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Hardoi News: ट्रैक पर काम...हरदोई की ट्रेनों की रफ्तार पड़ी सुस्त

Fri, 17 Jul 2026 12:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2026 12:36 AM IST
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Track work... Hardoi trains slow down.
लखनऊ पहुंचने में ही तीन से चार घंटे का लग रहा समय
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ट्रैक अनुरक्षण और ट्रैफिक ब्लॉक से रोज हजारों यात्री परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। जनपद से होकर गुजरने वाली ट्रेनों की रफ्तार लगातार थमती जा रही है। रेलवे लाइन पर आए दिन चल रहे ट्रैक अनुरक्षण, ट्रैफिक ब्लॉक और रेलखंडों पर निर्माण कार्यों का असर यात्रियों पर पड़ रहा है। हरदोई से लखनऊ की करीब 110 किलोमीटर की दूरी तय करने में अब ट्रेनों को तीन से चार घंटे तक लग रहे हैं। इससे रोजाना नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा और इलाज के लिए लखनऊ आने जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
लखनऊ राजधानी होने के साथ ही व्यापारिक दृष्टिकोण से भी लोग आते जाते रहते हैं। इसके अलावा पढ़ाई करने वाले और नौकरी पेशा लोग भी रोजाना सफर करते हैं। जिनके आने जाने का प्रमुख साधन ट्रेन ही है। बता दें, कि हरदोई से लखनऊ के बीच एक्सप्रेस ट्रेनों से सफर डेढ़ से दो घंटे में पूरा हो जाता था, लेकिन इन दिनों लखनऊ पहुंच पाना लगातार टेढ़ी खीर साबित होता जा रहा है। यात्रियों का कहना है कि अब ट्रेनों को जगह-जगह सिग्नल पर रोका जा रहा है। कई बार ट्रेनें स्टेशन और आउटर पर लंबे समय तक खड़ी रहती हैं, जिससे समय पर गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। सुबह की ट्रेनों से लखनऊ जाने वाले कर्मचारी और छात्र सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कई यात्रियों को कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में देर से पहुंचने के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है।
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अनुरक्षण कार्यों में बढ़ाई मुश्किलें



रेलवे विभिन्न रेलखंडों पर ट्रैक अनुरक्षण, लाइन क्षमता बढ़ाने और विकास कार्यों के चलते लगातार ट्रैफिक ब्लॉक लिए जा रहे हैं। इसके कारण कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। कुछ ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देरी से चल रही हैं, जबकि कई ट्रेनों को रास्ते में बार-बार रोकना पड़ रहा है। इतना ही नहीं देरी की वजह से कई ट्रेनों को बीच में रोक कर ही रनथ्रू ट्रेनों को गुजारा जाता है। इससे भी ट्रेनों का गंतव्य तक पहुंचने का समय बढ़ जाता है।
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दैनिक यात्री राहुल वर्मा ने बताया कि पहले दो घंटे में लखनऊ पहुंच जाते थे, अब तीन से चार घंटे लग रहे हैं। नौकरी पर समय से पहुंचना मुश्किल हो गया है।

छात्र शिवम मिश्रा ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आए दिन लखनऊ जाना पड़ता है। ट्रेनों की लेटलतीफी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
यात्री सीमा गुप्ता ने बताया कि इलाज के लिए लखनऊ जाना पड़ता है। ट्रेनों के बार-बार रुकने से मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।


वर्जन

रेलवे की तरफ से ट्रैक अनुरक्षण और विकास कार्य कराए जा रहे हैं। कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुचारु होगा।-नरसीलाल मीणा, स्टेशन अधीक्षक
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