{"_id":"63fceb51056e0a9d3a0cc646","slug":"the-mason-succumbed-to-electrocution-hardoi-news-c-12-1-100160-2023-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: करंट से झुलसे राजमिस्त्री ने तोड़ा दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: करंट से झुलसे राजमिस्त्री ने तोड़ा दम
Mon, 27 Feb 2023 11:11 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Mon, 27 Feb 2023 11:11 PM IST
विज्ञापन
करंट से झुलसे राजमिस्त्री ने तोड़ा दम
- 31 जनवरी को हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर था झुलसा
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। चिमना गांव में काम करते समय राजमिस्त्री हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलस गया था। उसे इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया। जहां से परिवार को लोग उसे घर ले आए थे। रविवार को 26वें दिन उसने दम तोड़ दिया।
लोनार थाने के रामपुर हमजा निवासी रामसागर (48) पेशे से राजमिस्त्री था। 31 जनवरी को वह बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के चिमना गांव निवासी छोटेलाल के यहां काम कर रहा था। वहां से लगभग दो मीटर दूरी पर हाईटेंशन तार निकले हुए थे। इनकी चपेट में आने से वह झुलस गया। प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था। उसके छोटे भाई मधुर पाल का कहना है कि पैसों की कमी के चलते लखनऊ में सही से इलाज नहीं हो सका। इसी के चलते दवाओं के साथ रामसागर को मजबूरी में गांव ले आए, जहां रविवार की रात उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम कराया है। इस बारे में बताया गया है कि रामसागर की पत्नी रामगुनी की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में उसके दो बेटे अनमोल व मनफूल है। कोतवाल विनोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
- 31 जनवरी को हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर था झुलसा
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। चिमना गांव में काम करते समय राजमिस्त्री हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलस गया था। उसे इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया। जहां से परिवार को लोग उसे घर ले आए थे। रविवार को 26वें दिन उसने दम तोड़ दिया।
लोनार थाने के रामपुर हमजा निवासी रामसागर (48) पेशे से राजमिस्त्री था। 31 जनवरी को वह बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के चिमना गांव निवासी छोटेलाल के यहां काम कर रहा था। वहां से लगभग दो मीटर दूरी पर हाईटेंशन तार निकले हुए थे। इनकी चपेट में आने से वह झुलस गया। प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था। उसके छोटे भाई मधुर पाल का कहना है कि पैसों की कमी के चलते लखनऊ में सही से इलाज नहीं हो सका। इसी के चलते दवाओं के साथ रामसागर को मजबूरी में गांव ले आए, जहां रविवार की रात उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम कराया है। इस बारे में बताया गया है कि रामसागर की पत्नी रामगुनी की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में उसके दो बेटे अनमोल व मनफूल है। कोतवाल विनोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन