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फिर त्रिलोकी के हाथ का लोगों ने नहीं दिया साथ
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लोकसभा चुनाव में फिर त्रिलोकी के हाथ का लोगों ने साथ दिया। दशकों बाद फिर कांग्रेस पार्टी चंद वोटों में सिमट गई। पार्टी प्रत्याशी ने पार्टी के पदाधिकारियों पर हार का ठीकरा फोड़ा है। उल्लेखनीय है कि संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस की हालत 30 साल से पतली है।
हर बार चुनाव में नेता जीत की जुगत लगाते हैं, लेकिन निराशा हाथ लगती हैं। बीते दिनों प्रदेश नेतृत्व के नेताओं ने पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोली है। कांग्रेस ने त्रिलोकीराम दिवाकर को हाथरस लोकसभा से प्रत्याशी बनाया गया। 23 हजार 926 वोट ही मिले। इस बार भी जीत भाजपा के खाते में गई राजवीर दिलेर ने जीत हासिल की।
कांग्रेस प्रत्याशी संगठन के पदाधिकारियों पर हार का ठीकरा फोड़ रहे हैं। माना यह भी जा रहा है कि संगठन में फेरबदल भी हो सकता है। इस मामले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित का कहना है कि पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता ने समर्थन दिया है। प्रत्याशी एसी कमरे से नहीं निकले हैं। सादाबाद, सहपऊ सासनी आदि जगह प्रचार ही नहीं किया। मैंने तो इस बारे में पहले ही आलाकमान को अवगत करा दिया था।
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लोकसभा चुनाव में फिर त्रिलोकी के हाथ का लोगों ने साथ दिया। दशकों बाद फिर कांग्रेस पार्टी चंद वोटों में सिमट गई। पार्टी प्रत्याशी ने पार्टी के पदाधिकारियों पर हार का ठीकरा फोड़ा है। उल्लेखनीय है कि संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस की हालत 30 साल से पतली है।
हर बार चुनाव में नेता जीत की जुगत लगाते हैं, लेकिन निराशा हाथ लगती हैं। बीते दिनों प्रदेश नेतृत्व के नेताओं ने पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोली है। कांग्रेस ने त्रिलोकीराम दिवाकर को हाथरस लोकसभा से प्रत्याशी बनाया गया। 23 हजार 926 वोट ही मिले। इस बार भी जीत भाजपा के खाते में गई राजवीर दिलेर ने जीत हासिल की।
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कांग्रेस प्रत्याशी संगठन के पदाधिकारियों पर हार का ठीकरा फोड़ रहे हैं। माना यह भी जा रहा है कि संगठन में फेरबदल भी हो सकता है। इस मामले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित का कहना है कि पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता ने समर्थन दिया है। प्रत्याशी एसी कमरे से नहीं निकले हैं। सादाबाद, सहपऊ सासनी आदि जगह प्रचार ही नहीं किया। मैंने तो इस बारे में पहले ही आलाकमान को अवगत करा दिया था।
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