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Hardoi News: चार करोड़ से बनी पानी की टंकी को पांच हजार रुपये के तार की दरकार
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फोटो-27-सरकारी हैंडपंप पर बर्तन होतीं सर्वेश की बेटी व पत्नी। संवाद
= बीती सात अगस्त को चोरी हो गया था 200 मीटर तार
= तब से टोटियां प्यासी, हैंडपंंपों से पानी लेकर काम चला रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। टड़ियावां के रहने वाले सर्वेश के परिजन सोमवार दोपहर गांव के बाहर की तरफ लगे सरकारी हैंडपंप में बर्तन धो रहे थे। कुछ ही दूरी पर पर जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी को देखकर उनसे यूं ही सवाल किया कि कनेक्शन नहीं है क्या। जवाब मिला कनेक्शन तो है, लेकिन पानी नहीं आ रहा। फिर उन्होंने सूखी पड़ी टोटी भी दिखाई। वजह पूछने पर बताया कि टंकी के सोलर पैनल का दो सौ मीटर तार सात अगस्त की रात चोरी हो गया था। तब से न तो तार लगा और न टोटियों से पानी आया।
टड़ियावां ग्राम पंचायत में कई राजस्व गांव और मजरे भी हैं। यहां रहने वाले लोगों को पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है। तकरीबन 4.15 करोड़ रुपये की लागत से यहां एक नलकूप का निर्माण कराया गया है। साथ ही 425 किलोमीटर क्षमता वाली पानी की टंकी बनी है।
टड़ियावां और इसके मजरों में घर घर पानी पहुंचाने के लिए 18 किलोमीटर से ज्यादा की पाइप लाइन भी डाली गई है। टंकी के पास लगे सूचना पट के मुताबिक 1275 मकानों में पानी की आपूर्ति का कनेक्शन भी है। हालांकि चौकीदार सुधीर यादव बताते हैं कि 900 लोगों के मकानों में कनेक्शन हैं। बिजली बाधित होने पर पेयजल की आपूर्ति बाधित न हो इसलिए सोलर पैनल भी लगे हैं। इस सोलर पैनल से ही नलकूप चलता है। पानी की टंकी भर जाती है तो घर घर लगी टोटियों से पानी आने लगता है। बीती आठ अगस्त की सुबह से यहां की टोटियों में पानी नहीं आया है।
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दरअसल बीती आठ अगस्त की सुबह जब चौकीदार सुधीर यादव टंकी परिसर में गए तो यहां सोलर पैनल से नलकूप के चेंजओवर तक जाने वाला तार ही गायब मिला। चौकीदार की शिकायत पर पुलिस ने दस एमएम के 200 मीटर लंबे तार के चोरी होने की प्राथमिकी भी दर्ज कर ली। तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन यहां अभी तक तार की व्यवस्था नहीं हो पाई है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग हैंडपंपों के जरिए अपना काम चला रहे हैं। खास बात यह भी है कि तार की कीमत बहुत ज्यादा पांच हजार रुपये होगी, लेकिन न तो जल निगम के स्थानीय जिम्मेदार यहां तार लगवा पाए और न ही अन्य किसी ने ध्यान दिया।
फोटो-26-टूटी पड़ी पानी की टोंटी दिखाते रामपाल। संवाद
टड़ियावां के ही रामपाल हैंडपंप से पानी भर रहे थे। हैंडपंप का इस्तेमाल पिछले कुछ समय में घटा तो इसे चलाने में भी परेशानी होने लगी। रामपाल ने बताया कि टंकी से पानी नहीं आ रहा। पानी कोई ऐसी चीज तो है नहीं जिसके बिना काम चला लिया जाए। बच्चों और परिजनों को परेशान न होना पड़े, इसलिए हैंडपंप से पानी भरने चले आए।
वर्जन
सात अगस्त की रात चोरी हुई थी। आठ अगस्त की सुबह पता चला। प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कार्यदायी संस्था से नया तार लगवाने के लिए कहा है। फिलहाल वहां इस्तेमाल में आने वाला तार कार्यदायी संस्था के पास नहीं है। उन्हें निर्देश दिए हैं कि व्यवस्था कर तार लगवाएं, ताकि पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो। -मनीष गंगवार, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण
