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Hardoi News: मंडप सजा, शहनाई बजी... 412 दुल्हनों को सरकार के शगुन का इंतजार
Thu, 23 Jan 2025 10:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Thu, 23 Jan 2025 10:50 PM IST
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 20 जनवरी को हुई शादियों का दृश्य।
- फोटो : मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 20 जनवरी को हुई शादियों का दृश्य।
एक्सक्ल्यूसिव का लाेगो लगा दें
फोटो-47-मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 20 जनवरी को हुई शादियों का दृश्य। आर्काइव
- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मामला, 2340 जोड़ों की हुई हैं शादी, लक्ष्य से 412 शादियां अधिक हुईं
आनंद मिश्रा
हरदोई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले में शहनाई भी खूब बजी और कुरान की आयतें भी पढ़ी गईं। दुल्हनें हंसी खुशी सरकार के आंगन से ससुराल के लिए विदा हुईं, लेकिन कई दुल्हनों को सरकार का शगुन ही नहीं मिल पाया।
दरअसल योजना के तहत प्रत्येक दुल्हन के बैंक खाते में 35 हजार रुपये भेजे जाते हैं। जनपद में अब तक हुईं 2340 जोड़ों की शादियों में से 412 दुल्हनों को सरकार के शगुन का इंतजार है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के मामले में पूरे प्रदेश में हरदोई की स्थिति टॉप-10 में है। उक्त योजना के तहत प्रत्येक जोड़े पर 51 हजार रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है। इसमें से 35 हजार रुपये सीधे दुल्हन के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। 10 हजार रुपये से उपहार दिए जाते हैं।
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इन उपहारों में साड़ी, पेटीकोट, चुनरी, पैंट शर्ट का कपडृ़ा, फेटा, चांदी की बिछिया, पायल, स्टील डिनरसेट, प्रेशर कुकर, ट्राली बैग, कंबल आदि शामिल होता है। छह हजार रुपये प्रत्येक जोड़े के विवाह पर खर्च होते हैं। इसमें खाने से लेकर अन्य तैयारियां तक शामिल होती हैं। जिले में 412 ऐसे जोड़े हैें जिनकी दुल्हनों को बैंक खातों में 35 हजार रुपये नहीं मिल पाए हैं।
ऐसा नहीं है कि कहीं कोई चूक हो गई, बल्कि लक्ष्य से अधिक पात्र चयनित होने और उनका विवाह कराए जाने के कारण यह स्थिति बनी है। चालू वित्तीय वर्ष में जनपद को उक्त योजना के अंतर्गत 1928 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष तीन समारोहों में 2340 जोड़ों की शादियां कराई गई हैं। यही वजह रही कि बजट की कमी हो गई। उपहार तो दे दिए गए, लेकिन खाते में शगुन का धन नहीं पहुंच पाया।
केस-1
संडीला विकास खंड के सांक गांव की रहने वाली रेखा की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेहंदर कला के प्रमोद कुमार के साथ हुई है। रेखा को शादी में मिलने वाले उपहार मिल गए हैं, लेकिन उनके बैंक खाते में अब तक 35 हजार रुपये नहीं पहुंच पाए हैं।
केस-2
कछौना विकास खंड के महरी गांव निवासी वंदना की शादी भी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हुई है। उनकी शादी सुरसा विकास खंड के टिकारी निवासी रोहित वर्मा के साथ हुई है। योजना के तहत मिलने वाले उपहार वंदना और रोहित को मिले हैं, लेकिन बैंक खाते में 35 हजार रुपये अभी नहीं पहुंचे हैं।
वर्जन
फोटो-48-एमपी सिंह। संवाद
पात्र जोड़े मिलने पर विवाह करा दिए गए हैं। अधिकतम 15 दिन के अंदर सभी दुल्हनों के बैंक खातों में 35-35 हजार रुपये पहुंच जाएंगे। शासन से निर्धारित लक्ष्य के अनुसार बजट का आवंटन हुआ था। ज्यादा पात्र मिल गए तो ज्यादा शादियां करा दीं। इन लोगों के लिए बजट शासन से मांगा है। व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करा रहा हूं कि बजट तीन चार दिन में मिल जाए और सभी लाभार्थियों के खातों में रुपये पहुंच जाएं। 4.21 करोड़ रुपये की मांग की है।- मंगला प्रसाद सिंह, डीएम
