फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   10 people from Hathras lost their lives in Jammu bus accident

Jammu Bus Accident: हाथरस के 10 लोगों ने गंवाईं जान, ट्रेन से 1 जून को लाए जाएंगे शव और घायल

Sat, 01 Jun 2024 01:56 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 01 Jun 2024 01:56 AM IST
सार

जम्मू में बस हादसे की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद से गांव नगला उदय सिंह व मझोला गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। प्रशासन लगातार जम्मू प्रशासन से संपर्क साधे हुआ है।  दूसरी ओर से कलेक्ट्रेट में बनाए गए नियंत्रण कक्ष में फोन बजते रहे हैं।

विज्ञापन
10 people from Hathras lost their lives in Jammu bus accident
नहीं रूक रहे आंसू, विलाप करते राहुल के पिता लटूरी सिंह - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू के अखनूर में हुए बस हादसे में मरने वाले 22 लोगों में दो और की पहचान हाथरस निवासी ऋषिपाल और जयप्रकाश के रूप में हुई है। हादसे में हाथरस के 10 और अलीगढ़ के 12 लोगों की मौत हुई है। दोनों गांवों में पुलिस व प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। ग्रामीण पूरे दिन जम्मू में पहुंचे अपने परिचितों से घायलों के हाल की जानकारी लेते रहे।

विज्ञापन


जम्मू में बस हादसे की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद से गांव नगला उदय सिंह व मझोला गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। प्रशासन लगातार जम्मू प्रशासन से संपर्क साधे हुआ है।  दूसरी ओर से कलेक्ट्रेट में बनाए गए नियंत्रण कक्ष में फोन बजते रहे हैं। जो दूसरी बस जम्मू के लिए गई हैं, उनके परिवारीजन अपनों के बारे में जानकारी जुटाते रहे हैं। इस हादसे में प्रशासन ने जिले के दोनों गांवों के 10 लोगों की मौत की पुष्टि की है। कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। । हादसे की खबर के बाद यहां दोनों गांवों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। गांवों के बाहर व मुख्य चौक पर ग्रामीण चारपाई डालकर इस घटना को लेकर ही वार्ता कर रहे हैं। 
विज्ञापन


ये है मृतकों की सूची 

  1. रनवीर सिंह पुत्र गिर्राज सिंह - मझोला
  2. रेनू पत्नी योगवीर सिंह - मझोला
  3. धर्मवती पत्नी राधेश्याम - नगला उदय सिंह
  4. प्राची पुत्री जितेंद्र - मझोला
  5. जयप्रकाश पुत्र भूरी सिंह - मझोला
  6. ऋषिपाल पुत्र मान सिंह - नगला उदय सिंह
  7. वीरपाल पुत्र प्रभु सिंह - नगला उदय सिंह 
  8. राहुल पुत्र लटूरी सिंह - मझोला
  9. यश पुत्र विजय सिंह - नगला उदय सिंह
  10. रज्जो देवी पत्नी राजकुमार - नगला उदय सिंह
Trending Videos

ट्रेन से आज शवों और घायलों को लाया जाएगा हाथरस

जम्मू में हुए भीषण हादसे के बाद 31 मई को जिला प्रशासन की टीम जम्मू पहुंच गई। यहां इस टीम ने कई भागों में बंटकर राहत कार्य शुरू कर दिया है। एक टीम जम्मू से 31 मई रात चलने वाली झेलम एक्सप्रेस से शवों व घायलों लेकर हाथरस आएगी। दूसरी टीम गम्भीर रूप से घायलों के इलाज आदि की व्यवस्था को मौके पर ही रुकी रहेगी। जम्मू में हुए भीषण बस हादसे के तुरंत बाद से ही जिला प्रशासन की टीम सतर्क है। इसी का परिणाम है कि जिला प्रशासन की टीम ने तमाम जिम्मेदारियों को अपने हाथ में ले लिया है। 31 मई को जम्मू पहुंची टीम ने यहां से शवों व घटना में घायल हुए लोगों व उनके परिजनों को हाथरस लाने की व्यवस्था की। इसके लिए जम्मू से दो बोगियों को बुक किया गया है। ये बोगियां 31 मई की रात 23:40 बजे चलने वाली झेलम एक्सप्रेस के साथ मथुरा तक आएंगी।
जम्मू हादसा
हादसे में देवरानी व जेठानी की गई जान 
जम्मू हादसे में नगला उदय सिंह निवासी रज्जो पत्नी राजकुमार व धर्मवती पत्नी राधेश्याम की मौत हुई है। यह दोनों एक ही परिवार की देवरानी व जेठानी हैं। एक ही परिवार की दो महिलाओं की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है।

देवर-भाभी की मौत से परिवार में मचा कोहराम
जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित अखनूर में बृहस्पतिवार को हुए भीषण बस हादसे में मरने वाले श्रद्धालुओं में हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव मझोला निवासी एक ही परिवार के देवर और भाभी शामिल थे। देवर-भाभी की मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव मझोला निवासी रनवीर और योगवीर पुत्रगण गिर्राज सिंह भी बीते 28 मई को तीर्थ यात्रा के लिए हाथरस रवाना हुए थे। बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग जम्मू-पुंछ स्थित अखनूर में हादसे का शिकार हुई बस में यह भी सवार थे। इस बस में योगवीर की पत्नी रेनू भी साथ में थी। हादसे में रनवीर पुत्र गिर्राज व रेनू पत्नी योगवीर की मौत की सूचना है। देवर और भाभी की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। एक साथ परिवार के दो सदस्यों की हादसे में मौत होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

एक साल बाद करूंगा इसकी शादी...
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक जयप्रकाश (55) पुत्र भूरी सिंह हलवाई का कार्य करते थे, हर साल वैष्णो देवी के लिए दर्शन करने जाते थे और साथ जाने वाले लोगों के लिए खाना भी बनाते थे। इस बार छोटी बेटी सावित्री को साथ लेकर गए थे, पत्नी ने मना किया तो बोले कि एक साल बाद इसकी शादी कर दूंगा, घूम आएगी। सावित्री ने ही हादसे और उसमें पिता की मौत होने की जानकारी दी। जाते समय जयप्रकाश ने पत्नी राजकुमारी से कहा था कि तू अपना और बच्चों का ध्यान रखना, किसी से लड़ना झगड़ना नहीं। 11 दिन बाद लौटकर आऊंगा। अब घर में मातम का माहौल है। पत्नी पति के कहे शब्दों को दोहराते हुए बेसुध हो रही है। 

विज्ञापन

मेरे बच्चे शरारती है, इनका ख्याल रखना

गांव मझोला की रहने वाली भावना अपने बेटी प्राची के साथ दर्शन के लिए गई थी। इस हादसे में प्राची की मौत हो गई है, भावना की हालत गंभीर है। ग्रामीणों ने बताया कि भावना अपने परिवार के लोगों से कह कर गई थी और अपने बच्चों की परिवार के लोगों के जिम्मेदारी देकर गई थी, मेरे बच्चे शरारती हैं इनका ध्यान रखना। ग्रामीणों ने बताया कि भावना के पति जितेंद्र कुमार घटना की सूचना प्राप्त होने पर दिल्ली पहुंच गए थे, परिवार के लोगों ने कहा  कि तुम वापस आ जाओ तो वह गांव वापस आ गए लेकिन फिर से शुक्रवार की सुबह गांव से चार पहिया वाहन से पत्नी व बच्ची को देखने के लिए जम्मू कश्मीर के लिए निकल गए। हां हादसे में प्राची की मौत की खबर मिलते ही पिता जितेंद्र का हाल बेहाल है।
जम्मू हादसा
बेटी गर्भवती है, इसलिए नहीं दी मां के मरने की जानकारी
हादसे में नगला उदय सिंह निवासी धर्मवती की भी मौत हुई है। धर्मवती बेटी गीता की फिलहाल में ही शादी हुई है। बेटी गीता की शादी जहांगीरपुर से हुई है। फिलहाल गर्भवती होने के चलते बेटी गांव उदय सिंह में मायके में आकर रह रही है, क्योंकि बेटी का पति सेना में है। बेटी की तबीयत न बिगड़े, इसलिए मां की मौत की खबर ग्रामीणों द्वारा नहीं दी गई है। संवाद

