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Hardoi News: संभल कर करें यात्रा, ब्लैक स्पॉट पर संकेतक न बचाव के इंतजाम
Sun, 03 Dec 2023 10:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Sun, 03 Dec 2023 10:55 PM IST
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हरदोई। अगर आप यात्रा पर निकल रहे हैं तो, संभल कर यात्रा करें, ब्लैक स्पॉट पर न तो संकेतांक लगे हैं और न ही बचाव के इंतजाम किए गए हैं। सर्दी ने दस्तक दे दी है और दिसंबर के मध्य से कोहरा भी शुरू हो जाता है। ऐसे में दृश्यता कम हो जाने से वाहन चालकों को सामान्य तौर पर ही दिक्कतें होती है और ऐसे में ब्लैक स्पॉट पर कोई संकेतक न लगे होने से हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
जनपद से होकर गुजरे मार्गाें पर हादसों के 34 ब्लैक स्पॉट हैं। इन ब्लैक स्पॉट पर आए दिन हादसा भी होते रहते हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें भी होती हैं और इसमें सुरक्षित यातायात को लेकर इंतजामों पर चर्चा भी होती है लेकिन, यह बैठक की कार्यवाही तक ही सिमट कर रह जाती है। हरदोई-लखनऊ और हरदोई-शाहजहांपुर मार्ग भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन है जबकि, अन्य मार्ग लोक निर्माण विभाग के पास है। इन मार्गों पर हादसों के ब्लैक स्पॉट की पड़ताल में बचाव के इंतजामों का सच सामने आया है।
मल्लावां क्षेत्र में कटरा-बिल्हौर हाइवे पर हरदोई-उन्नाव जनपद की सीमा पर स्थित अटवारा चकोला गांव के पास मोड़ पर हादसों का ब्लैक स्पॉट बन गया है। हालांकि यहां पर सड़क किनारे पीडब्ल्यूडी की ओर से संकेतक लगाए गए हैं। स्ट्रीट लाइट भी लगी है लेकिन, तीव्र मोड़ के किनारे सड़क किनारे की सफेद पट्टी लंबे समय से नहीं बनवाई गई है। मोड़ के आसपास झाड़ियां सड़क किनारे तक आ गईं हैं। मोड़ पर दोनों ओर सड़क की पट्टी तक लोगों ने कई स्थानों पर कूड़ा-कचरा डालकर अतिक्रमण कर रखा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की पट्टी साफ न होने की वजह से दोनों ओर से एक साथ वाहन आने पर अधिकतर हादसा हो जाता है। सुल्तानपुर पुलिया पर भी सड़क हादसे होते रहते हैं। पीडब्ल्यूडी ने जब से संकेतक लगवाए हैं तब से हादसों की संख्या में कमी आइ है।
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सवायजपुर क्षेत्र में कटरा-बिल्हौर हाईवे पर हादसा होने पर ही ब्लैक स्पॉट याद आते हैं। समय बीतने के साथ ही फाइल बंद कर दी जाती है। हद तो यह है कि जिस महकमों को सरकार ने ब्लैक स्पॉट की जिम्मेदारी सौंपी है, उनमें तालमेल ही नहीं है। लोक निर्माण विभाग और पुलिस महकमा दोनों ही अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहे हैं। तत्कालीन एसडीएम दीपक वर्मा ने कटरा-बिल्हौर हाइवे के सीएचसी मोड़, खंहरिया माइनर मोड, महरेपुर और हरपालपुर-ककरौआ में ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए जाने के लिए पीडब्ल्यूडी पत्र लिखा था लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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संकेतक हैं नहीं, सड़क तक फैली हैं झाड़ियां
कटरा-बिल्हौर हाईवे पर अधिकतर स्थलों पर संकेतक नहीं लगे हैं। अधिकांश सड़कों पर न तो संकेतक है और झाड़ियों के कारण मार्गों के किनारे लगी होने वाली सफेद पट्टी भी नहीं दिखाई दे रही हैं। ऐसे में वाहन चालकों को कोहरे में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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पीडब्ल्यूडी के क्षेत्र में आने वाले मार्गों पर संकेतक, रोड मार्किंग कराई गई है। कटरा-बिल्हौर हाइवे, सवायजपुर मार्ग पर ब्लैक स्पॉट वाले स्थल पर ले-बाई ट्रक भी बनवाए गए हैं। अधिसंख्य ब्लैक स्पॉट क्षेत्र वाला मार्ग लखनऊ-पलिया मार्ग अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में चल गया है। इस अभी काम ही हो चल रहा है ऐसे में ब्लैक स्पॉट के वाले स्थलों पर प्रस्तावित काम कराए जा रहे होंगे। एनएच-731 का काम पूरा होने के बाद ही ब्लैक स्पॉट के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एसके मिश्रा, नोडल अधिकारी पीडब्ल्यूडी
