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ग्रामोद्योग 300 की जगह 600 को रोजगार दिया
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जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी आनंद शुक्ला। संवाद
- फोटो : HARDOI
हरदोई। कोरोना काल में जहां लोगों की नौकरियां चलीं गईं, वहीं खादी ग्रामोद्योग ने इस बार लक्ष्य 300 से दोगुना यानी 600 लोगों को रोजगार उपलब्ध करा नई मिसाल कायम की है। ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष में इस बार 33 कुटीर उद्योग लगाने का लक्ष्य था, लेकिन 52 फाइलों को ऋण आवंटन कराकर उद्योग लगवाए गए।
बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करने के लिए खादी ग्रामोद्योग विभाग के जरिये मुख्यमंत्री रोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में बेरोजगारों से आवेदन ऑनलाइन लिए जाते हैं।
इसके बाद डीएम के निर्देश पर गठित कमेटी साक्षात्कार लेती है और उसके बाद स्वीकृत फाइलें बैंकों को भेज दी जातीं हैं। शर्तें पूरी होने पर बैंकें इनको ऋण का आवंटन करती हैं। इस बार योजना में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 33 इकाइयां लगाने का लक्ष्य मिला था और इनके माध्यम से 300 को रोजगार देना था।
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इसके सापेक्ष इस बार खादी ग्रामोद्योग ने 33 की जगह 52 फाइलें स्वीकृत कीं। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी आनंद शुक्ला ने बताया कि बोर्ड की ओर से निर्देश मिला था कि अधिक से अधिक बेरोजगारों को स्वावलंबी बनाया जाए। इसके लिए 33 इकाइयों को स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया था।
इन इकाइयों के लिए 99 लाख सब्सिडी के रूप में दिए जाने का भी लक्ष्य था। उन्होंने बताया कि बैंकों को 78 फाइलें भेजी गई थीं, जिसमें से 52 फाइलों को ऋण का आवंटन कर दिया गया। 99 लाख की बजाय एक करोड़ 91 लाख 22 हजार की सब्सिडी स्वीकृत की जाएगी। (संवाद)
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में लक्ष्य पूरा
खादी ग्रामोद्योग अधिकारी आनंद शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में भी विभाग ने इस बार अपना लक्ष्य पूरा कर लिया है। बताया कि इस वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत 11 इकाइयों को स्थापित कराने का लक्ष्य था। 11 इकाइयों को गठित कर दिया गया है।
नए वित्तीय वर्ष में और भी उम्मीदे
जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी आनंद शुक्ला ने बताया कि विभाग द्वारा चलाई जा रही दोनों ही योजनाओं में इस बार उम्मीदें हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन व मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में इस बार लक्ष्य बढ़ने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद अधिक से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया जा सकेगा।
बीएड के बाद भी नहीं मिली नौकरी तो लगाया उद्योग
राधा नगर निवासी शोभित कुमार ने बताया कि वह बीएससी बीएड हैं। नौकरी नहीं मिली। कहां तक इंतजार करते, जिसके बाद उन्होंने स्वरोजगार अपनाने के लिए खादी ग्रामोद्योग विभाग में आवेदन किया। पेपर कप प्लांट लगाने के लिए 10 लाख रुपये लोन लिया। अब एक माह में करीब ढाई लाख का टर्नओवर हैं। करीब 20 लोगों का रोजगार भी मुहैया करा रहे हैं।
25 लाख लोन लेकर लगाया इंटरलाकिंग उद्योग
इंडस्ट्रियल एरिया में इंटरलॉकिंग उद्योग लगाने वाले दिलीप कुमार गुप्ता बताते हैं कि योजना में 25 लाख का ऋण बैंक के माध्यम से लिया। ऐसे तो वे ग्रेजुएट हैं। कंप्टीशन की तैयारी की, लेकिन जब नौकरी नहीं मिली तो स्वरोजगार अपनाया। शुरुआत में काफी परेशानी झेलनी पड़ी, लेकिन धीरे-धीरे सब पटरी पर आ गया। अब खुद के साथ 25 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
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बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करने के लिए खादी ग्रामोद्योग विभाग के जरिये मुख्यमंत्री रोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में बेरोजगारों से आवेदन ऑनलाइन लिए जाते हैं।
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इसके बाद डीएम के निर्देश पर गठित कमेटी साक्षात्कार लेती है और उसके बाद स्वीकृत फाइलें बैंकों को भेज दी जातीं हैं। शर्तें पूरी होने पर बैंकें इनको ऋण का आवंटन करती हैं। इस बार योजना में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 33 इकाइयां लगाने का लक्ष्य मिला था और इनके माध्यम से 300 को रोजगार देना था।
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इसके सापेक्ष इस बार खादी ग्रामोद्योग ने 33 की जगह 52 फाइलें स्वीकृत कीं। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी आनंद शुक्ला ने बताया कि बोर्ड की ओर से निर्देश मिला था कि अधिक से अधिक बेरोजगारों को स्वावलंबी बनाया जाए। इसके लिए 33 इकाइयों को स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया था।
इन इकाइयों के लिए 99 लाख सब्सिडी के रूप में दिए जाने का भी लक्ष्य था। उन्होंने बताया कि बैंकों को 78 फाइलें भेजी गई थीं, जिसमें से 52 फाइलों को ऋण का आवंटन कर दिया गया। 99 लाख की बजाय एक करोड़ 91 लाख 22 हजार की सब्सिडी स्वीकृत की जाएगी। (संवाद)
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में लक्ष्य पूरा
खादी ग्रामोद्योग अधिकारी आनंद शुक्ला ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में भी विभाग ने इस बार अपना लक्ष्य पूरा कर लिया है। बताया कि इस वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत 11 इकाइयों को स्थापित कराने का लक्ष्य था। 11 इकाइयों को गठित कर दिया गया है।
नए वित्तीय वर्ष में और भी उम्मीदे
जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी आनंद शुक्ला ने बताया कि विभाग द्वारा चलाई जा रही दोनों ही योजनाओं में इस बार उम्मीदें हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन व मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में इस बार लक्ष्य बढ़ने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद अधिक से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया जा सकेगा।
बीएड के बाद भी नहीं मिली नौकरी तो लगाया उद्योग
राधा नगर निवासी शोभित कुमार ने बताया कि वह बीएससी बीएड हैं। नौकरी नहीं मिली। कहां तक इंतजार करते, जिसके बाद उन्होंने स्वरोजगार अपनाने के लिए खादी ग्रामोद्योग विभाग में आवेदन किया। पेपर कप प्लांट लगाने के लिए 10 लाख रुपये लोन लिया। अब एक माह में करीब ढाई लाख का टर्नओवर हैं। करीब 20 लोगों का रोजगार भी मुहैया करा रहे हैं।
25 लाख लोन लेकर लगाया इंटरलाकिंग उद्योग
इंडस्ट्रियल एरिया में इंटरलॉकिंग उद्योग लगाने वाले दिलीप कुमार गुप्ता बताते हैं कि योजना में 25 लाख का ऋण बैंक के माध्यम से लिया। ऐसे तो वे ग्रेजुएट हैं। कंप्टीशन की तैयारी की, लेकिन जब नौकरी नहीं मिली तो स्वरोजगार अपनाया। शुरुआत में काफी परेशानी झेलनी पड़ी, लेकिन धीरे-धीरे सब पटरी पर आ गया। अब खुद के साथ 25 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।