, कच्चे पर्चे और परिवहन से जुड़े अभिलेख भी कब्जे में लिए हैं। जांच टीम डिजिटल रिकॉर्ड के जरिये खरीद और बिक्री के आंकड़ों का मिलान कर रही है। सूत्रों के अनुसार जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद कर चोरी की वास्तविक राशि सामने आ सकेगी।
60 अधिकारियों की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई राज्य जीएसटी मुख्यालय के निर्देश पर की गई इस जांच में विशेष अनुसंधान शाखा मथुरा और अलीगढ़ की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। हाथरस, अलीगढ़, मथुरा, कासगंज, एटा के करीब 60 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। मौके पर एडीशनल कमिश्नर ग्रेड-01 आरपी मल्ल और एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-02 अनिल कुमार राम त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
प्रदेश से बाहर बिक्री दिखाकर करापवंचन के मिले सबूत
जांच में सामने आया है कि कुल उत्पादन का 90 प्रतिशत से अधिक माल प्रदेश से बाहर भेजा जाना दर्शाया जाता था, जबकि वास्तविक आपूर्ति प्रदेश के भीतर ही की जा रही थी। अधिकारियों को दूध खरीद के आंकड़ों में भी भारी गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। विभाग अब परिवहन दस्तावेजों, ई-वे बिल और टैक्स रिटर्न का मिलान कर रहा है। जब्त किए गए कई दस्तावेजों की जांच के बाद कर चोरी का आंकलन किया जाएगा और कर की मांग तैयार की जाएगी।
राजनीतिक संरक्षण की चर्चाएं भी तेज
औद्योगिक क्षेत्र में इस कार्रवाई के बाद यह चर्चा भी तेज रही कि लंबे समय से बड़े स्तर पर कारोबार होने के बावजूद विभागीय स्तर पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। कारोबारी जगत में यह भी चर्चा रही कि उच्च स्तर के निर्देश के बाद ही विशेष अनुसंधान शाखा को कार्रवाई के लिए भेजा गया। चर्चा है कि फर्म के तार एक अन्य प्रदेश के बड़े राजनीतिज्ञों से जुड़े हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
सलेमपुर क्षेत्र की दुग्ध प्रसंस्करण फैक्टरियों पर कार्रवाई की गई है। यहां से कई दस्तावेज व डिजीटल डिवाइस जब्त की गईं हैं। यहां बड़े स्तर का कर अपवंचन सामने आया है। मौके पर करोड़ों रुपये का माल सीज कर दिया गया है।
-अनिल कुमार राम त्रिपाठी, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-02, अलीगढ़।