मां की देखभाल के लिए गया था बेटा, अब खुद ही लाचार  
धर्मवती अपने साथ अपने बेटे अर्जुन सिंह को यात्रा पर लेकर गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि हालांकि अर्जुन सिंह ने यात्रा पर जाने से मना किया था, लेकिन मां के यह कहने पर कि बेटा साथ होगा तो यात्रा में सहारा मिलेगा, इस बात पर अर्जुन सिंह अपनी मां के साथ चला गया। इस हादसे में मां का सहारा बनने गया बेटा अर्जुन सिंह के गंभीर चोट आई है, पैर टूट गया है।

मां से कहकर गया था राहुल, पिता से झगड़ा मत करना... 
लटूरी सिंह का कहना है कि मेरा बेटा राहुल मेहनत-मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता था और जिम्मेदारी से काम करता था। मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है तो मुझसे कहता है कि पिताजी तुम घर पर ही रहो तुम काम करने मत जाओ, मैं ही काम करने जाता हूं और मैं जिम्मेदारी उठा रहा हूं। आप चिंता मत करो। मां से कहकर गया था कि पिता जी से लड़ना-झगड़ना मत। अब रो-रोकर पिता का बुरा हाल है। राहुल से छोटा भाई विक्रम सिंह 12 वर्ष का है। घर की पूरी जिम्मेदारी राहुल (20) पर ही थी। राहुल की मां भूरिया का कहना है कि खाना-पीना बनाकर मैने अपने बेटे राहुल को दिया था। जाते समय उसने कहा था कि वह 11 दिन बाद लौट आएगा, चिंता की कोई बात नहीं है। राहुल चेन्नई में राजू के यहां काम करता था। वह फोन पर राजू से कहकर गया था कि लौटकर आऊंगा तो तुम्हारा काम पूरा करा दूंगा। 

कहकर गए थे रनवीर, लौटने पर बेटी के लिए देखूंगा लड़का
सरोज देवी ने अपने पति रनवीर सिंह को पूरे रीति रिवाज के साथ यात्रा के लिए विदा किया था। यह बताते हुए रनवीर सिंह की पत्नी सरोज देवी फफक पड़ीं। उन्होंने कहा कि जिस समय वह पति को विदा कर रही थीं, तभी मोहल्ले में एक कुत्ता आया और कान फड़फड़ाने लगा। उन्होंने पति से कहा कि तुम मत जाओ, समय कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पति ने कहा कि कुछ ऐसा नहीं है, सब ठीक है, माता रानी के दर्शन करने जा रहा हूं। उसके बाद में अपनी बड़ी बेटी रेनू के लिए लड़का देखने जाऊंगा। जाते समय बच्चों को रुपये दिए और गांव के बाहर तक सभी मोहल्ले की महिलाएं इकट्ठी होकर विदा करने गईं। उनकी देवरानी रेनू, देवर योगवीर सिंह और उनका छोटा पुत्र यश भी माता रानी के दर्शन के लिए निकले थे। सरोज देवी रो-रोकर कह रही थीं कि अब मेरी बेटियों की शादी कैसे होगी और मेरा क्या होगा।                                                    

विज्ञापन

ग्रामीणों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए पहुंची टीम

जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित अखनूर में बृहस्पतिवार की दोपहर को हुए बस हादसे में मुरसान क्षेत्र के गांव नगला उदय सिंह व गांव मझोला के दस श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है। गंभीर रूप से घायल कई श्रद्धालु जम्मू के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। मृतकों के घर पर चीख-पुकार मची हुई है। ऐसे में किसी की तबीयत न बिगड़े, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनजीत सिंह ने दोनों गांवों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरसान और महौ से चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की टीम भेजी है। टीम मृतकों के परिजनों के स्वास्थ्य पर नजर रख रही है।
जम्मू हादसा
नहीं पता, गांव मझोला से कितने लोग गए थे यात्रा पर
 जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित अखनूर में हादसे का शिकार हुई बस में हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव मझोला के कितने श्रद्धालु सवार थे, इस लेकर अभी संशय बरकार है। हादसे के दो दिन बाद भी ग्रामीण यह बताने की स्थिति में नहीं है कि आखिर गांव से कितने लोग इस बस से तीर्थ यात्रा पर गए थे। 

