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Hathras News: दिमागी बुखार रोकने को मिलकर काम करेंगे 11 विभाग
Sat, 04 Apr 2026 01:49 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 04 Apr 2026 01:49 AM IST
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बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की कतार। संवाद
- फोटो : Samvad
प्रदेश में दिमागी बुखार (इन्सेफेलाइटिस), वेक्टर जनित रोगों और जल जनित बीमारियों पर लगाम लगाने के लिए शासन ने कमर कस ली है। संचारी रोगों की रोकथाम के लिए अप्रैल माह से विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 11 विभागों की मदद ली जाएगी। इनका नोडल स्वास्थ्य विभाग को बनाया गया है। अभियान का मुख्य फोकस दिमागी बुखार पर रहेगा।
शहरी और ग्रामीण इलाकों में दिमागी बुखार और संचारी रोगों के मामलों की निरंतर निगरानी की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमें केसों की ट्रैकिंग कर समय पर इलाज सुनिश्चित करेंगी। इसके लिए फ्रंट लाइन वर्कर्स यानी आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा।
इस दौरान लक्षण युक्त व्यक्तियों की सूची तैयार की जाएगी और संदिग्ध मरीजों की भी जांच कराई जाएगी। गंभीर रोगियों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस और रोगी वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि बचाव पर भी फोकस किया गया है। भीषण गर्मी के मद्देनजर ''हीट रिलेटेड इलनेस'' (लू और तापघात) से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा। लोगों को व्यवहार परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई रखने जैसी आदतों को अपना सकें।
वेक्टर डेंसिटी और फॉगिंग : मलेरिया विभाग के कर्मचारी मच्छरों के घनत्व का आंकलन करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन के स्रोतों को खत्म करने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार फॉगिंग और लार्वानाशक गतिविधियों को अंजाम दिया जाएगा।
इन विभागों को मिलकर करना होगा काम
स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर विकास, पंचायतराज, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, ग्राम्य विकास, कृषि, सिंचाई, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, पशुपालन विभाग, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, राज्य कर, नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उद्यान और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को मिलकर काम करना होगा। इन सबको शासन ने दायित्व दिए हैं।
दिमागी बुखार व अन्य संचारी रोगों को रोकने के लिए वृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। अन्य विभागों की मदद से गांव-गांव जागरूकता अभियान चलेगा व मरीजों को चिह्नित किया जाएगा।
-डॉ. राजीव गुप्ता, एसीएमओ
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शहरी और ग्रामीण इलाकों में दिमागी बुखार और संचारी रोगों के मामलों की निरंतर निगरानी की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमें केसों की ट्रैकिंग कर समय पर इलाज सुनिश्चित करेंगी। इसके लिए फ्रंट लाइन वर्कर्स यानी आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा।
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इस दौरान लक्षण युक्त व्यक्तियों की सूची तैयार की जाएगी और संदिग्ध मरीजों की भी जांच कराई जाएगी। गंभीर रोगियों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस और रोगी वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि बचाव पर भी फोकस किया गया है। भीषण गर्मी के मद्देनजर ''हीट रिलेटेड इलनेस'' (लू और तापघात) से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा। लोगों को व्यवहार परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई रखने जैसी आदतों को अपना सकें।
वेक्टर डेंसिटी और फॉगिंग : मलेरिया विभाग के कर्मचारी मच्छरों के घनत्व का आंकलन करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन के स्रोतों को खत्म करने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार फॉगिंग और लार्वानाशक गतिविधियों को अंजाम दिया जाएगा।
इन विभागों को मिलकर करना होगा काम
स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर विकास, पंचायतराज, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, ग्राम्य विकास, कृषि, सिंचाई, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, पशुपालन विभाग, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, राज्य कर, नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उद्यान और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को मिलकर काम करना होगा। इन सबको शासन ने दायित्व दिए हैं।
दिमागी बुखार व अन्य संचारी रोगों को रोकने के लिए वृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। अन्य विभागों की मदद से गांव-गांव जागरूकता अभियान चलेगा व मरीजों को चिह्नित किया जाएगा।
-डॉ. राजीव गुप्ता, एसीएमओ