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फर्जी टिकट कांड में कार्रवाई के साथ रोडवेज की इनकम घटी
Updated Fri, 05 Oct 2018 12:25 AM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। फर्जी टिकट कांड में कार्रवाई से रोडवेज की आमदनी में गिरावट आई है। अब तक हाथरस डिपो के एआरएम सहित 18 कर्मियों पर कार्रवाई हुई है। मुख्यालय के प्रवर्तन दल ने गुरुवार को एआरएम का निलंबन पत्र कार्यालय में दिया। डिपो में चर्चाओं का बजार गर्म है।
बता दें कि अगस्त माह के अंत में एसटीएफ ने रोडवेज बसों में फर्जी टिकट गिरोह का पर्दाफाश किया। इसके साथ गिरोह के सरगना सहित तमाम कर्मियों को गिरफ्तार किया गया। उसके बाद चालक-परिचालकों पर कार्रवाई करते हुए संविदा समाप्त की गई।
आमदनी में आई गिरावट
फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा होने के साथ हाथरस डिपो की बसों के डगर भरने में अंतर आ गया। प्रतिदिन करीब तीन हजार किलोमीटर बसें कम चलीं। इस कारण डिपो को राजस्व कम हासिल हुआ।
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कर्मियों की कमी, कैसे दौड़ें बसें
फर्जी टिकट कांड खुलने के बाद 14 संविदा चालक-परिचालकों के अलावा तीन नियमित कर्मियों पर कार्रवाई करते हुए एआरएम का निलंबन कर दिया। चालक-परिचालकों की कमी से बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। गुरुवार को एक दर्जन से अधिक बसों का संचालन नहीं हुआ। इन दिनों डिपो में 22 चालक व 30 परिचालकों की आवश्यकता है। एक परिचालक की नियुक्ति के लिए कम से कम छह माह का समय लगात है। मुख्यालय से अनुमति के परिचालकों की भर्ती होती है। कानपुर में टेस्ट होता है। सत्यापन कराने से ट्रेनिंग तक छह माह का समय लगता है।
एआरएम का निलंबन पत्र पहुंचा कार्यालय
फर्जी टिकट मामले में हाथरस डिपो के एआरएम जीएस शर्मा को निलंबित कर दिया। गुरुवार को निलंबन पत्र लेकर मुख्यालय के प्रवर्तन दल की टीम हाथरस डिपो आई। कार्यालय में पटल पर बाबू को पत्र प्राप्त कराया। अब डिपो के कर्मियों की नए एआरएम की तैनाती पर निगाह टिकी हुई है।
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हाथरस। फर्जी टिकट कांड में कार्रवाई से रोडवेज की आमदनी में गिरावट आई है। अब तक हाथरस डिपो के एआरएम सहित 18 कर्मियों पर कार्रवाई हुई है। मुख्यालय के प्रवर्तन दल ने गुरुवार को एआरएम का निलंबन पत्र कार्यालय में दिया। डिपो में चर्चाओं का बजार गर्म है।
बता दें कि अगस्त माह के अंत में एसटीएफ ने रोडवेज बसों में फर्जी टिकट गिरोह का पर्दाफाश किया। इसके साथ गिरोह के सरगना सहित तमाम कर्मियों को गिरफ्तार किया गया। उसके बाद चालक-परिचालकों पर कार्रवाई करते हुए संविदा समाप्त की गई।
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आमदनी में आई गिरावट
फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा होने के साथ हाथरस डिपो की बसों के डगर भरने में अंतर आ गया। प्रतिदिन करीब तीन हजार किलोमीटर बसें कम चलीं। इस कारण डिपो को राजस्व कम हासिल हुआ।
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कर्मियों की कमी, कैसे दौड़ें बसें
फर्जी टिकट कांड खुलने के बाद 14 संविदा चालक-परिचालकों के अलावा तीन नियमित कर्मियों पर कार्रवाई करते हुए एआरएम का निलंबन कर दिया। चालक-परिचालकों की कमी से बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। गुरुवार को एक दर्जन से अधिक बसों का संचालन नहीं हुआ। इन दिनों डिपो में 22 चालक व 30 परिचालकों की आवश्यकता है। एक परिचालक की नियुक्ति के लिए कम से कम छह माह का समय लगात है। मुख्यालय से अनुमति के परिचालकों की भर्ती होती है। कानपुर में टेस्ट होता है। सत्यापन कराने से ट्रेनिंग तक छह माह का समय लगता है।
एआरएम का निलंबन पत्र पहुंचा कार्यालय
फर्जी टिकट मामले में हाथरस डिपो के एआरएम जीएस शर्मा को निलंबित कर दिया। गुरुवार को निलंबन पत्र लेकर मुख्यालय के प्रवर्तन दल की टीम हाथरस डिपो आई। कार्यालय में पटल पर बाबू को पत्र प्राप्त कराया। अब डिपो के कर्मियों की नए एआरएम की तैनाती पर निगाह टिकी हुई है।