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इस बार जिले को दगा सा दे गए चौमास के बदरा
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फोटो-11-लखनऊ रोड पर धूप में मुंह बांध कर जातीं युवतियां। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई सितंबर के साथ ही चौमास भी खत्म हो गया। साथ ही लोगों की बारिश की उम्मीदें भी फीकी पड़ गई हैं। मौसम विभाग के आकड़ों की मानें तो इस बार पिछले वर्षों की तुलना में कम बारिश हुई। वर्ष 2018 में इस साल की अपेक्षा अधिक बारिश हुई थी।
मानसून से पहले मौसम वैज्ञानिकों ने जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर में बेहतर बारिश होने की उम्मीद जताई थी। वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया था कि इस साल बारिश अधिक होने की उम्मीद है, लेकिन बारिश अच्छी नहीं हुई।
मौसम वैज्ञानिक रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि मौसम अक्तूबर माह में सूरज निकलने के बाद गर्म सा हो रहा है। बारिश की अब उम्मीद न के बराबर लग रही है। शनिवार को भी अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री रिकार्ड किया गया।
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मानसून से पहले मौसम वैज्ञानिकों ने जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर में बेहतर बारिश होने की उम्मीद जताई थी। वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया था कि इस साल बारिश अधिक होने की उम्मीद है, लेकिन बारिश अच्छी नहीं हुई।
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मौसम वैज्ञानिक रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि मौसम अक्तूबर माह में सूरज निकलने के बाद गर्म सा हो रहा है। बारिश की अब उम्मीद न के बराबर लग रही है। शनिवार को भी अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री रिकार्ड किया गया।
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