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Hardoi News: सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने और आयकर रिटर्न भरने वाले ले रहे मुफ्त का अनाज
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फोटो 27: जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय। संवाद
हरदोई। मूल्य समर्थन योजना में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान और गेहूं बेचने वाले पांच एकड़ से अधिक के भूमिधारी 2,461 किसान निशुल्क राशन ले रहे थे।
ऐसे ही सालना 25,00,000 रुपये अधिक का टर्नओवर करने वाले 65 परिवार भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में कोटे की दुकान से खाद्यान्न ले रहे हैं। भारत सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के खाद्यान्न को पात्रता श्रेणी से बाहर के लोगों की तरफ से लिए जाने वाले परिवारों की सूची जारी कर दी है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) में जिले के कोटे की दुकानों के माध्यम से निशुल्क खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है। एनएफएसए में निशुल्क खाद्यान्न के लिए पात्रता की 11 श्रेणी दी गई हैं। ई-पॉस (इलेक्ट्रानिक-प्वांट ऑफ सेल) मशीन से आधार बेस्ड वितरण में कोटे की दुकान से खाद्यान्न लेने वालों की भारत सरकार के खाद्य और रसद मंत्रालय ने ऑनलाइन विवरण की जांच की। इसमें जिले के 68 राशनकार्ड धारक में 65 अपात्र मिले, जिनका सालाना टर्नओवर 25,00,000 रुपये से अधिक है। वहीं, पांच एकड़ से अधिक भूमि के स्वामी और मूल्य समर्थन योजना में उपज बेचने वाले 3,772 राशनकार्ड धारक परिवार चिह्नित हुए जिनके सत्यापन में 2,461 अपात्र भी मिले हैं।
खाद्य और रसद विभाग की तरफ से जारी सूची में भारी वाहन स्वामी की श्रेणी में 15, हल्के वाहन की श्रेणी में 7,792 राशनकार्ड धारक परिवार चिह्नित हुए हैं। ऐसे ही शहरी क्षेत्र में 3,00,000 रुपये से अधिक आमदनी वाले 7,539 और ग्रामीण क्षेत्र में 2,00,000 रुपये से अधिक आय वाले 13,194 राशनकार्ड धारक परिवार चिह्नित हुए हैं।
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फैक्ट फाइल :
- 8,44,957 कुल राशनकार्ड धारक परिवार।
- 6,67,230 पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारक परिवार।
- 1,17,727 अंत्योदय अन्न योजना राशनकार्ड धारक परिवार।
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एनएफएसए में निशुल्क खाद्यान्न वितरण में अपात्रता की श्रेणी में शामिल परिवारों की सूची भारत सरकार से मिली है। सूची में शामिल राशनकार्ड धारकों का पूर्ति निरीक्षकों से सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन में अपात्र होने की पुष्टि पर सितंबर माह से ही खाद्यान्न वितरण पर रोक भी लगानी शुरू कर दी गई है।-- दिलीप कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
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ऐसे ही सालना 25,00,000 रुपये अधिक का टर्नओवर करने वाले 65 परिवार भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में कोटे की दुकान से खाद्यान्न ले रहे हैं। भारत सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के खाद्यान्न को पात्रता श्रेणी से बाहर के लोगों की तरफ से लिए जाने वाले परिवारों की सूची जारी कर दी है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) में जिले के कोटे की दुकानों के माध्यम से निशुल्क खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है। एनएफएसए में निशुल्क खाद्यान्न के लिए पात्रता की 11 श्रेणी दी गई हैं। ई-पॉस (इलेक्ट्रानिक-प्वांट ऑफ सेल) मशीन से आधार बेस्ड वितरण में कोटे की दुकान से खाद्यान्न लेने वालों की भारत सरकार के खाद्य और रसद मंत्रालय ने ऑनलाइन विवरण की जांच की। इसमें जिले के 68 राशनकार्ड धारक में 65 अपात्र मिले, जिनका सालाना टर्नओवर 25,00,000 रुपये से अधिक है। वहीं, पांच एकड़ से अधिक भूमि के स्वामी और मूल्य समर्थन योजना में उपज बेचने वाले 3,772 राशनकार्ड धारक परिवार चिह्नित हुए जिनके सत्यापन में 2,461 अपात्र भी मिले हैं।
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खाद्य और रसद विभाग की तरफ से जारी सूची में भारी वाहन स्वामी की श्रेणी में 15, हल्के वाहन की श्रेणी में 7,792 राशनकार्ड धारक परिवार चिह्नित हुए हैं। ऐसे ही शहरी क्षेत्र में 3,00,000 रुपये से अधिक आमदनी वाले 7,539 और ग्रामीण क्षेत्र में 2,00,000 रुपये से अधिक आय वाले 13,194 राशनकार्ड धारक परिवार चिह्नित हुए हैं।
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फैक्ट फाइल :
- 8,44,957 कुल राशनकार्ड धारक परिवार।
- 6,67,230 पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारक परिवार।
- 1,17,727 अंत्योदय अन्न योजना राशनकार्ड धारक परिवार।
एनएफएसए में निशुल्क खाद्यान्न वितरण में अपात्रता की श्रेणी में शामिल परिवारों की सूची भारत सरकार से मिली है। सूची में शामिल राशनकार्ड धारकों का पूर्ति निरीक्षकों से सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन में अपात्र होने की पुष्टि पर सितंबर माह से ही खाद्यान्न वितरण पर रोक भी लगानी शुरू कर दी गई है।