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Hardoi News: बैराजों के पानी से गंगा नदी का बढ़ा जलस्तर, सई नदी के पानी से शाहाबाद, पिहानी और हरियावां में बाढ़
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हरदोई/पिहानी/शाहाबाद/हरियावां। बेराजों से छोड़े जाने वाली पानी से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा है। गंगा नदी का पानी फर्रुखाबाद के पांचाल और जिले के राजघाट पर चेतावनी बिंदु से ऊपर बना हुआ है।
वहीं सई नदी के पानी से पिहानी के धोबिया और हरियावां के लंबईपुरवा गांव में पानी भर गया है। शाहाबाद के शर्मा गांव में सुखेता नदी का पानी भरा हुआ है। जिससे इन गांवों के लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने शाहाबाद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। प्रभावित परिवारों को किट का वितरण किया।
पिहानी क्षेत्र में बारिश के बाद अब सई नदी के पानी ने लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। पिहानी-महोली मार्ग पर गोमती पुल के निकट मोड़ पर आधी से अधिक सड़क दो जगह से कट गई है। इसी मार्ग पर कुल्लही पुल और अन्य दो स्थानों पर निर्माणाधीन पुलिया के पास मार्ग कट गया है। प्रभावित मार्ग पर ईंटा-रोड़ा डालकर हल्के वाहनों का बृहस्पतिवार को आवागमन शुरू किया गया है। भारी वाहनों का आवागमन ठप है। हालांकि क्षेत्र में गोमती नदी अभी खतरे के निशान से नीचे है। अगले दो दिनों में पानी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। धोबिया गांव में जलभराव से बेघर परिवारों को चिह्नित कर राहत सामग्री का वितरण किया गया। प्रभावित परिवार तपोवन सिद्धाश्रम पर शरण लिए हैं। वहां पर 65 राहत किट वितरित की गईं। बाढ़ से पानी से मवेशियों का भी रेस्क्यू किया गया है। पशुपालन विभाग की टीम ने सीवीओ डॉ. एके सिंह, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुका यादव के नेतृत्व में मवेशियों को बीमारियों से बचाव के लिए पशुपालकों को दवा का वितरण किया।
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हरियावां क्षेत्र में सई नदी में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हरियावां से चिरैयाझाला होते हुए पेंग जाने वाले मार्ग पर पानी आने से आवागमनन ठप हो गया है। जिससे कई गांव का संपर्क टूट गया है। लंबईपुरवा गांव में घरों तक पानी आने से लोग ट्राली पर रात गुजार रहे हैं। तहसील की तरफ से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री नहीं मिली है। लंबईपुरवा निवासी बाबू की झोपडी में पानी भर गया है, जिससे खाने-पीने की दिक्कतें हो गई हैं। कमलेश ने बताया कि पानी घरों के अंदर तक आने के कारण रात में सोने की दिक्कत है। बच्चों को बाहर ट्राली पर रात गुजारनी पड़ रही है।
शाहाबाद क्षेत्र में सुखेता नदी में बृहस्पतिवार को पानी में और बढोतरी से शर्मा गांव समेत अन्य गांवों में पानी भरा होने से घरों में पानी घुस गया है। जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। बाढ़ के पानी से करीब एक सौ बीघा धान, गन्ना, मक्का की फसल प्रभावित हुई है। लौकी, तोरई, खीरा आदि की फसल पानी में डूब गई है। बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। शर्मा गांव के तुलसी, रामभरोसे, धनी कश्यप, उज्ज्वल मिश्रा, नंदीश अग्निहोत्री, संतु कश्यप आदि ने बताया कि तहसील स्तर से कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। आवागमन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था न हेने से लोगों को दिक्कतें हैं। सुखेता नदी से शर्मा, मिठनापुर के अलावा रत्नापुर, मिल्किया, आंझी, धर्मापुर, आदमपुर, खरगपुर, ककरघटा, पसिगवां, मियांपुर, कोड़रा, सरैया, बद्दापुर में बाढ़ का पानी घरों में घुसने लगा है। झरसा केसरी, बिलालपुर, झरसा आलम, फतेपुर शिवगुलाम आदि गांवों का शर्मा और मिठनापुर के पुल पानी में डूबने आवागमन ठप है। राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने एसडीएम अंकित तिवारी के साथ ककरघटा स्टेडियम से खरगपुर व मिठनापुर से शर्मा गांव तक दो नाव चलवाने के लिए कहा है। जिससे आवागमन सुचारू हो सके। मिठनापुर गांव से बाहर एक दर्जन लोगों को राहत सामग्री वितरित की। नायब तहसीलदार संतोष कुशवाहा, केन सोसायटी के अध्यक्ष रंजीत सिंह, प्रधान सुमित सिंह, गोविंद पाठक आदि लोग मौजूद रहे।
बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी के पानी में लगातार वृद्धि हो रही है। जिसकी वजह से कटरी इलाके के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। लोग वैकल्पिक स्थितियों पर ध्यान देने लगे हैं। हालांकि पानी अभी नदी के बाहर नहीं बढ़ा है, परंतु जिस तेजी से पानी का बहाव है उससे ग्रामीणों में खलबली है। प्रशासन भी बाढ़ के संभावनाओं को लेकर सतर्कता बरत रहा है। बृहस्पतिवार को एडीएम न्यायिक प्रफुल्ल त्रिपाठी, एसडीएम एन राम समेत तहसील के अधिकारियों ने जरैला गांव में ग्रामीणों की बैठक कर आपदा की हर स्थित में प्रशासन की पूरी मदद का आश्वासन दिया।
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गंगा नदी का पानी चेतावनी बिंदु से ऊपर बना हुआ
पहाड़ों पर हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से गंगा नदी पानी कई दिनों से चेतावनी बिंदु के ऊपर बना हुआ है। बृहस्पतिवार को गंगा नदी के पानी में पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर गंगा नदी का पानी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 40 सेंटीमीटर ऊपर 137 मीटर पर पहुंच गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 2,30,952 क्यूसेक, नरौरा बैराज से 2,68,279 क्यूसेक, उत्तराखंड के नानकसागर बैराज से 2,433 क्यूसेक और पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 25,977 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बताया गया कि एक दिन में 5.27 लाख क्यूसेक पानी करीब तीन दशक बाद छोड़ा गया है। शारदा नहर विभाग के अधिशासी अभियंता एके चौधरी ने बताया कि बैराजों से छोड़ा जाने वाला पानी औसतन तीसरे दिन जिले में आ जाता है। राजघाट पर चेतावनी बिंदु 125.31 मीटर से ऊपर पानी पहुंच गया है। रामगंगा नदी का पानी अभी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से नीचे है। रामगंगा का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर में 134.55 मीटर पर है। गर्रा नदी का पानीी 146.70 मीटर पर पहुंचा है, जो चेतावनी बिंदु 148 मीटर से नीचे है।
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वहीं सई नदी के पानी से पिहानी के धोबिया और हरियावां के लंबईपुरवा गांव में पानी भर गया है। शाहाबाद के शर्मा गांव में सुखेता नदी का पानी भरा हुआ है। जिससे इन गांवों के लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने शाहाबाद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। प्रभावित परिवारों को किट का वितरण किया।
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पिहानी क्षेत्र में बारिश के बाद अब सई नदी के पानी ने लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। पिहानी-महोली मार्ग पर गोमती पुल के निकट मोड़ पर आधी से अधिक सड़क दो जगह से कट गई है। इसी मार्ग पर कुल्लही पुल और अन्य दो स्थानों पर निर्माणाधीन पुलिया के पास मार्ग कट गया है। प्रभावित मार्ग पर ईंटा-रोड़ा डालकर हल्के वाहनों का बृहस्पतिवार को आवागमन शुरू किया गया है। भारी वाहनों का आवागमन ठप है। हालांकि क्षेत्र में गोमती नदी अभी खतरे के निशान से नीचे है। अगले दो दिनों में पानी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। धोबिया गांव में जलभराव से बेघर परिवारों को चिह्नित कर राहत सामग्री का वितरण किया गया। प्रभावित परिवार तपोवन सिद्धाश्रम पर शरण लिए हैं। वहां पर 65 राहत किट वितरित की गईं। बाढ़ से पानी से मवेशियों का भी रेस्क्यू किया गया है। पशुपालन विभाग की टीम ने सीवीओ डॉ. एके सिंह, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुका यादव के नेतृत्व में मवेशियों को बीमारियों से बचाव के लिए पशुपालकों को दवा का वितरण किया।
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हरियावां क्षेत्र में सई नदी में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हरियावां से चिरैयाझाला होते हुए पेंग जाने वाले मार्ग पर पानी आने से आवागमनन ठप हो गया है। जिससे कई गांव का संपर्क टूट गया है। लंबईपुरवा गांव में घरों तक पानी आने से लोग ट्राली पर रात गुजार रहे हैं। तहसील की तरफ से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री नहीं मिली है। लंबईपुरवा निवासी बाबू की झोपडी में पानी भर गया है, जिससे खाने-पीने की दिक्कतें हो गई हैं। कमलेश ने बताया कि पानी घरों के अंदर तक आने के कारण रात में सोने की दिक्कत है। बच्चों को बाहर ट्राली पर रात गुजारनी पड़ रही है।
शाहाबाद क्षेत्र में सुखेता नदी में बृहस्पतिवार को पानी में और बढोतरी से शर्मा गांव समेत अन्य गांवों में पानी भरा होने से घरों में पानी घुस गया है। जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। बाढ़ के पानी से करीब एक सौ बीघा धान, गन्ना, मक्का की फसल प्रभावित हुई है। लौकी, तोरई, खीरा आदि की फसल पानी में डूब गई है। बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। शर्मा गांव के तुलसी, रामभरोसे, धनी कश्यप, उज्ज्वल मिश्रा, नंदीश अग्निहोत्री, संतु कश्यप आदि ने बताया कि तहसील स्तर से कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। आवागमन की कोई वैकल्पिक व्यवस्था न हेने से लोगों को दिक्कतें हैं। सुखेता नदी से शर्मा, मिठनापुर के अलावा रत्नापुर, मिल्किया, आंझी, धर्मापुर, आदमपुर, खरगपुर, ककरघटा, पसिगवां, मियांपुर, कोड़रा, सरैया, बद्दापुर में बाढ़ का पानी घरों में घुसने लगा है। झरसा केसरी, बिलालपुर, झरसा आलम, फतेपुर शिवगुलाम आदि गांवों का शर्मा और मिठनापुर के पुल पानी में डूबने आवागमन ठप है। राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने एसडीएम अंकित तिवारी के साथ ककरघटा स्टेडियम से खरगपुर व मिठनापुर से शर्मा गांव तक दो नाव चलवाने के लिए कहा है। जिससे आवागमन सुचारू हो सके। मिठनापुर गांव से बाहर एक दर्जन लोगों को राहत सामग्री वितरित की। नायब तहसीलदार संतोष कुशवाहा, केन सोसायटी के अध्यक्ष रंजीत सिंह, प्रधान सुमित सिंह, गोविंद पाठक आदि लोग मौजूद रहे।
बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी के पानी में लगातार वृद्धि हो रही है। जिसकी वजह से कटरी इलाके के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। लोग वैकल्पिक स्थितियों पर ध्यान देने लगे हैं। हालांकि पानी अभी नदी के बाहर नहीं बढ़ा है, परंतु जिस तेजी से पानी का बहाव है उससे ग्रामीणों में खलबली है। प्रशासन भी बाढ़ के संभावनाओं को लेकर सतर्कता बरत रहा है। बृहस्पतिवार को एडीएम न्यायिक प्रफुल्ल त्रिपाठी, एसडीएम एन राम समेत तहसील के अधिकारियों ने जरैला गांव में ग्रामीणों की बैठक कर आपदा की हर स्थित में प्रशासन की पूरी मदद का आश्वासन दिया।
गंगा नदी का पानी चेतावनी बिंदु से ऊपर बना हुआ
पहाड़ों पर हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से गंगा नदी पानी कई दिनों से चेतावनी बिंदु के ऊपर बना हुआ है। बृहस्पतिवार को गंगा नदी के पानी में पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर गंगा नदी का पानी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 40 सेंटीमीटर ऊपर 137 मीटर पर पहुंच गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 2,30,952 क्यूसेक, नरौरा बैराज से 2,68,279 क्यूसेक, उत्तराखंड के नानकसागर बैराज से 2,433 क्यूसेक और पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 25,977 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बताया गया कि एक दिन में 5.27 लाख क्यूसेक पानी करीब तीन दशक बाद छोड़ा गया है। शारदा नहर विभाग के अधिशासी अभियंता एके चौधरी ने बताया कि बैराजों से छोड़ा जाने वाला पानी औसतन तीसरे दिन जिले में आ जाता है। राजघाट पर चेतावनी बिंदु 125.31 मीटर से ऊपर पानी पहुंच गया है। रामगंगा नदी का पानी अभी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से नीचे है। रामगंगा का पानी शाहजहांपुर के हुल्लापुर में 134.55 मीटर पर है। गर्रा नदी का पानीी 146.70 मीटर पर पहुंचा है, जो चेतावनी बिंदु 148 मीटर से नीचे है।