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= बीती सात अगस्त को चोरी हो गया था 200 मीटर तार
= तब से टोटियां प्यासी, हैंडपंंपों से पानी लेकर काम चला रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। टड़ियावां के रहने वाले सर्वेश के परिजन सोमवार दोपहर गांव के बाहर की तरफ लगे सरकारी हैंडपंप में बर्तन धो रहे थे। कुछ ही दूरी पर पर जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी को देखकर उनसे यूं ही सवाल किया कि कनेक्शन नहीं है क्या। जवाब मिला कनेक्शन तो है, लेकिन पानी नहीं आ रहा। फिर उन्होंने सूखी पड़ी टोटी भी दिखाई। वजह पूछने पर बताया कि टंकी के सोलर पैनल का दो सौ मीटर तार सात अगस्त की रात चोरी हो गया था। तब से न तो तार लगा और न टोटियों से पानी आया।
टड़ियावां ग्राम पंचायत में कई राजस्व गांव और मजरे भी हैं। यहां रहने वाले लोगों को पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है। तकरीबन 4.15 करोड़ रुपये की लागत से यहां एक नलकूप का निर्माण कराया गया है। साथ ही 425 किलोमीटर क्षमता वाली पानी की टंकी बनी है।
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टड़ियावां और इसके मजरों में घर घर पानी पहुंचाने के लिए 18 किलोमीटर से ज्यादा की पाइप लाइन भी डाली गई है। टंकी के पास लगे सूचना पट के मुताबिक 1275 मकानों में पानी की आपूर्ति का कनेक्शन भी है। हालांकि चौकीदार सुधीर यादव बताते हैं कि 900 लोगों के मकानों में कनेक्शन हैं। बिजली बाधित होने पर पेयजल की आपूर्ति बाधित न हो इसलिए सोलर पैनल भी लगे हैं। इस सोलर पैनल से ही नलकूप चलता है। पानी की टंकी भर जाती है तो घर घर लगी टोटियों से पानी आने लगता है। बीती आठ अगस्त की सुबह से यहां की टोटियों में पानी नहीं आया है।
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दरअसल बीती आठ अगस्त की सुबह जब चौकीदार सुधीर यादव टंकी परिसर में गए तो यहां सोलर पैनल से नलकूप के चेंजओवर तक जाने वाला तार ही गायब मिला। चौकीदार की शिकायत पर पुलिस ने दस एमएम के 200 मीटर लंबे तार के चोरी होने की प्राथमिकी भी दर्ज कर ली। तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन यहां अभी तक तार की व्यवस्था नहीं हो पाई है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग हैंडपंपों के जरिए अपना काम चला रहे हैं। खास बात यह भी है कि तार की कीमत बहुत ज्यादा पांच हजार रुपये होगी, लेकिन न तो जल निगम के स्थानीय जिम्मेदार यहां तार लगवा पाए और न ही अन्य किसी ने ध्यान दिया।
फोटो-26-टूटी पड़ी पानी की टोंटी दिखाते रामपाल। संवाद
टड़ियावां के ही रामपाल हैंडपंप से पानी भर रहे थे। हैंडपंप का इस्तेमाल पिछले कुछ समय में घटा तो इसे चलाने में भी परेशानी होने लगी। रामपाल ने बताया कि टंकी से पानी नहीं आ रहा। पानी कोई ऐसी चीज तो है नहीं जिसके बिना काम चला लिया जाए। बच्चों और परिजनों को परेशान न होना पड़े, इसलिए हैंडपंप से पानी भरने चले आए।
वर्जन
सात अगस्त की रात चोरी हुई थी। आठ अगस्त की सुबह पता चला। प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कार्यदायी संस्था से नया तार लगवाने के लिए कहा है। फिलहाल वहां इस्तेमाल में आने वाला तार कार्यदायी संस्था के पास नहीं है। उन्हें निर्देश दिए हैं कि व्यवस्था कर तार लगवाएं, ताकि पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो। -मनीष गंगवार, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण

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