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Hardoi News: व्यापारियों ने उठाई नोटिस की विसंगतियां दूर करने की मांग
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हरदोई। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले शनिवार को व्यापारियों ने जीएसटी अधिकारियों से मुलाकात की और जारी की गईं नोटिस की विसंगतियां दूर करने की मांग उठाई।
व्यापारियों की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि जीएसटी की धारा-73 के तहत नोटिस जारी करने की समय सीमा संबंधित वार्षिक विवरण की तिथि से तीन वर्ष निर्धारित की गई है। वर्ष 2017-18 का वार्षिक विवरण जमा करने की अंतिम तिथि सात फरवरी 2020 थी, लेकिन दो वर्ष के कोरोना काल के कारण धारा-73 के तहत नोटिस जारी करने की तिथि 31 दिसंबर 2023 कर दी गई है। इसके कारण व्यापारी को छह वर्ष का ब्याज पेनाल्टी के साथ देने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। जो न्यायोचित नहीं है।
ब्याज की दर 18 प्रतिशत वार्षिक है जो कि बहुत अधिक है। इसे छह प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। जीएसटी में धारा-73 के तहत पेनाल्टी की राशि को 10 प्रतिशत से कम या 10 हजार रुपये, जो भी कम हो उसको निर्धारित किया जाए, धारा-61 के तहत यदि विसंगतियों का अंतर पांच हजार से कम है, उन्हें भी नोटिस जारी न किया जाए। जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित, युवा प्रदेश मंत्री विभु गुप्ता, शिवेंद्र सिंह, रजनीश गुप्ता, प्रखर तलवार, सुमित अग्निहोत्री, अनिल गुप्ता, राजन द्विवेदी आदि पदाधिकारी व व्यापारी मौजूद रहे।
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व्यापारियों की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि जीएसटी की धारा-73 के तहत नोटिस जारी करने की समय सीमा संबंधित वार्षिक विवरण की तिथि से तीन वर्ष निर्धारित की गई है। वर्ष 2017-18 का वार्षिक विवरण जमा करने की अंतिम तिथि सात फरवरी 2020 थी, लेकिन दो वर्ष के कोरोना काल के कारण धारा-73 के तहत नोटिस जारी करने की तिथि 31 दिसंबर 2023 कर दी गई है। इसके कारण व्यापारी को छह वर्ष का ब्याज पेनाल्टी के साथ देने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। जो न्यायोचित नहीं है।
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ब्याज की दर 18 प्रतिशत वार्षिक है जो कि बहुत अधिक है। इसे छह प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। जीएसटी में धारा-73 के तहत पेनाल्टी की राशि को 10 प्रतिशत से कम या 10 हजार रुपये, जो भी कम हो उसको निर्धारित किया जाए, धारा-61 के तहत यदि विसंगतियों का अंतर पांच हजार से कम है, उन्हें भी नोटिस जारी न किया जाए। जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित, युवा प्रदेश मंत्री विभु गुप्ता, शिवेंद्र सिंह, रजनीश गुप्ता, प्रखर तलवार, सुमित अग्निहोत्री, अनिल गुप्ता, राजन द्विवेदी आदि पदाधिकारी व व्यापारी मौजूद रहे।
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