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टिमरुख कांड : इंचार्ज प्रधानाध्यापिका का लखनऊ में निधन, मजिस्ट्रेटी जांच का फिलहाल नतीजा नहीं
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हरदोई। संडीला विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय टिमरुख की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका की रविवार देर शाम लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में मौत हो गई। मौत की जानकारी मिलते ही शिक्षक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में शिक्षक शिक्षिकाएं उनके लखनऊ स्थित आवास पर भी रवाना हो गईं। उधरदूसरी ओर पूरे मामले में चल रही मजिस्ट्रेटी जांच का फिलहाल कोई नतीजा नहीं निकला है।
टिमरुख में रसोइया के पद पर तैनात अंजनी देवी और कल्पना ने बीते सोमवार को खाना बनाते समय आग लग जाने और झुलस जाने की शिकायत की थी। तब रसोइयों का आरोप था कि गैस पाइप में लीकेज है और कई बार कहने के बाद भी पाइप नहीं बदला गया। विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका शाहीन बानो 18 सितंबर से अवकाश पर थीं और लखनऊ में उनका इलाज चल रहा था। घटना के बाद तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी ब्रजेश त्रिपाठी ने फोन पर घटना को लेकर उनसे बातचीत की थी।
इस दौरान शाहीन को ब्रेन हैमरेज हो गया था। बेटी सायमा और बहन यासमीन ने आरोप लगाया था कि बीईओ के दबाव बनाने के कारण ब्रेन हैमरेज हुआ है। मंगलवार को शिक्षक संगठनों ने बीआरसी पर प्रदर्शन किया था। इसके बाद पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए थे। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी को संडीला से हटाकर मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया था। बुधवार को शाहीन को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। बाद में परिजन उन्हें लखनऊ के पारा में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां रविवार देर शाम उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वर्ष 2015 में वह 72885 भर्ती में नियुक्त की गई थीं। वर्ष 2016 से वह टिमरुख में तैनात थीं। परिवार में पति, एक बेटा और एक बेटी हैं। यह लोग लखनऊ के कैंपल रोड में रहते हैं।
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सांसद और एमएलसी ने भी की कार्रवाई की मांग
मिश्रिख से सांसद और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक रावत ने टिमरुख विद्यालय में हुई घटना को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी और उनके चालक के माध्यम से उत्पीड़न किए जाने की शिकायत की गई है। ऑफलाइन निरीक्षण कर उत्पीड़न किए जाने की जानकारी मिली है। सांसद ने संडीला के तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी को निलंबित कर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। साथ ही इनकी संपत्तियों की भी जांच कराने के लिए कहा है। एमएलसी अशोक अग्रवाल ने भी तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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टिमरुख में रसोइया के पद पर तैनात अंजनी देवी और कल्पना ने बीते सोमवार को खाना बनाते समय आग लग जाने और झुलस जाने की शिकायत की थी। तब रसोइयों का आरोप था कि गैस पाइप में लीकेज है और कई बार कहने के बाद भी पाइप नहीं बदला गया। विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका शाहीन बानो 18 सितंबर से अवकाश पर थीं और लखनऊ में उनका इलाज चल रहा था। घटना के बाद तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी ब्रजेश त्रिपाठी ने फोन पर घटना को लेकर उनसे बातचीत की थी।
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इस दौरान शाहीन को ब्रेन हैमरेज हो गया था। बेटी सायमा और बहन यासमीन ने आरोप लगाया था कि बीईओ के दबाव बनाने के कारण ब्रेन हैमरेज हुआ है। मंगलवार को शिक्षक संगठनों ने बीआरसी पर प्रदर्शन किया था। इसके बाद पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए थे। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी को संडीला से हटाकर मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया था। बुधवार को शाहीन को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। बाद में परिजन उन्हें लखनऊ के पारा में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां रविवार देर शाम उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वर्ष 2015 में वह 72885 भर्ती में नियुक्त की गई थीं। वर्ष 2016 से वह टिमरुख में तैनात थीं। परिवार में पति, एक बेटा और एक बेटी हैं। यह लोग लखनऊ के कैंपल रोड में रहते हैं।
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सांसद और एमएलसी ने भी की कार्रवाई की मांग
मिश्रिख से सांसद और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक रावत ने टिमरुख विद्यालय में हुई घटना को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी और उनके चालक के माध्यम से उत्पीड़न किए जाने की शिकायत की गई है। ऑफलाइन निरीक्षण कर उत्पीड़न किए जाने की जानकारी मिली है। सांसद ने संडीला के तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी को निलंबित कर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। साथ ही इनकी संपत्तियों की भी जांच कराने के लिए कहा है। एमएलसी अशोक अग्रवाल ने भी तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।