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100-50 के नोट हो रहे डंप
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Wed, 16 Nov 2016 11:06 PM IST
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स्टेट बैंक के बाहर सड़क पर बैठे लोग ।
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई । नोट बदलने को लेकर लोगों की परेशानियां कम होने की बजाय बढ़ने लगी हैं। कारोबारियाें एवं संस्थानों से बैंकों में डिपाजिट होने वाले छोटे नोटों की संख्या में 90 फीसदी तक कमी आ गई है। इस तरह से छोटे नोटों को डंप किया जा रहा है। छोटे नोट डंप होने से जहां बैंकों में कुछ दिनों पूर्व तक सामान्य रूप से करोड़ों रुपये के आने वाले छोटे नोटों की आमद लाखों से भी कम हो गई है और डंपिग करने वालों से मिलकर कमीशन एजेंट लोगों से नोट एक्सचेंज के नाम पर खेलने लगे है।
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उधर, बैंकों में नोटों की समस्या से जहां घंटों लाइन में लगने के बाद भी लोगों को नोट बदल कर नहीं मिल पा रहे है तो इंडियन बैंक सहित कुछ बैंकों ने सीधे तौर पर नोट एक्सचेंज करने से मना कर दिया है । 9 नवंबर से 13 नवंबर तक बैंकों व डाकघरों में कैश डिपाजिट व कैश विड्राल के साथ चार हजार रुपये तक के कैश चेंज आईडी पूफ्र की सुविधा दी गई मगर आलम यह रहा है कि 50 फीसदी से अधिक बैंक शाखाओं में एवं डाकघरों में कैश ही पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध न हो सका।
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14 नवंबर को अवकाश के बाद 15 व 16 नवंबर को भी बैंकों में भीड़ उमड़ी । आलम यह रहा कि बुधवार को इंडियन बैंक, पीएनबी, एजीबी, एसबीआई, बीओआई, यूनियन बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक आदि में सुबह से ही लाइन लगनी शुरू हो गई। सुबह के 9 बजते बजते बैंकों के बाहर लोगों की लाइनें लगी थीं। जो लोग कल लाइन में लगे रहने के बाद भी नंबर न आ पाने की वजह से लौट गए थे वे आज सुबह से ही सब काम काज छोड़कर लाइन में थे ।
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सुबह 10 बजे बैंकों के प्रवेश द्वार से चैनलों से प्रवेश तो दिया गया मगर प्रवेश द्वार पर अलग अलग लाइन होने से एक ही लाइन में रेलमपेल और धक्कामुक्की हुई । बैंक के भीतर पहुंच कर भी नोट एक्सचेंज काउंटर एवं डिपाजिट व निकासी काउंटरों की लाइन में मारामारी है। इंडियन बैंक में लोगों के नोट एक्सचेंज करने से मना कर दिया गया। बैंक प्रबंधक ने इस बारे में कुछ कहने से इनकार कर दिया। कहा कि नोट नहीं है चेंज नहीं हाेंगे। सिर्फ खाते में जमा व निकासी होगी ।
अपनी जरूरत भर ही पैसा लें: डीडीएम
डीडीएम नाबार्ड राजीव मोहन ने कहा कि लोगों को अपनी जरूरत भर का ही पैसा (छोटे नोट ) अपने पास रखना चाहिए । व्यापारिक प्रतिष्ठानों / संस्थानों को भी सामान्य दिनों की तरह से छोटे नोट बैंकों में जमा करने चाहिए । छोटे नोटों को रोक लेने से बैंकों के सामने फिलहाल करेंसी की उपलब्धता की दिक्कत होगी। नोट रोक कर निजी स्तर पर एक्सचेंज करना किसी को प्रलोभन देना गलत है। ऐसा करते पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है ।
दुकानदार लगवाएं स्वेप मशीन: एलडीएम
एलडीएम नवीन कुमार ने कहा कि यह सही है कि करेंसी को लेकर दिक्कत है मगर किसी प्रकार की कोई चिंता करने की बात नहीं है । भारत सरकार के निर्देशानुसार बैंकें हर स्तर पर ग्राहकों को सेवाएं देने में तत्पर है । करेंसी की डिमांड कम करने के लिए व्यापारिक प्रतिष्ठानों व संस्थानों सहित दुकानों को अपने यहां स्वेप मशीन लगानी चाहिए ताकि उन्हें और ग्राहकों को सुविधा मिल सके । इस ओर बैंकें हर संभव सहयोग करने को तैयार है ।
मार्कर से लगाया जा रहा निशान
एक्सिस बैंक के ब्रांच हेड एलके मिश्रा ने कहा कि नौ नवंबर से अब तक बैंक खातों में डिपाजिट होने वाली रकम में छोटे नोटों की संख्या नगण्य हो गई है। पूर्व में यह रेशियो कुल डिपाजिट में 10 से 12 फीसदी का था । उन्होंने बताया कि नोट एक्सचेंज को लेकर स्याही न मिलने से मार्कर से निशान लगाने का काम शुरू किया गया है । एचडीएफसी के ब्रांच हेड योगेश शुक्ला ने कहा हम भी बार बार एक ही व्यक्ति को लाइन में लेकर डुप्लीकेसी को लेकर मार्कर या स्याही से निशान लगाने की दिशा में काम कर रहे है । बैंक डिपाजिट में छोटे नोटों की आमद 90 फीसदी तक कम है ।