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Hardoi News: हंगामा है क्यों बरपा, ब्योरा ही तो मांगा है डीएम ने

Sun, 25 Jun 2023 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई Updated Sun, 25 Jun 2023 11:56 PM IST
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Why is there ruckus, DM has asked for details only
- जिले भर के ब्लाॅक प्रमुखों में खलबली, डीएम ने तलब किया है क्षेत्र पंचायत निधि के कार्यों का ब्योरा
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- राजनीतिक आकाओं की शरण में जिले भर के ब्लाॅक प्रमुख
आनंद मिश्रा
हरदोई। डीएम के एक आदेश ने इन दिनों जिले के सभी 19 विकास खंडों के ब्लाॅक प्रमुखों की नींद उड़ा दी है। दरअसल, डीएम ने क्षेत्र पंचायत निधि से गत वित्तीय वर्ष में कराए गए कार्यों का ब्योरा तलब किया है। ब्योरा तलब किए जाने की जानकारी मिलते ही लगभग सभी ब्लॉक प्रमुख सकते में आ गए। बचाव के लिए अधिकतर ब्लॉक प्रमुख राजनीतिक आकाओं की शरण में हैं, लेकिन फिलहाल कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही।
क्षेत्र पंचायतों को विकास कार्य कराने के लिए बड़े पैमाने पर अलग-अलग मदों से बजट शासन स्तर से उपलब्ध कराया जाता है। सबसे अधिक बजट क्षेत्र पंचायतों को 15वें वित्त आयोग से मिलता है। इससे मिलने वाले बजट का उपयोग करने में अधिकतर के जिम्मेदार मनमानी करते हैं। फिलहाल इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बात यह है कि कुछ दिन पहले ही डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने एक अप्रैल 2022 के बाद से क्षेत्र पंचायत निधि से कराए गए कार्यों का ब्योरा सभी ब्लाॅकों से तलब किया है।
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इसकी जानकारी मिलने के बाद न सिर्फ अधिकतर ब्लॉक प्रमुख बल्कि उक्त कार्यों के कार्य प्रभारियों और ब्लाॅक के लेखाकारों में भी खलबली मची हुई है। पंचायतराज विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक गत वित्तीय वर्ष में क्षेत्र पंचायत निधि से सबसे ज्यादा खर्च बावन विकास खंड में हुआ है। यहां पांच करोड़ 27 लाख 53 हजार रुपये अलग-अलग कार्यों पर खर्च किए गए हैं। सबसे कम खर्च माधौगंज क्षेत्र पंचायत निधि से हुआ है। यहां विकास कार्यों पर 84 लाख 27 हजार तीन सौ रुपये खर्च किए गए हैं। (संवाद)
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इनसेट
डीएम ने ठीक से कराई जांच तो कइयों पर आएगी आंच
अभी तो डीएम एमपी सिंह ने सिर्फ क्षेत्र पंचायत निधि के खर्च का ब्योरा तलब किया है। इतने में ही जिले भर के ब्लाॅक प्रमुख लामबंद होने लगे हैं। दरअसल, हकीकत यह है कि अगर डीएम ने खर्च का ब्योरा तलब करने के बाद ठीक से जांच करा दी तो न सिर्फ ब्लाॅक प्रमुखों बल्कि बड़ी संख्या में खंड विकास अधिकारियों, कार्य प्रभारियों पर भी आंच आ जाएगी। यही वजह है कि ब्लाॅक प्रमुख इस मामले पर अपने अपने राजनीतिक आकाओं की शरण में हैं।

इनसेट
खुल जाएंगे सारे खेल, चुनिंदा लोगों और फर्मों पर ही बरसी है कृपा
अगर डीएम ने ठीक से जांच करा ली, तो क्षेत्र पंचायत निधि के कई खेल खुल जाएंगे। दरअसल, अधिकतर ब्लाॅकों में कुछ चुनिंदा लोगों को ही सारे काम दिए गए हैं। उदाहरण के लिए अगर बिलग्राम क्षेत्र पंचायत निधि के कार्यों पर नजर दौड़ाएं तो बड़े पैमाने पर एक फर्म विशेष (ठेकेदार) को ही काम दिया गया है। कुछ इसी तरह अगर भरावन के खर्च पर नजर दौड़ाई जाए तो यहां भी चुनिंदा तीन लोगों पर जमकर कृपा बरसी है। लगभग सभी ब्लाॅकों में यही स्थिति है।
इनसेट
ब्लाॅक
खर्च (लाख रुपये में)
अहिरोरी 487.634 लाख रुपये
बावन 527.533 लाख रुपये
बेंहदर 147.752 लाख रुपये
भरावन

229.998 लाख रुपये
भरखनी 221.933 लाख रुपये
बिलग्राम 358.811 लाख रुपये
हरियावां
132.487 लाख रुपये
हरपालपुर 147.500 लाख रुपये
कछौना
94.217 लाख रुपये
कोथावां 150.156 लाख रुपये
माधौगंज 84.723 लाख रुपये
मल्लावां
120.358 लाख रुपये
पिहानी

209.670 लाख रुपये
सांडी
195.203 लाख रुपये
संडीला
249.816 लाख रुपये
शाहाबाद
189.693 लाख रुपये
सुरसा

252.648 लाख रुपये
टड़ियावां 252.795 लाख रुपये
टोडरपुर
136.469 लाख रुपये
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