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ओडीएफ प्लस बनाने के लिए गांव जटोई का चयन
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:53 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
सूबे में गांवों के ओडीएफ घोषित होने के साथ साथ ही गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किए जाने के लिए शासन स्तर से विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए है। शासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि उन गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किया जाएगा, जो गांव ओडीएफ घोषित किए जा चुके है। यहां जिला पंचायत राज विभाग की ओर से मुरसान ब्लॉक के गांव जटोई को ओडीएफ प्लस बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
इस गांव का नाम शासन को भेजा जा चुका है। इस गांव में स्वच्छता को लेकर विशेष ध्यान दिया जाएगा। गांव जटोई के प्रत्येक घर के बाहर दो-दो कूड़ेदान का प्रबंध विभाग की ओर से किया जाएगा। ग्रामीणों को घर का कूड़ा उसी कूड़ेदान में डालने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस गांव में 50 सेप्टिक टैंकों को शोकता गड्ढों में तब्दील किया जाना है।
विभागीय अधिकारियों के द्वारा डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस डीपीआर के जरिए इस गांव में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विभागीय कर्मचारियों को ट्रेनिंग देकर गांवों में भेजा जाएगा। जिससे कि वह ग्रामीणों को स्वच्छता बनाने के बारे में जागरूक कर सकेंगे।
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सूबे में गांवों के ओडीएफ घोषित होने के साथ साथ ही गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किए जाने के लिए शासन स्तर से विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए है। शासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि उन गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किया जाएगा, जो गांव ओडीएफ घोषित किए जा चुके है। यहां जिला पंचायत राज विभाग की ओर से मुरसान ब्लॉक के गांव जटोई को ओडीएफ प्लस बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
इस गांव का नाम शासन को भेजा जा चुका है। इस गांव में स्वच्छता को लेकर विशेष ध्यान दिया जाएगा। गांव जटोई के प्रत्येक घर के बाहर दो-दो कूड़ेदान का प्रबंध विभाग की ओर से किया जाएगा। ग्रामीणों को घर का कूड़ा उसी कूड़ेदान में डालने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस गांव में 50 सेप्टिक टैंकों को शोकता गड्ढों में तब्दील किया जाना है।
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विभागीय अधिकारियों के द्वारा डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस डीपीआर के जरिए इस गांव में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विभागीय कर्मचारियों को ट्रेनिंग देकर गांवों में भेजा जाएगा। जिससे कि वह ग्रामीणों को स्वच्छता बनाने के बारे में जागरूक कर सकेंगे।
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