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जनपद से होकर गुजरे मार्गाें पर हादसों के 34 ब्लैक स्पॉट हैं। इन ब्लैक स्पॉट पर आए दिन हादसा भी होते रहते हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें भी होती हैं और इसमें सुरक्षित यातायात को लेकर इंतजामों पर चर्चा भी होती है लेकिन, यह बैठक की कार्यवाही तक ही सिमट कर रह जाती है। हरदोई-लखनऊ और हरदोई-शाहजहांपुर मार्ग भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन है जबकि, अन्य मार्ग लोक निर्माण विभाग के पास है। इन मार्गों पर हादसों के ब्लैक स्पॉट की पड़ताल में बचाव के इंतजामों का सच सामने आया है।
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मल्लावां क्षेत्र में कटरा-बिल्हौर हाइवे पर हरदोई-उन्नाव जनपद की सीमा पर स्थित अटवारा चकोला गांव के पास मोड़ पर हादसों का ब्लैक स्पॉट बन गया है। हालांकि यहां पर सड़क किनारे पीडब्ल्यूडी की ओर से संकेतक लगाए गए हैं। स्ट्रीट लाइट भी लगी है लेकिन, तीव्र मोड़ के किनारे सड़क किनारे की सफेद पट्टी लंबे समय से नहीं बनवाई गई है। मोड़ के आसपास झाड़ियां सड़क किनारे तक आ गईं हैं। मोड़ पर दोनों ओर सड़क की पट्टी तक लोगों ने कई स्थानों पर कूड़ा-कचरा डालकर अतिक्रमण कर रखा है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की पट्टी साफ न होने की वजह से दोनों ओर से एक साथ वाहन आने पर अधिकतर हादसा हो जाता है। सुल्तानपुर पुलिया पर भी सड़क हादसे होते रहते हैं। पीडब्ल्यूडी ने जब से संकेतक लगवाए हैं तब से हादसों की संख्या में कमी आइ है।
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सवायजपुर क्षेत्र में कटरा-बिल्हौर हाईवे पर हादसा होने पर ही ब्लैक स्पॉट याद आते हैं। समय बीतने के साथ ही फाइल बंद कर दी जाती है। हद तो यह है कि जिस महकमों को सरकार ने ब्लैक स्पॉट की जिम्मेदारी सौंपी है, उनमें तालमेल ही नहीं है। लोक निर्माण विभाग और पुलिस महकमा दोनों ही अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहे हैं। तत्कालीन एसडीएम दीपक वर्मा ने कटरा-बिल्हौर हाइवे के सीएचसी मोड़, खंहरिया माइनर मोड, महरेपुर और हरपालपुर-ककरौआ में ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए जाने के लिए पीडब्ल्यूडी पत्र लिखा था लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई।
संकेतक हैं नहीं, सड़क तक फैली हैं झाड़ियां
कटरा-बिल्हौर हाईवे पर अधिकतर स्थलों पर संकेतक नहीं लगे हैं। अधिकांश सड़कों पर न तो संकेतक है और झाड़ियों के कारण मार्गों के किनारे लगी होने वाली सफेद पट्टी भी नहीं दिखाई दे रही हैं। ऐसे में वाहन चालकों को कोहरे में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
पीडब्ल्यूडी के क्षेत्र में आने वाले मार्गों पर संकेतक, रोड मार्किंग कराई गई है। कटरा-बिल्हौर हाइवे, सवायजपुर मार्ग पर ब्लैक स्पॉट वाले स्थल पर ले-बाई ट्रक भी बनवाए गए हैं। अधिसंख्य ब्लैक स्पॉट क्षेत्र वाला मार्ग लखनऊ-पलिया मार्ग अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में चल गया है। इस अभी काम ही हो चल रहा है ऐसे में ब्लैक स्पॉट के वाले स्थलों पर प्रस्तावित काम कराए जा रहे होंगे। एनएच-731 का काम पूरा होने के बाद ही ब्लैक स्पॉट के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एसके मिश्रा, नोडल अधिकारी पीडब्ल्यूडी