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फोटो-47-मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 20 जनवरी को हुई शादियों का दृश्य। आर्काइव
- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मामला, 2340 जोड़ों की हुई हैं शादी, लक्ष्य से 412 शादियां अधिक हुईं
आनंद मिश्रा
हरदोई। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले में शहनाई भी खूब बजी और कुरान की आयतें भी पढ़ी गईं। दुल्हनें हंसी खुशी सरकार के आंगन से ससुराल के लिए विदा हुईं, लेकिन कई दुल्हनों को सरकार का शगुन ही नहीं मिल पाया।
दरअसल योजना के तहत प्रत्येक दुल्हन के बैंक खाते में 35 हजार रुपये भेजे जाते हैं। जनपद में अब तक हुईं 2340 जोड़ों की शादियों में से 412 दुल्हनों को सरकार के शगुन का इंतजार है।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के मामले में पूरे प्रदेश में हरदोई की स्थिति टॉप-10 में है। उक्त योजना के तहत प्रत्येक जोड़े पर 51 हजार रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है। इसमें से 35 हजार रुपये सीधे दुल्हन के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। 10 हजार रुपये से उपहार दिए जाते हैं।
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इन उपहारों में साड़ी, पेटीकोट, चुनरी, पैंट शर्ट का कपडृ़ा, फेटा, चांदी की बिछिया, पायल, स्टील डिनरसेट, प्रेशर कुकर, ट्राली बैग, कंबल आदि शामिल होता है। छह हजार रुपये प्रत्येक जोड़े के विवाह पर खर्च होते हैं। इसमें खाने से लेकर अन्य तैयारियां तक शामिल होती हैं। जिले में 412 ऐसे जोड़े हैें जिनकी दुल्हनों को बैंक खातों में 35 हजार रुपये नहीं मिल पाए हैं।
ऐसा नहीं है कि कहीं कोई चूक हो गई, बल्कि लक्ष्य से अधिक पात्र चयनित होने और उनका विवाह कराए जाने के कारण यह स्थिति बनी है। चालू वित्तीय वर्ष में जनपद को उक्त योजना के अंतर्गत 1928 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष तीन समारोहों में 2340 जोड़ों की शादियां कराई गई हैं। यही वजह रही कि बजट की कमी हो गई। उपहार तो दे दिए गए, लेकिन खाते में शगुन का धन नहीं पहुंच पाया।
केस-1
संडीला विकास खंड के सांक गांव की रहने वाली रेखा की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेहंदर कला के प्रमोद कुमार के साथ हुई है। रेखा को शादी में मिलने वाले उपहार मिल गए हैं, लेकिन उनके बैंक खाते में अब तक 35 हजार रुपये नहीं पहुंच पाए हैं।
केस-2
कछौना विकास खंड के महरी गांव निवासी वंदना की शादी भी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हुई है। उनकी शादी सुरसा विकास खंड के टिकारी निवासी रोहित वर्मा के साथ हुई है। योजना के तहत मिलने वाले उपहार वंदना और रोहित को मिले हैं, लेकिन बैंक खाते में 35 हजार रुपये अभी नहीं पहुंचे हैं।
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फोटो-48-एमपी सिंह। संवाद
पात्र जोड़े मिलने पर विवाह करा दिए गए हैं। अधिकतम 15 दिन के अंदर सभी दुल्हनों के बैंक खातों में 35-35 हजार रुपये पहुंच जाएंगे। शासन से निर्धारित लक्ष्य के अनुसार बजट का आवंटन हुआ था। ज्यादा पात्र मिल गए तो ज्यादा शादियां करा दीं। इन लोगों के लिए बजट शासन से मांगा है। व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करा रहा हूं कि बजट तीन चार दिन में मिल जाए और सभी लाभार्थियों के खातों में रुपये पहुंच जाएं। 4.21 करोड़ रुपये की मांग की है।- मंगला प्रसाद सिंह, डीएम