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Hardoi News: हड्डी वार्ड में मरीजों के लिए पीने का पानी नहीं, एसी-कूलर भी बंद
Sat, 03 May 2025 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Sat, 03 May 2025 12:01 AM IST
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- हड्डी वार्ड में बंद पड़ा कूलर व एसी। संवाद
- फोटो : - हड्डी वार्ड में बंद पड़ा कूलर व एसी। संवाद
फोटो-01- मेडिकल कॉलेज में लगे वाटर कूलर से पानी लेने को लगी तीमारदारों की भीड़। संवाद
फोटो-02- हड्डी वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
फोटो-03- हड्डी वार्ड में बंद पड़ा कूलर व एसी। संवाद
- सड़क पार करके पानी लाने के लिए तीमारदार मजबूर, भीषण गर्मी के बावजूद अब तक ठीक नहीं कराए जा सके कूलर व एसी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के हड्डी वार्ड की दशा बेहद खराब है। भीषण गर्मी के बावजूद वार्ड में न तो पीने के पानी की कोई व्यवस्था है और न बेहतर हवा।
मरीज और उनके तीमारदार पीने का पानी सड़क पार कर मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे वाटर कूलर से भरकर लाते हैं, तो कई बार बोतल बंद पानी खरीदकर काम चलाते हैं। वार्ड में एसी और कूलर भी अभी शुरू नहीं हुए हैं। लोगों को गर्मी में परेशान होना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में सहूलियतें भले ही बढ़ाई जा रहीं हो, लेकिन सड़क के दूसरी ओर बना हड्डी वार्ड अभी भी जरूरी संसाधनों से वंचित है। नेत्र चिकित्सालय के स्थान पर हड्डी वार्ड बना गया है। यहां 10 बेडों पर मरीज भर्ती हैं और उनके साथ तीमारदार हैं। वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए न तो पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था है और न ही बेहतर हवा की। भीषण गर्मी में गला सूखने पर तीमारदारों को मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे वाटर कूलर से पानी लेना पड़ रहा है। पानी के लिए कई बार तीमारदारों को बाहर की दुकानों से बोतल बंद पानी खरीदना पड़ रहा है।
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दृश्य-1- मेडिकल कॉलेज परिसर में गेट के पास वाटर कूलर लगा हुआ है। मरीजों को प्यास लगने पर तीमारदारों को सड़क पार करके वाटर कूलर से पानी भरने आना पड़ता है। वार्ड में या आसपास कहीं पर भी पानी की व्यवस्था नहीं है। अस्पताल के गेट के बाहर लगी दुकानों से बोतल बंद पानी या फिर पानी के पाउच खरीदने पड़ते हैं।
दृश्य-2- बदबू भरे वार्ड में मरीजों को भर्ती किया जाता है। एक तो वार्ड की न तो रोज साफ-सफाई होती है और न ही सैनिटाइजेशन होता है। ऐसे में वार्ड के अंदर घुसते ही बदबू का सामना करना पड़ता है। सिर्फ पंखों के सहारे भर्ती मरीजों को अधिक गर्मी लगने पर उनके तीमारदार हाथ पंखों से हवा करते हुए देखे जाते हैं।
दृश्य-3- हड्डी वार्ड में एसी भी लगा हुआ है और कूलर भी रखा हुआ है लेकिन भीषण गर्मी के बावजूद वार्ड में एक ही एसी चल रहा है और दूसरा एसी बंद पड़ा हुआ। वार्ड में कूलर भी रखा हुआ है लेकिन वह भी काम नहीं कर रहा है। ऐसे में गर्मी से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
वर्जन
हड्डी वार्ड को मेडिकल कॉलेज के नए आईपीडी भवन में शिफ्ट किया जाना है। नए आईपीडी भवन में बिजली को लेकर कुछ समस्या है। इसके लिए नया सब स्टेशन बनना है। सब स्टेशन को बनाने की प्रक्रिया चल रही है। बाकी अभी वार्ड में अगर कोई समस्या आ रही है तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा।-डाॅ. जेबी गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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फोटो-02- हड्डी वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
फोटो-03- हड्डी वार्ड में बंद पड़ा कूलर व एसी। संवाद
- सड़क पार करके पानी लाने के लिए तीमारदार मजबूर, भीषण गर्मी के बावजूद अब तक ठीक नहीं कराए जा सके कूलर व एसी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के हड्डी वार्ड की दशा बेहद खराब है। भीषण गर्मी के बावजूद वार्ड में न तो पीने के पानी की कोई व्यवस्था है और न बेहतर हवा।
मरीज और उनके तीमारदार पीने का पानी सड़क पार कर मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे वाटर कूलर से भरकर लाते हैं, तो कई बार बोतल बंद पानी खरीदकर काम चलाते हैं। वार्ड में एसी और कूलर भी अभी शुरू नहीं हुए हैं। लोगों को गर्मी में परेशान होना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल में सहूलियतें भले ही बढ़ाई जा रहीं हो, लेकिन सड़क के दूसरी ओर बना हड्डी वार्ड अभी भी जरूरी संसाधनों से वंचित है। नेत्र चिकित्सालय के स्थान पर हड्डी वार्ड बना गया है। यहां 10 बेडों पर मरीज भर्ती हैं और उनके साथ तीमारदार हैं। वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए न तो पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था है और न ही बेहतर हवा की। भीषण गर्मी में गला सूखने पर तीमारदारों को मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे वाटर कूलर से पानी लेना पड़ रहा है। पानी के लिए कई बार तीमारदारों को बाहर की दुकानों से बोतल बंद पानी खरीदना पड़ रहा है।
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दृश्य-1- मेडिकल कॉलेज परिसर में गेट के पास वाटर कूलर लगा हुआ है। मरीजों को प्यास लगने पर तीमारदारों को सड़क पार करके वाटर कूलर से पानी भरने आना पड़ता है। वार्ड में या आसपास कहीं पर भी पानी की व्यवस्था नहीं है। अस्पताल के गेट के बाहर लगी दुकानों से बोतल बंद पानी या फिर पानी के पाउच खरीदने पड़ते हैं।
दृश्य-2- बदबू भरे वार्ड में मरीजों को भर्ती किया जाता है। एक तो वार्ड की न तो रोज साफ-सफाई होती है और न ही सैनिटाइजेशन होता है। ऐसे में वार्ड के अंदर घुसते ही बदबू का सामना करना पड़ता है। सिर्फ पंखों के सहारे भर्ती मरीजों को अधिक गर्मी लगने पर उनके तीमारदार हाथ पंखों से हवा करते हुए देखे जाते हैं।
दृश्य-3- हड्डी वार्ड में एसी भी लगा हुआ है और कूलर भी रखा हुआ है लेकिन भीषण गर्मी के बावजूद वार्ड में एक ही एसी चल रहा है और दूसरा एसी बंद पड़ा हुआ। वार्ड में कूलर भी रखा हुआ है लेकिन वह भी काम नहीं कर रहा है। ऐसे में गर्मी से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
वर्जन
हड्डी वार्ड को मेडिकल कॉलेज के नए आईपीडी भवन में शिफ्ट किया जाना है। नए आईपीडी भवन में बिजली को लेकर कुछ समस्या है। इसके लिए नया सब स्टेशन बनना है। सब स्टेशन को बनाने की प्रक्रिया चल रही है। बाकी अभी वार्ड में अगर कोई समस्या आ रही है तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा।-डाॅ. जेबी गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज