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Hardoi News: एसएनसीयू और लेबर रूम को सप्लाई देने वाला ऑक्सीजन प्लांट ठप

Fri, 10 Jul 2026 10:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 10:51 PM IST
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The oxygen plant supplying the SNCU and labor room is stalled.
फोटो- 18- जिला महिला अस्पताल के पीछे लगा ऑक्सीजन प्लांट। संवाद - फोटो : 1
हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महिला अस्पताल के स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) और लेबर रूम को पाइपलाइन के जरिये ऑक्सीजन देने वाला प्लांट ठप हो गया है। एक सप्ताह पहले शॉर्ट सर्किट के कारण प्लांट की बिजली गुल होने के बाद अब तक इसे चालू नहीं किया जा सका। गंभीर नवजात और प्रसूताओं के उपचार के लिए कंसंट्रेटर और ऑक्सीजन सिलिंडरों का इस्तेमाल विकल्प के तौर पर किया जा रहा है।
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महिला अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए दो प्लांट लगे हुए हैं। इनमें 375 लीटर प्रति मिनट की ऑक्सीजन बनाने वाला एक प्लांट एचसीएल फाउंडेशन की तरफ से स्थापित कराया गया था। इस प्लांट से लेबर रूम और गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं के उपचार के लिए संचालित एसएनसीयू वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई की जाती है।
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बता दें कि कई गंभीर मामले होने पर प्रसूताओं को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है जबकि वह बच्चे जो जन्म के समय रोते नहीं हैं उनके लिए ऑक्सीजन आवश्यक होती है। अभी तक लेबर रूम और एसएनसीयू में पाइप लाइन के जरिये ऑक्सीजन दी जाती थी लेकिन बीते एक सप्ताह पहले शार्ट सर्किट की वजह से प्लांट की विद्युत प्रणाली ठप हो गई और अब ऑक्सीजन प्लांट ठप है। ऐसे में अब नवजात बच्चों व प्रसूताओं को कंसंट्रेटर व सिलिंडर से ऑक्सीजन दी जा रही है।
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कंसंट्रेटर व सिलिंडरों में रहती चूक की गुजाइंश
अधिक समय तक कंसंट्रेटर का लगातार प्रयोग भी उचित नहीं होता है। कंसंट्रेटर पर अधिक दबाव पड़ने से उसमें आग लगने की आशंका बनी रहती है। चूंकि अभी गर्मी चल रही है इसलिए हादसे का डर लगातार बना हुआ है। वहीं बीते साल मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में एक बार कंसंट्रेटर में आग लग भी चुकी है। इतना ही नहीं सिलिंडर के प्रयोग में भी चूक की गुंजाइश रहती है। जानकारों का कहना है कि सिलिंडरों के सहारे व्यवस्था तो संचालित की जा सकती है लेकिन लंबे समय तक यही व्यवस्था बनी रहना सुरक्षित नहीं माना जाता। इसलिए प्लांट को जल्द चालू कराना आवश्यक है।




शॉर्ट सर्किट से प्लांट के कंट्रोल पैनल और अन्य विद्युत उपकरण प्रभावित हुए हैं। तकनीकी टीम को सूचित किया जा चुका है, मंगलवार तक टीम मरम्मत का कार्य कर सकती है। जल्द ही व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज

फोटो- 18- जिला महिला अस्पताल के पीछे लगा ऑक्सीजन प्लांट। संवाद

फोटो- 18- जिला महिला अस्पताल के पीछे लगा ऑक्सीजन प्लांट। संवाद- फोटो : 1

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