बस में लगभग 90 श्रद्धालुओं के सवार होने की बात कही जा रही है। बस में सवार श्रद्धालुओं में मुरसान क्षेत्र के गांव नगला उदय सिंह, कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव मझोला, अलीगढ़ जिले के इगलास कोतवाली क्षेत्र के गांव नाया व मथुरा जिले के श्रद्धालु शामिल थे। इनमें हाथरस जिले के 10 श्रद्धालुओं की मौत की अभी तक पुष्टि हो चुकी है। गांव मझोला में जब इसे लेकर ग्रामीणों से बात की गई तो वह गांव से जाने वाले 10 श्रद्धालुओं के नाम तो बता रहे थे, लेकिन गांव के अन्य लोग 10 से ज्यादा लोगों के तीर्थ यात्रा पर जाने की बात कह रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि 15 से 16 लोग इस गांव से तीर्थ यात्रा के लिए रवाना हुआ थे। हादसे के बाद घायल हुए श्रद्धालुओं से ग्रामीणों का अभी तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है। यहीं वजह है कि अभी तक गांव से जाने वाले श्रद्धालुओं की सही संख्या मालूम नहीं हो पा रही है।

सोशल मीडिया पर वीडियो देख पता चला घटना के बारे 
गांव नगला उदय सिंह में महिलाओं को हादसे में हुई मौत की खबर से अनजान रखा जा रहा था। अचानक शुक्रवार की शाम को बच्चे ने अपने मोबाइल पर जम्मू हादसे की खबर को देखा और उसमें अपने गांव के लोगों के घायल होने व मरने की बात को सुना। जैसे ही उसने इस वीडियो को देखा तो बच्चे ने अपने घर पहुंचकर घर में मौजूद मां, बहन को यह वीडियो दिखा दिया। इस वीडियो के देखते हुए नगला उदय सिंह के घरों में कोहराम मच गया। महिलाओं को रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों ने महिलाओं को तमाम समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था।

माता-पिता का आशीर्वाद लेकर दादा की गोद में बैठा यश
पुरानी कहावत है कि बाप को अपने बेटे से ज्यादा, बेटे के बेटे से मोह होता है। शायद यही वजह है कि दादा की गोद में बैठकर जाने की जिद करने पर यश को वह अपने साथ ले गए। जाने से पहले यश माता-पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लेकर गया था। हादसे में दोनों की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि वीरपाल ने 28 मई को जाने से पूर्व 11  वर्षीय नाती यश को बाजार से जाकर नए -नए कपड़े दिलवाए और अपने साथ बस में लेकर गए। उसके मां-बाप को क्या पता था कि अब वह उसे दोबारा आशीर्वाद नहीं दे पाएंगे।  वीरपाल के पुत्र विजय सिंह के दो संताने हैं। एक बड़ी बेटी खुशी है, और एक बेटा यश था।अभी इस हादसे के बारे में मां को कोई जानकारी नहीं दी गई है। 

29 मई को कुरुक्षेत्र से हुई थी आखिरी बार बात, फिर 30 को आई हादसे की खबर 
ग्रामीणों ने बताया कि 28 मई को बस यहां से निकली थी। बस 29 मई को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पहुंची थी। बस के कुरुक्षेत्र में पहुंचने के बाद यहां ग्रामीणों को बस से उतारा गया था। इस दौरान फोन कॉल के जरिए आपस में सभी बात हुई थी, इसके बाद 30 मई को किसी भी से वार्ता नहीं हुई। 30 मई को तो सीधे हादसे की खबर ही आई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed