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Hardoi News: जिले में डेंगू का एक भी मरीज नहीं लेकिन ब्लड बैंक से खप गईं 87 यूनिट प्लेटलेट्स

Sat, 06 Sep 2025 10:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 06 Sep 2025 10:54 PM IST
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There is not a single dengue patient in the district but 87 units of platelets were consumed from the blood bank
हरदोई। जनपद के स्वास्थ्य महकमे के आंकड़ों में अब तक डेंगू का एक भी मरीज दर्ज नहीं है। बावजूद इसके पिछले कुछ दिनों में प्लेटलेट्स की मांग और खपत बढ़ी है। हालांकि चिकित्सकों का दावा है कि मलेरिया और लगातार बुखार आने पर भी प्लेटलेट्स घट जाती हैं। मेडिकल कॉलेज स्थित ब्लड बैंक से पिछले दस दिन में 87 यूनिट प्लेटलेट्स विभिन्न मरीजों को दी जा चुकी हैं।
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अगस्त के दूसरे पखवाड़े से ही मौसम बदलना शुरू हो जाता है। दिन में धूप और सुबह शाम की बदली वायरल बुखार को दस्तक दे रही है। इसके साथ ही मलेरिया, टाइफाइड और डेंगू जैसे रोग भी पनपने लगते हैं। यही वजह है कि प्राइवेट पैथाेलॉजी से इतर मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में भी बड़ी संख्या में मरीजों की मलेरिया, टाइफाइड और डेंगू की जांच की जा रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि इस सीजन में अब तक डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला है।
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इससे इतर पिछले दस दिन में मलेरिया के 77 मरीज मिल चुके हैं। अब बात पिछले दस दिनों में बढ़ी प्लेटलेट्स की मांग और खपत पर भी है। आमधारणा है कि प्लेटलेट्स डेंगू होने पर ही कम होती हैं लेकिन यहां तो डेंगू के मरीज न मिलने पर भी प्लेटलेट्स की खपत हो रही है। इस पर चिकित्सकों का कहना है कि सिर्फ डेंगू में ही प्लेटलेट्स की खपत नहीं होती बल्कि लगातार सामान्य बुखार आने पर भी प्लेटलेट्स कम हो सकती हैं। इसके अलावा मलेरिया में भी प्लेटलेट्स कम होने की संभावना रहती है। ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. पवन कुमार बताते हैं कि डेंगू के साथ ही मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल और क्रोनिक आईटीपी में भी प्लेटलेट्स कम होती हैं।
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ब्लड सेपरेशन यूनिट से बचने लगी लखनऊ की दौड़
मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में तीन साल पहले ब्लड सेपरेशन यूनिट की स्थापना हो गई थी। इसकी स्थापना के लिए अमर उजाला
ने समाचारीय अभियान चलाया था। तत्कालीन जिलाधिकारी अविनाश कुमार और भाजपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने इसके लिए विशेष प्रयास किया था। ब्लड सेपरेशन यूनिट के कारण प्लेटलेट्स यहीं खून से अलग की जाने लगीं। इससे जरूरतमंदों को लखनऊ की दौड़ से निजात मिल गई।




पिछले दस दिनों में ब्लड बैंक से 87 यूनिट प्लेटलेट्स डिमांड के आधार पर दी गई हैं। इसका विस्तृत ब्योरा भी उपलब्ध है। मतलब यह कि दस दिन में 87 मरीजों की प्लेटलेट्स तो घटी ही हैं। मेरी राय में प्लेटलेट्स दस हजार से कम होने पर ही चढ़ाई जानी चाहिए। -डॉ. पवन कुमार, प्रभारी ब्लड बैंक, मेडिकल कॉलेज





हरदोई में प्लेटलेट्स ज्यादा गिरने के मामले मलेरिया के मरीजों में ज्यादा आ रहे हैं। मलेरिया भी चार तरह की स्पेसीस से ज्यादा होता है। कुछ दिन पहले तक वाईबैक्स स्पेसीस की वजह से मलेरिया से पीड़ित लोग आ रहे थे लेकिन अब फैल्सी पैरम स्पेसीस से पीड़ित मरीज मिल रहे हैं। इसमें प्लेटलेट्स ज्यादा तेजी से घटती हैं। वायरल में भी मरीजों और उनके तीमारदारों को चिकित्सकों की सलाह पर ही दवा लेनी चाहिए। अपने मन से या मेडिकल स्टोर से पूछकर दवा लेने से बचना चाहिए। -डॉ. विकास विद्यार्थी, विभागाध्यक्ष, जनरल मेडिसिन
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