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Hardoi News: पॉलीग्राफी टेस्ट का नाम लेते ही खुल गया हत्या का राज

Sun, 14 Jan 2024 11:50 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jan 2024 11:50 PM IST
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The secret of murder was revealed as soon as the name of polygraphy test was mentioned.
हरदोई। अतरौली थाना क्षेत्र में पांच माह पहले हुई रसोइए की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। उसकी हत्या बातचीत बंद करने से नाराज प्रेमी ने गला दबाकर की थी। खास बात यह है कि घटना का खुलासा करने में पुलिस की आधुनिक तकनीक नहीं, बल्कि मुखबिर का जाल और पहचान छिपाकर कई दिनों तक गांव में आवाजाही करने से मिली। पॉलीग्राफी टेस्ट कराने से बचने की कवायद ने पुलिस को हत्यारोपी तक पहुंचा दिया। हत्यारोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
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अतरौली थाना क्षेत्र के बहुती कला निवासी महादेई (55) प्राथमिक विद्यालय दलेलपुर में रसोइया थी। 13 अगस्त को वह विद्यालय से वापस घर जाते समय लापता हो गई थी और आधी रात के बाद उसका शव एक मक्के के खेत में पड़ा मिला था। अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला महादेई के पति महावीर ने दर्ज कराया था। लगभग पांच माह बाद पुलिस घटना का खुलासा करने में कामयाब हो गई।
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घटना की तह तक जाने के लिए प्रभारी निरीक्षक दिलेश सिंह ने पहचान छिपाकरन सिर्फ बहुती कला बल्कि दलेलपुर में भी आवाजाही की। इसके अलावा उन्होेंने संडीला काेतवाली में तैनाती के दौरान बनाए गए मुखबिरों को भी लगाया। तीन दिन पहले यह पुख्ता हो गया कि घटना को बहुती कला निवासी रमेश ने अंजाम दिया है।
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पूछताछ के लिए पुलिस ने रमेश को बुलाया तो बचने की कोशिश करता रहा। इसी दौरान पुलिस ने मृतका के पति महावीर और रमेश दोनों से पॉलीग्राफी टेस्ट कराने के लिए कहा, तो महावीर तैयार हो गया, लेकिन रमेश ने इनकार कर दिया। इसके बाद कई बार बुलाने पर भी रमेश थाने नहीं आया। रविवार सुबह सात बजे पुलिस ने गोड़वा नहर पुल के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया।


हत्या कर राशन लेने लाइन में लग गया था रमेश
13 अगस्त को महादेई स्कूल से घर जा रही थी। दोपहर में लगभग दो बजे नहर पुलिया के पास रमेश ने उसे रोक लिया, लेकिन महादेई ने उससे बात करने से इनकार कर दिया। इस पर रमेश ने रस्सी और साड़ी से ही गला कसकर उसकी हत्या कर दी और शव घसीटकर मक्के के खेत में डाल दिया। उस पर किसी का शक न जाए, इसलिए वह कोटे की दुकान पर राशन लेने के लिए लाइन में लग गया।



पहले थीं नजदीकियां, दिव्यांग हुआ तो बना ली दूरी
महावीर और रमेश साथ में ही बंटाई पर खेत लेकर काम करते थे। दोनों ने साथ में कई बार मछली पालन भी किया। इसी के चलते रमेश का महावीर के घर पर आना-जाना था। रमेश की नजदीकियां महादेई से बढ़ गई थीं। लगभग दो साल पहले हैरो से रमेश के पैर का अंगूठा और अंगुलियां कट गई थीं। इसके चलते उसे लंबे समय तक अस्पताल और घर पर रहना पड़ा। इसी दौरान रमेश और महादेई के बीच दूरियां हो गई, तो बोलचाल भी बंद हो गई। इसी को लेकर वह नाराज रहता था और हत्या कर दी।
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