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Hardoi News: नोटिस में ही प्रिंट होगा जवाब देने का स्थान और तिथि
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हरदोई। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दूसरे चरण में पहले चरण में नो मैपिंग में चिह्नित 2.26 लाख मतदाताओं को नोटिस में ही जवाब देने का स्थान और तिथि भी प्रिंट होगी। भारत निर्वाचन आयोग ने सॉफ्टवेयर और नोटिस के प्रारूप को अपडेट किया है। सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को स्थान और तिथि पेन से नहीं लिखना होगा और वहीं लोगों में भी नोटिस को लेकर किसी तरह का संशय नहीं रहेगा।
विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के एसआईआर अभियान के पहले चरण में साल-2003 की मतदाता सूची से साल-2025 के अक्तूबर तक मतदाता सूची में शामिल नामों की मैपिंग कराई गई। साल-2025 की मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं के खुद या उनके माता-पिता, दादा-दादी के नाम होने पर मैपिंग की गई है। वहीं, मृतक, शिफ्टेड, डुप्लीकेट और गैरहाजिर श्रेणी के मतदाताओं को भी चिह्नित किया गया है। इस श्रेणी में करीब 5.44 लाख मतदाता चिह्नित हुए हैं।
वहीं, 2.26 लाख मतदाता ऐसे चिह्नित हुए हैं जिनके खुद के नाम या फिर माता-पिता, दादा-दादी के नाम साल-2003 की मतदाता सूची में नहीं थे जिससे ऐसे मतदाताओं की एसआईआर अभियान के पहले चरण में मैपिंग नहीं हो पाई। इससे वह मतदाता नो मैपिंग की श्रेणी में चले गए। नो मैपिंग श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं को नोटिस देकर सुनवाई की जाएगी। सुनवाई के दौरान साक्ष्य देने पर उन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। जवाब और साक्ष्य न देने वाले लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं जोड़े जाएंगे। बिना मैपिंग वाले लोगों को सूची में नाम जुड़वाने के लिए 13 विकल्प दिए गए हैं।
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बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस दिए जाने का काम जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशन में तेजी से शुरू हो गया है। सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को नोटिस प्रिंट कराकर वितरित कराए जाने की जिम्मेदारी दी गई है। बीएलओ नाेटिस की पावती को बीएलओ एप पर फीड भी करेंगे। वहीं, आयोग ने सॉफ्टवेयर और नोटिस के प्रारूप को भी अपडेट कर दिया है। जिले में सॉफ्टवेयर के अपडेट वर्जन से काम कराया जा रहा है। -संजय कुमार श्रीवास्तव, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी
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विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के एसआईआर अभियान के पहले चरण में साल-2003 की मतदाता सूची से साल-2025 के अक्तूबर तक मतदाता सूची में शामिल नामों की मैपिंग कराई गई। साल-2025 की मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं के खुद या उनके माता-पिता, दादा-दादी के नाम होने पर मैपिंग की गई है। वहीं, मृतक, शिफ्टेड, डुप्लीकेट और गैरहाजिर श्रेणी के मतदाताओं को भी चिह्नित किया गया है। इस श्रेणी में करीब 5.44 लाख मतदाता चिह्नित हुए हैं।
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वहीं, 2.26 लाख मतदाता ऐसे चिह्नित हुए हैं जिनके खुद के नाम या फिर माता-पिता, दादा-दादी के नाम साल-2003 की मतदाता सूची में नहीं थे जिससे ऐसे मतदाताओं की एसआईआर अभियान के पहले चरण में मैपिंग नहीं हो पाई। इससे वह मतदाता नो मैपिंग की श्रेणी में चले गए। नो मैपिंग श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं को नोटिस देकर सुनवाई की जाएगी। सुनवाई के दौरान साक्ष्य देने पर उन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। जवाब और साक्ष्य न देने वाले लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं जोड़े जाएंगे। बिना मैपिंग वाले लोगों को सूची में नाम जुड़वाने के लिए 13 विकल्प दिए गए हैं।
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बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस दिए जाने का काम जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशन में तेजी से शुरू हो गया है। सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को नोटिस प्रिंट कराकर वितरित कराए जाने की जिम्मेदारी दी गई है। बीएलओ नाेटिस की पावती को बीएलओ एप पर फीड भी करेंगे। वहीं, आयोग ने सॉफ्टवेयर और नोटिस के प्रारूप को भी अपडेट कर दिया है। जिले में सॉफ्टवेयर के अपडेट वर्जन से काम कराया जा रहा है। -संजय कुमार श्रीवास्तव, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी