{"_id":"999f21f097142c055d6ea0f333935462","slug":"the-march-was-peaceful-ix-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शांतिपूर्वक निकला नौवीं का जुलूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शांतिपूर्वक निकला नौवीं का जुलूस
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 23 Oct 2015 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शियाओं का नौवीं मोहर्रम जुलूस सुन्नियों की मस्जिद सैयदना फारूके आजम के
विज्ञापन
निकट से शांति के साथ गुजर गया। पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली।
खुर्मुली इमामबाडे़ से उठा जुलूस परंपरागत रास्तों से होता हुआ फाटक परिसर
पहुंचा। यहां हुसैन की सवारी ‘जुलजनाह’ को अकीदतमंदों ने बोसे दिए। देर रात
तक इमामबाड़ा ज़किया बेगम में सोने-चांदी के
ताज़ियों की ज़ियारत का दौर चला। शियाओं ने घरोें मेें ताज़िए रखकर सारी रात नौहाख्वानी और मातम करते हुए करबला के शहीदों का गम मनाया। खुर्मुली मोहल्ला स्थित इमामबाड़े से उठा जुलूस चौहट्टा चौराहा होते हुए फाटक परिसर पहुंचा। इमामबाड़ा अलीकुली से हजरत हुसैन की सवारी के प्रतीक को अकीदतमंदों ने बोसे दिए। यहां हुई मजलिस में इमाम
हुसैन की शहादत पर रोशनी डालते हुए उनकी शिक्षाओं के पालन पर जोर दिया गया। इसके बाद अंदरूनी इमामबाड़ा पहुंच कर जुलूस संपन्न हो गया। फाटक परिसर में देर रात तक सोने-चांदी के ताज़ियों की ज़ियारत के लिए अकीदतमंदों का
हुजूम चला। महिला-पुरुषों ने ताजिए के पास हाजिरी देकर शहादते हुसैन को पुरसा पेश किया। अंजुमन शब्बीरिया, हुसैनिया व रौनके अज़ा के सदस्यों ने नौहाख्वानी व मातम कर जंगे करबला का मार्मिक चित्रण कर गम का माहौल बनाया। शियाओं ने घर- घर ताज़िए रखकर शब्बेदारी कर सीनाज़नी करते हुए मर्सिए पढ़े।
छावनी में तब्दील दिखा चौहट्टा चौराहा
जुलूस के चलते चौहट्टा चौराहा छावनी में तब्दील नजर आया। चौहट्टा चौराहे पर स्थित मस्जिद सैयदना फारूके आजम में सुन्नियों का कार्यक्रम जारी हैं। इसी स्थान से शियाओं के जुलूस के गुजरने को लेकर प्रशासन भारी सुरक्षा बल की तैनाती करता आ रहा है। इस बार भी जुलूस निकलने तक एसडीएम शाहाबाद अशोक शुक्ला, सीओ हरियावां जितेंद्र गिरी
एलआईयू इंस्पेक्टर हारून रशीद, कोतवाल लालप्रसाद साहू समेत आठ एसओ, आठ एसआई और सर्किल के सभी थानों का पुलिस बल व एक सेक्शन पीएसी जवान चौहट्टा चौराहे पर मौजूद थे। आसपास के घरों की छतों पर जवानों की तैनाती के
साथ निगरानी को तीसरी आंख भी सक्रिय थी। गलियों को पुलिस वाहन- बल्लियों के जरिए सीज कर दिया गया था। जुलूस से पहले अस्र नमाज़ के बाद चौहटटा चौराहे पर कर्फ्यू जैसा माहौल नजर आया।
ताज़ियों की ज़ियारत का दौर चला। शियाओं ने घरोें मेें ताज़िए रखकर सारी रात नौहाख्वानी और मातम करते हुए करबला के शहीदों का गम मनाया। खुर्मुली मोहल्ला स्थित इमामबाड़े से उठा जुलूस चौहट्टा चौराहा होते हुए फाटक परिसर पहुंचा। इमामबाड़ा अलीकुली से हजरत हुसैन की सवारी के प्रतीक को अकीदतमंदों ने बोसे दिए। यहां हुई मजलिस में इमाम
हुसैन की शहादत पर रोशनी डालते हुए उनकी शिक्षाओं के पालन पर जोर दिया गया। इसके बाद अंदरूनी इमामबाड़ा पहुंच कर जुलूस संपन्न हो गया। फाटक परिसर में देर रात तक सोने-चांदी के ताज़ियों की ज़ियारत के लिए अकीदतमंदों का
हुजूम चला। महिला-पुरुषों ने ताजिए के पास हाजिरी देकर शहादते हुसैन को पुरसा पेश किया। अंजुमन शब्बीरिया, हुसैनिया व रौनके अज़ा के सदस्यों ने नौहाख्वानी व मातम कर जंगे करबला का मार्मिक चित्रण कर गम का माहौल बनाया। शियाओं ने घर- घर ताज़िए रखकर शब्बेदारी कर सीनाज़नी करते हुए मर्सिए पढ़े।
छावनी में तब्दील दिखा चौहट्टा चौराहा
जुलूस के चलते चौहट्टा चौराहा छावनी में तब्दील नजर आया। चौहट्टा चौराहे पर स्थित मस्जिद सैयदना फारूके आजम में सुन्नियों का कार्यक्रम जारी हैं। इसी स्थान से शियाओं के जुलूस के गुजरने को लेकर प्रशासन भारी सुरक्षा बल की तैनाती करता आ रहा है। इस बार भी जुलूस निकलने तक एसडीएम शाहाबाद अशोक शुक्ला, सीओ हरियावां जितेंद्र गिरी
एलआईयू इंस्पेक्टर हारून रशीद, कोतवाल लालप्रसाद साहू समेत आठ एसओ, आठ एसआई और सर्किल के सभी थानों का पुलिस बल व एक सेक्शन पीएसी जवान चौहट्टा चौराहे पर मौजूद थे। आसपास के घरों की छतों पर जवानों की तैनाती के
साथ निगरानी को तीसरी आंख भी सक्रिय थी। गलियों को पुलिस वाहन- बल्लियों के जरिए सीज कर दिया गया था। जुलूस से पहले अस्र नमाज़ के बाद चौहटटा चौराहे पर कर्फ्यू जैसा माहौल नजर आया।