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सेना की वर्दी पहनने को युवा बेकरार
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पिहानी। मुल्क की हिफाजत में स्वयं को समर्पित करने का अरमान पूरा न हो पाने पर भी संदीप का जज्बा कमजोर नहीं पड़ा है। एक हादसे के बाद अपनी तमन्ना पूरी नहीं हो पाने पर कस्बे के संदीप अब नौजवानों को सेना और पुलिस की निशुल्क तैयारी करवा रहे हैं।
स्टेडियम में व्याप्त अव्यवस्थाएं तैयारी कर रहे युवाओं की राह में रुकावट बन रही हैं। इसके बाद भी वह तैयारियों से मुंह नहीं मोड़ रहे हैं। पिहानी कस्बे के मोहल्ला मीरसराय निवासी संदीप कुमार पिहानी-संतरहा मार्ग पर स्थित मिनी स्टेडियम में क्षेत्र के तकरीबन एक सैकड़ा युवाओं को सेना और पुलिस की निशुल्क तैयारी करवाते हैं।
इनमें तकरीबन 40 लड़कियां हैं। संदीप के मुताबिक, उनकी तमन्ना भी सेना में जाने की थी। उन्होंने कई वर्ष तक सीतापुर से तैयारी भी की थी। अचानक एक हादसे में उनके हाथ में फ़्रैक्चर हो गया, जिससे उन्हें इरादा बदलना पड़ा।
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वह अब दवा का व्यवसाय करने लगे, लेकिन दिल में देश सेवा का जज्बा कायम रहा, जिसके चलते स्थानीय युवाओं को सेना और पुलिस के लिए तैयार करने का इरादा किया।
संतरहा रोड पर स्थित मिनी स्टेडियम में झाड़ियां हटवाकर उन्होंने खुद के खर्चे से ट्रैक तो बनवा लिया, लेकिन अन्य व्यवस्थाएं नहीं होने से इस कार्य में कठिनाई होती है।
स्टेडियम में ओपन जिम की व्यवस्था थी, पर यह बद इंतजामी की भेंट चढ़ गई। इसके अलावा तैयारी के लिए जरूरी पुल अप बार युवाओं ने स्वयं लकड़ी और रस्सी से तैयार किया है।
इन सब के बीच स्टेडियम में प्रकाश और बालिकाओं के लिए अलग रूम की व्यवस्था चाहिए, पर जिम्मेदार इस तरफ पलट कर नहीं देखते, जिससे उन्हें इन्हीं अभावों के बीच तैयारी करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
16 वर्ष पहले बना था मिनी स्टेडियम
16 वर्ष पहले 17 जून 2006 को स्टेडियम का लोकार्पण किया गया था। तब यहां तमाम सुविधाएं थीं। देखरेख के अभाव में स्टेडियम झाड़ियों में खो गया। इसके चलते इसे जहरीले कीड़े मकोड़ों ने आश्रय स्थल बना लिया, जिससे लोग यहां आने जाने से कतराने लगे।
संदीप की दिलचस्पी से स्टेडियम में साफ सफाई तो हो गई, लेकिन अभी भी सुविधाओं का टोटा है। कुछ माह पहले युवाओं ने सीडीओ को प्रार्थनापत्र देकर स्टेडियम की हालत से अवगत कराते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग की थी, लेकिन समस्याएं अब भी जस की तस हैं।
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स्टेडियम में व्याप्त अव्यवस्थाएं तैयारी कर रहे युवाओं की राह में रुकावट बन रही हैं। इसके बाद भी वह तैयारियों से मुंह नहीं मोड़ रहे हैं। पिहानी कस्बे के मोहल्ला मीरसराय निवासी संदीप कुमार पिहानी-संतरहा मार्ग पर स्थित मिनी स्टेडियम में क्षेत्र के तकरीबन एक सैकड़ा युवाओं को सेना और पुलिस की निशुल्क तैयारी करवाते हैं।
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इनमें तकरीबन 40 लड़कियां हैं। संदीप के मुताबिक, उनकी तमन्ना भी सेना में जाने की थी। उन्होंने कई वर्ष तक सीतापुर से तैयारी भी की थी। अचानक एक हादसे में उनके हाथ में फ़्रैक्चर हो गया, जिससे उन्हें इरादा बदलना पड़ा।
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वह अब दवा का व्यवसाय करने लगे, लेकिन दिल में देश सेवा का जज्बा कायम रहा, जिसके चलते स्थानीय युवाओं को सेना और पुलिस के लिए तैयार करने का इरादा किया।
संतरहा रोड पर स्थित मिनी स्टेडियम में झाड़ियां हटवाकर उन्होंने खुद के खर्चे से ट्रैक तो बनवा लिया, लेकिन अन्य व्यवस्थाएं नहीं होने से इस कार्य में कठिनाई होती है।
स्टेडियम में ओपन जिम की व्यवस्था थी, पर यह बद इंतजामी की भेंट चढ़ गई। इसके अलावा तैयारी के लिए जरूरी पुल अप बार युवाओं ने स्वयं लकड़ी और रस्सी से तैयार किया है।
इन सब के बीच स्टेडियम में प्रकाश और बालिकाओं के लिए अलग रूम की व्यवस्था चाहिए, पर जिम्मेदार इस तरफ पलट कर नहीं देखते, जिससे उन्हें इन्हीं अभावों के बीच तैयारी करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
16 वर्ष पहले बना था मिनी स्टेडियम
16 वर्ष पहले 17 जून 2006 को स्टेडियम का लोकार्पण किया गया था। तब यहां तमाम सुविधाएं थीं। देखरेख के अभाव में स्टेडियम झाड़ियों में खो गया। इसके चलते इसे जहरीले कीड़े मकोड़ों ने आश्रय स्थल बना लिया, जिससे लोग यहां आने जाने से कतराने लगे।
संदीप की दिलचस्पी से स्टेडियम में साफ सफाई तो हो गई, लेकिन अभी भी सुविधाओं का टोटा है। कुछ माह पहले युवाओं ने सीडीओ को प्रार्थनापत्र देकर स्टेडियम की हालत से अवगत कराते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग की थी, लेकिन समस्याएं अब भी जस की तस हैं।