फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Tiger 's attitude towards Lakhimpur

बाघ का रुख लखीमपुर की ओर

Wed, 17 Feb 2016 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई Updated Wed, 17 Feb 2016 12:51 AM IST
विज्ञापन
Tiger 's attitude towards Lakhimpur
पिहानी के अंबारी गांव के गन्ने के खेतों में दो दिन गुजारने के बाद बाघ ने लखीमपुर जिले की ओर रुख किया है। बाघ ने सोमवार रात खेतों से निकलकर दो किलोमीटर एरिया में चहलकदमी की। मंगलवार को अंबारी के पड़ोस के गांव जलालपुर गोपी के आसपास बाघ के पैरों के निशान दिखे। इसी गांव के बाद लखीमपुर जिला शुरू होता है। इस इलाके में नीलगाय बहुतायत में हैं। समझा जाता है कि भूखा बाघ इन्हीं के शिकार के लिए इधर आया है। वन विभाग और पुलिस की टीमों ने पंजों के निशान के सहारे लखीमपुर जिले की सीमा तक कांबिंग की, पर बाघ नजर नहीं आया।
विज्ञापन


तीन दिन से लोगों की नींद हराम किए बाघ सोमवार रात हरदोई-लखीमपुर जिलों की सीमा पर पहुंच गया है। बाघ ने पहले आसपास के लगभग दो किमी किलोमीटर एरिया में चहलकदमी की, फिर सूखे नाले को पार कर दूसरी तरफ के खेतों में चला गया। यहां आसपास गन्ने के खेत हैं जो कई किलोमीटर तक फैले हैं। वन विभाग को यहां से आगे बाघ की सटीक लोकेशन नहीं मिल पाई। बीट प्रभारी बृजराज ने बताया कि सख्त और स्पष्ट निशान संकेत करते हैं कि यह भारी भरकम वजन वाला बाघ है। उसे शिकार की तलाश होगी। शायद इसी से उसने इस स्थान को चुना। सन्नाटे में रहने वाले इस इलाके के खेत उसकी महफूज पनाहगाह हो सकते हैं।
विज्ञापन


एक ही रास्ते से आता-जाता है
बाघ के बारे में कहा जाता है कि वह जिस रास्ते आता है, वापसी में भी वही रास्ता चुनता है। वह किधर से आया, इसका प्रमाण तो नहीं मिल रहा लेकिन वापसी के लिए चुने गए रास्ते से लगता है कि वह मैलानी-गोला जंगल की ओर से आया और वापसी में भी इसी राह पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिंजड़ा लगता तो फंस जाता
पिहानी (हरदोई)। बाघ ने सोमवार रात शिकार की तलाश में काफी चहलकदमी की। यदि पिंजड़ा लगा होता तो वह आसानी से फंस सकता था। इस बारे में टीम प्रभारी का कहना है कि पिंजड़ा तो मंगवा लिया गया था पर बाघ की स्पष्ट लोकेशन न मिलने से उसे लगाया नहीं जा सका।


भारी-भरकम नर बाघ है
बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रहे विशेषज्ञ व रेंज प्रभारी कछौना एके श्रीवास्तव ने बताया कि पाए गए निशान बाघ के ही हैं। यह कोई भारी भरकम नर बाघ है जो संभवत: खीरी के जंगल से इस तरफ आ गया है। इसके अलावा अन्य जानकारों ने भी यहां पाए गए पंजों के निशानों से बाघ होने की पुष्टि की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed