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ओडीएफ घोषित पर अधूरे पड़े हैं शौचालय
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फोटो- 33- ग्राम बिलरिया में बिना छत का शौचालय। संवाद
- फोटो : HARDOI
हरदोई। जनपद को ओडीएफ घोषित हुए दो वर्ष से अधिक का समय बीत चुका हो, लेकिन जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालयों का निर्माण अब भी पूरा नहीं हो पाया है। भरावन विकास खंड की ग्राम पंचायत बिलरिया में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत बने शौचालय अब भी अधूरे पड़े हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद में बड़ी संख्या में शौचालयों का निर्माण कराया गया है। प्रत्येक शौचालय के निर्माण पर 12 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं। दो किस्तों में यह धन ग्राम पंचायत के खाते में भेजे जाने की व्यवस्था रही है। जनपद को खुले में शौच से मुक्त यानी ओडीएफ 15 अगस्त 2018 को ही घोषित कर दिया गया था, लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी शौचालयों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है।
कहीं शौचालयों में छत ही नहीं है तो कुछ जगहों पर अब तक सीट भी नहीं रखी गई। खास बात यह है कि शौचालय निर्माण के लिए दिया गया बजट पूरा खर्च हो गया है। भरावन विकास खंड की ग्राम पंचायत बिलरिया में बने अधिकांश शौचालय अधूरे हैं। कुछ तो ऐसे हैं, जो अधूरे पड़े रहने के दौरान ही क्षतिग्रस्त भी हो गए हैं। कुछ शौचालयों में दरवाजे भी नहीं लगे हैं। ग्राम पंचायत बिलरिया में एक और कारनामा हुआ। कई शौचालयों के पिट तो बना दिए गए, लेकिन शौचालयों का अता-पता ही नहीं है। खाली भूूमि पर बने पिटों का मतलब भी ग्रामीण नहीं समझ पा रहे हैं।
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आंकड़ों के मुताबिक, भरावन विकास खंड की ग्राम पंचायत बिलरिया में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 51 शौचालयों के निर्माण का बजट भेजा गया था। इसके बाद एलओबी के तहत 81 और एनएलओबी के तहत 56 शौचालयों के निर्माण का बजट जारी हुआ था। बावजूद इसके करीब 90 फीसदी शौचालय अधूरे पड़े हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी गिरीश चंद्र ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। अब पता चला है तो विशेष टीम गठित कर एक सप्ताह के अंदर ही पूरे प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद में बड़ी संख्या में शौचालयों का निर्माण कराया गया है। प्रत्येक शौचालय के निर्माण पर 12 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं। दो किस्तों में यह धन ग्राम पंचायत के खाते में भेजे जाने की व्यवस्था रही है। जनपद को खुले में शौच से मुक्त यानी ओडीएफ 15 अगस्त 2018 को ही घोषित कर दिया गया था, लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी शौचालयों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है।
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कहीं शौचालयों में छत ही नहीं है तो कुछ जगहों पर अब तक सीट भी नहीं रखी गई। खास बात यह है कि शौचालय निर्माण के लिए दिया गया बजट पूरा खर्च हो गया है। भरावन विकास खंड की ग्राम पंचायत बिलरिया में बने अधिकांश शौचालय अधूरे हैं। कुछ तो ऐसे हैं, जो अधूरे पड़े रहने के दौरान ही क्षतिग्रस्त भी हो गए हैं। कुछ शौचालयों में दरवाजे भी नहीं लगे हैं। ग्राम पंचायत बिलरिया में एक और कारनामा हुआ। कई शौचालयों के पिट तो बना दिए गए, लेकिन शौचालयों का अता-पता ही नहीं है। खाली भूूमि पर बने पिटों का मतलब भी ग्रामीण नहीं समझ पा रहे हैं।
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आंकड़ों के मुताबिक, भरावन विकास खंड की ग्राम पंचायत बिलरिया में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 51 शौचालयों के निर्माण का बजट भेजा गया था। इसके बाद एलओबी के तहत 81 और एनएलओबी के तहत 56 शौचालयों के निर्माण का बजट जारी हुआ था। बावजूद इसके करीब 90 फीसदी शौचालय अधूरे पड़े हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी गिरीश चंद्र ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। अब पता चला है तो विशेष टीम गठित कर एक सप्ताह के अंदर ही पूरे प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।