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Hardoi News: संदिग्ध हालात में लगी आग में जलकर तुंदवल ग्राम पंचायत के अभिलेख जले, साजिश की आशंका
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हरदोई। शहर के नुमाइश चौराहे (अटल चौक) के पास स्थित चकबंदी प्रशिक्षण संस्थान में बीते 22 अप्रैल की रात संदिग्ध हालात में आग लगने की प्राथमिकी अब दर्ज की गई है। खास बात यह है कि आग लगने की वजह घटना के 20 दिन बाद भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। घटना में तुंदवल ग्राम पंचायत के सारे अभिलेख जल गए हैंं। घटना के पीछे साजिश की आशंका जताई गई है।
अटल चौक के पास स्थित चकबंदी प्रशिक्षण संस्थान में सहायक चकबंदी अधिकारी शकील अहमद के कार्यालय में बीते 22 अप्रैल की रात आग लग गई थी। 23 अप्रैल की सुबह इसका पता चलने पर विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मामले को रफा-दफा करने में लगे थे। घटना में तुंदवल ग्राम पंचायत के अभिलेख जल गए थे। घटना के 20 दिन बाद अब प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
शकील अहमद की शिकायत पर दर्ज हुई प्राथमिकी मेें बताया गया कि 22 अप्रैल की शाम सात बजे तुंदवल का विनिमय अनुपात संबंधी काम करके वह घर चले गए थे। दावा है कि कार्यालय में मौजूद रहे चकबंदी लेखपाल मोहित को उक्त अभिलेख बक्से में रखने के लिए कहा गया था। इसके बाद कार्यालय बंद कर दिया गया।
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23 अप्रैल की सुबह अर्दली सुनील कुमार और चकबंदी लेखपाल मोहित ने फोन पर बताया कि कार्यालय में आग लग गई है। ग्राम तुंदवल के अभिलेख जल जाने की जानकारी दी गई थी। घटना में एक कुर्सी, एक मेज, तुंदवल की आधार वर्ष खतौनी, आधार वर्ष खसरा व कुछ अभिलेख पूरी तरह जल गए थे। घटना के पीछे साजिश की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि घटना के 20 दिन बाद पुलिस को जानकारी दी गई। साजिश की आशंका के बिंदु पर जांच की जा रही है।
चपरासी और लेखपाल पर ठीकरा फोड़ने की कोशिश
प्राथमिकी में सहायक चकबंदी अधिकारी ने लिखा कि कार्यालय की एक चाबी अनुसेवक रामरानी के पास, दूसरी चाबी चकबंदी लेखपाल मोहित के पास रहती है। कहीं न कहीं यह बात इस तरफ भी इशारा कर रही है कि इन दोनों पर ही पूरी घटना का ठीकरा फोड़ने की कोशिश है।
न शॉर्ट सर्किट न दरवाजा खुला फिर भी लगी आग
पुलिस विभाग से जुड़े विश्वस्त सूत्र ने बताया कि घटना के अगले दिन आग लगने की जानकारी मिली थी। तब जांच करने पर दरवाजा बाहर से बंद था। अंदर कमरा खोलकर भी किसी ने नहीं दिखाया था। शाॅर्ट सर्किट से आग लगती तो पूरे कमरे में रखे अभिलेख जल जाते। ऐसे में तभी साजिश के तहत अभिलेख जलाए जाने की शंका हुई थी लेकिन तब प्राथमिकी नहीं दर्ज कराई गई।
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अटल चौक के पास स्थित चकबंदी प्रशिक्षण संस्थान में सहायक चकबंदी अधिकारी शकील अहमद के कार्यालय में बीते 22 अप्रैल की रात आग लग गई थी। 23 अप्रैल की सुबह इसका पता चलने पर विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मामले को रफा-दफा करने में लगे थे। घटना में तुंदवल ग्राम पंचायत के अभिलेख जल गए थे। घटना के 20 दिन बाद अब प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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शकील अहमद की शिकायत पर दर्ज हुई प्राथमिकी मेें बताया गया कि 22 अप्रैल की शाम सात बजे तुंदवल का विनिमय अनुपात संबंधी काम करके वह घर चले गए थे। दावा है कि कार्यालय में मौजूद रहे चकबंदी लेखपाल मोहित को उक्त अभिलेख बक्से में रखने के लिए कहा गया था। इसके बाद कार्यालय बंद कर दिया गया।
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23 अप्रैल की सुबह अर्दली सुनील कुमार और चकबंदी लेखपाल मोहित ने फोन पर बताया कि कार्यालय में आग लग गई है। ग्राम तुंदवल के अभिलेख जल जाने की जानकारी दी गई थी। घटना में एक कुर्सी, एक मेज, तुंदवल की आधार वर्ष खतौनी, आधार वर्ष खसरा व कुछ अभिलेख पूरी तरह जल गए थे। घटना के पीछे साजिश की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि घटना के 20 दिन बाद पुलिस को जानकारी दी गई। साजिश की आशंका के बिंदु पर जांच की जा रही है।
चपरासी और लेखपाल पर ठीकरा फोड़ने की कोशिश
प्राथमिकी में सहायक चकबंदी अधिकारी ने लिखा कि कार्यालय की एक चाबी अनुसेवक रामरानी के पास, दूसरी चाबी चकबंदी लेखपाल मोहित के पास रहती है। कहीं न कहीं यह बात इस तरफ भी इशारा कर रही है कि इन दोनों पर ही पूरी घटना का ठीकरा फोड़ने की कोशिश है।
न शॉर्ट सर्किट न दरवाजा खुला फिर भी लगी आग
पुलिस विभाग से जुड़े विश्वस्त सूत्र ने बताया कि घटना के अगले दिन आग लगने की जानकारी मिली थी। तब जांच करने पर दरवाजा बाहर से बंद था। अंदर कमरा खोलकर भी किसी ने नहीं दिखाया था। शाॅर्ट सर्किट से आग लगती तो पूरे कमरे में रखे अभिलेख जल जाते। ऐसे में तभी साजिश के तहत अभिलेख जलाए जाने की शंका हुई थी लेकिन तब प्राथमिकी नहीं दर्ज कराई गई।