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12 किलोमीटर दूर दधिगढ़ा तक मिले बाघ के पद चिंह
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धतिगढ़ा में खेत में पाया गया यह पदचिंह। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। कासिमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नंदोली में किसानों पर हमला करने के बाद बाघ बुधवार सुबह 12 किलोमीटर दूर धतिगढ़ा से भी होकर गुजर गया। सर्च आपरेशन कर रहीं टीमों को उसके पंजे के निशान मिले हैं। वन विभाग की टीम ड्रोन कैमरे से भी बाघ की तलाश करने में जुट गई है।
मंगलवार दोपहर बाघ ने कासिमपुर के ग्राम नंदोली में तीन किसानों पर हमला कर दिया था। घटना के बाद बुधवार शाम तक वन विभाग की अलग अलग टीमों ने कांबिंग जारी रखी। कासिमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पिलखनी में बाघ की चहलकदमी की पुष्टि होने पर लखनऊ से आई वर्ल्ड वाइल्ड लाइन व वन प्राणी उद्यान की विशेष टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन बाघ का पता नहीं चला। हालांकि नंदोली से लेकर आगे 12 किलोमीटर दूर धतिगढ़ा तक उसके पंजे के निशान पाए गए।
प्रभागीय वन अधिकारी रवि शंकर शुक्ल ने बताया कि मंगलवार देर रात ऑपरेशन बंद किया गया। बुधवार सुबह लगभग आठ बजे से फिर बाघ की तलाश शुरू की गई। मुख्य वन संरक्षक लखनऊ मंडल आरके सिंह भी पहुंच गए और उन्होंने ग्रामीणों से सचेत रहने के लिए कहा है। संडीला कछौना सहित बिलग्राम के रेंजर ओमप्रकाश के नेतृत्व वाली टीम सहित तीन टीमों को लगाया गया। वन रक्षक भी लगाए गए। टीमों ने हसनापुर, सरसंड, पिटयारी, सहित कई गांवों में कॉबिंग की। इस दौरान धतिगढ़ा में पंजों के निशान मिले हैं। पूरी संभावना है रजबहे के किनारे-किनारे बाघ आगे बढ़ रहा है। बाघ की तलाश में वन विभाग की ओर से अधिकारियों ने जिला मुख्यालय पर मौजूद पिंजड़े को मौके पर भेज दिया है।
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सामने हो बाघ तो हिलना डुलना बंद कर दें
डीएफओ ने बताया कि सामने यदि बाघ आ जाए तो हिलना डुलना बंद कर दें। वन विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को ग्रामीणों को जागरूक किया। बताया कि यदि यह देख लें कि आप बाघ से न बच पाएं तो शोर मचाकर उसे भयभीत करने का तरीका अपना सकते हैं। डीएफओ ने बताया कि बाघ जिले की सीमा में पहुंच सकता है। ऐसे में सतर्क रहें।
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मंगलवार दोपहर बाघ ने कासिमपुर के ग्राम नंदोली में तीन किसानों पर हमला कर दिया था। घटना के बाद बुधवार शाम तक वन विभाग की अलग अलग टीमों ने कांबिंग जारी रखी। कासिमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पिलखनी में बाघ की चहलकदमी की पुष्टि होने पर लखनऊ से आई वर्ल्ड वाइल्ड लाइन व वन प्राणी उद्यान की विशेष टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन बाघ का पता नहीं चला। हालांकि नंदोली से लेकर आगे 12 किलोमीटर दूर धतिगढ़ा तक उसके पंजे के निशान पाए गए।
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प्रभागीय वन अधिकारी रवि शंकर शुक्ल ने बताया कि मंगलवार देर रात ऑपरेशन बंद किया गया। बुधवार सुबह लगभग आठ बजे से फिर बाघ की तलाश शुरू की गई। मुख्य वन संरक्षक लखनऊ मंडल आरके सिंह भी पहुंच गए और उन्होंने ग्रामीणों से सचेत रहने के लिए कहा है। संडीला कछौना सहित बिलग्राम के रेंजर ओमप्रकाश के नेतृत्व वाली टीम सहित तीन टीमों को लगाया गया। वन रक्षक भी लगाए गए। टीमों ने हसनापुर, सरसंड, पिटयारी, सहित कई गांवों में कॉबिंग की। इस दौरान धतिगढ़ा में पंजों के निशान मिले हैं। पूरी संभावना है रजबहे के किनारे-किनारे बाघ आगे बढ़ रहा है। बाघ की तलाश में वन विभाग की ओर से अधिकारियों ने जिला मुख्यालय पर मौजूद पिंजड़े को मौके पर भेज दिया है।
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सामने हो बाघ तो हिलना डुलना बंद कर दें
डीएफओ ने बताया कि सामने यदि बाघ आ जाए तो हिलना डुलना बंद कर दें। वन विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को ग्रामीणों को जागरूक किया। बताया कि यदि यह देख लें कि आप बाघ से न बच पाएं तो शोर मचाकर उसे भयभीत करने का तरीका अपना सकते हैं। डीएफओ ने बताया कि बाघ जिले की सीमा में पहुंच सकता है। ऐसे में सतर्क रहें।