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हत्या के मामले में तीन को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 27 Feb 2015 12:16 AM IST
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अपर जिला जज विशंभर प्रसाद ने गुरुवार को एक मुकदमे
की सुनवाई पूरी कर हत्या के अपराध में तीन अभियुक्तों को उम्रकैद व अर्थदंड
की सजा सुनाई। वहीं गैंगस्टर के अपराध में संबंधित एक मुकदमे की सुनवाई
पूरी कर गैंगस्टर कोर्ट के जज श्रीकांत वर्मा ने चार अभियुक्तों को
पांच-पांच साल की कैद व जुर्माना भरने की सजा सुनाई।
रिपोर्ट मझिला क्षेत्र के गौरवा निवासी विक्रम ने दर्ज कराई। घटनाक्रम के अनुसार 4 नवंबर 99 को विक्रम के बंटाई वाले धान के खेत से सटे हुए महेंद्र के खेत में पिहानी क्षेत्र के निजामपुर निवासी मतुआ उर्फ मातादीन तथा सगे भाई लतीफ गद्दी व फूलमारी गद्दी जानवर चरा रहे थे।
इन लोगों के जानवर विक्रम के बंटाई वाले खेत में घुस गए, जिस पर मना करने पर विवाद हो गया। उसी दिन रात डेढ़ बजे विक्रम अपने भाई रामकिशुन व मनीराम के साथ धान झोरने खेत पर थे। तभी वहां आरोपी मतुआ, लतीफ व फु लमारी पहुंचे तथा जान से मारने की नियत से फायरिंग कर दी।
गोली लगने से रामकिशुन की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में मनीराम व विक्रम को भी चोंटे आई थी। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। तीनों को मारपीट व गाली गलौज के अपराध में भी एक-एक साल की कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
आरोपी फु लमारी व लतीफ को दलित उत्पीड़न में भी उम्रकैद व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई और दोनों आरोपियों को आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी क रार देते हुए तीन-तीन साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सुनाई।
इधर, एक अन्य मुकदमे की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट ने चार अभियुक्तों को पांच-पांच साल कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई। कोर्ट के समक्ष चले मुकदमे में संडीला प्रभारी निरीक्षक एफआर आर्या ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में कहा था कि उन्हें 21 जनवरी 08 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि संडीला के देशराज, भूरे, उदय और माधौगंज के सुनील का संगठित गिरोह है, ये लोग समाज व क्षेत्र में भय व आतंक का माहौल बनाए थे।
आपराधिक प्रवृत्ति के होने के नाते कोई भी उन लोगों के विरुद्ध न रिपोर्ट लिखाता और न ही गवाही देता। पुलिस ने गैंगस्टर के आरोप में चारों पर आरोप पत्र कोर्ट भेजा था, जिस पर सजा सुनाई गई।
रिपोर्ट मझिला क्षेत्र के गौरवा निवासी विक्रम ने दर्ज कराई। घटनाक्रम के अनुसार 4 नवंबर 99 को विक्रम के बंटाई वाले धान के खेत से सटे हुए महेंद्र के खेत में पिहानी क्षेत्र के निजामपुर निवासी मतुआ उर्फ मातादीन तथा सगे भाई लतीफ गद्दी व फूलमारी गद्दी जानवर चरा रहे थे।
इन लोगों के जानवर विक्रम के बंटाई वाले खेत में घुस गए, जिस पर मना करने पर विवाद हो गया। उसी दिन रात डेढ़ बजे विक्रम अपने भाई रामकिशुन व मनीराम के साथ धान झोरने खेत पर थे। तभी वहां आरोपी मतुआ, लतीफ व फु लमारी पहुंचे तथा जान से मारने की नियत से फायरिंग कर दी।
गोली लगने से रामकिशुन की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में मनीराम व विक्रम को भी चोंटे आई थी। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। तीनों को मारपीट व गाली गलौज के अपराध में भी एक-एक साल की कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
आरोपी फु लमारी व लतीफ को दलित उत्पीड़न में भी उम्रकैद व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई और दोनों आरोपियों को आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी क रार देते हुए तीन-तीन साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सुनाई।
इधर, एक अन्य मुकदमे की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट ने चार अभियुक्तों को पांच-पांच साल कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई। कोर्ट के समक्ष चले मुकदमे में संडीला प्रभारी निरीक्षक एफआर आर्या ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में कहा था कि उन्हें 21 जनवरी 08 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि संडीला के देशराज, भूरे, उदय और माधौगंज के सुनील का संगठित गिरोह है, ये लोग समाज व क्षेत्र में भय व आतंक का माहौल बनाए थे।
आपराधिक प्रवृत्ति के होने के नाते कोई भी उन लोगों के विरुद्ध न रिपोर्ट लिखाता और न ही गवाही देता। पुलिस ने गैंगस्टर के आरोप में चारों पर आरोप पत्र कोर्ट भेजा था, जिस पर सजा सुनाई गई।