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Hardoi News: स्मृति द्वार बनवाने को साहब मांग रहे स्वतंत्रता सेनानी होने का सबूत

Fri, 22 Aug 2025 11:38 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई Updated Fri, 22 Aug 2025 11:38 PM IST
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To build a memorial gate, the gentleman is asking for proof of being a freedom fighter
हरदोई। इन दिनों विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच सबूत को लेकर बहस छिड़ी है। इस सबके बीच सबूत के लिए जिले में भी एक पत्रावली अटकी हुई है। सबूत मांगा जा रहा है कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, जयदेव कपूर स्वतंत्रता सेनानी थे या नहीं। इसी तरह तीन और लोगों के भी स्वतंत्रता सेनानी होने का अफसर प्रमाण मांग रहे हैं।
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पढ़ने और सुनने में यह अटपटा लग सकता है, लेकिन हकीकत यही है। दरअसल विधान परिषद सदस्य राम गोपाल उर्फ गोपाल अंजान ने अपनी विधायक निधि से पांच स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर स्मृति द्वार बनवाने का प्रस्ताव दिया था। यह प्रस्ताव सात फरवरी 2025 को दिया गया था। प्रस्ताव में स्वतंत्रता सेनानी रणजीत सिंह, सरदार गजराज सिंह उर्फ कुशल सिंह, शिवराज सिंह, जयदेव कपूर और अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से स्मृति द्वार बनवाए जाने हैं । एमएलसी के प्रस्ताव के क्रम में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को इस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए गए। आगणन बना भी लिया गया और मंजूरी के लिए पत्रावली तैयार भी कर ली गई।
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इसी बीच ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर उक्त लोगों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने का प्रमाण मांगा है। 25 जून को भेजे गए पत्र का जवाब फिलहाल अब तक आरईडी ने नहीं दिया है।
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इनसेट
पीडी बोले-मुझे तो प्रमाण चाहिए होगा तभी पत्रावली मंजूर होगी
ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक अशोक कुमार मौर्य से सबूत मांगे जाने पर बात की गई। उनका कहना है कि उच्चाधिकारियों ने इसको लेकर स्पष्टता रखने के निर्देश दिए है। अटल बिहारी वाजपेयी और जयदेव कपूर के नाम से स्मृति द्वार बनवाए जाने पर अधिकारी सहमत हो गए हैं। इन दोनों नामों को लेकर कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन बाकी के तीन नामों की स्थिति स्पष्ट हुए बिना कार्य नहीं कराया जा सकता। इसका प्रमाण मिलेगा तभी मंजूरी होगी।


डीआरडीए के परियोजना निदेशक अशोक कुमार मौर्य ने बताया कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया है। अब इसको लेकर एडीएम वित्त एवं राजस्व को पत्र भेजकर जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के पास स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची होती है। वही मिल जाए तो उसी के आधार पर पत्रावली को भी मंजूरी मिल जाएगी।
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