{"_id":"6519b02929763e072c06b546","slug":"the-hope-of-building-a-sainik-school-in-the-district-is-falling-apart-hardoi-news-c-213-1-hra1002-4454-2023-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: जिले में सैनिक स्कूल बनने की टूट रही आस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: जिले में सैनिक स्कूल बनने की टूट रही आस
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। जिले में सैनिक स्कूल के संचालन की आस टूटती नजर आ रही है। जिले से पीपीपी माॅडल पर विद्यालय संचालन का प्रस्ताव भेजा गया था, मगर एक साल से प्रस्ताव फाइलाें में ही दौड़ रहा है। जिससे जिले के विद्यार्थियों को विद्यालय का लाभ नहीं मिल सकेगा।
भारत सरकार की ओर से पीपीपी मॉडल पर सैनिक स्कूलों को संचालित करने की योजना शुरू की गई थी। जिसके तहत प्रत्येक मंडल में एक विद्यालय का संचालन किया जाना था। लखनऊ मंडल में सैनिक स्कूल के लिए जनपद का चुना गया था। इसके लिए शासन से विद्यालय के संबंध में प्रस्ताव मांगा गया था। जिस पर तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक वीके दुबे की ओर से अक्तूबर 2022 में दो सदस्यीय टीम से प्रस्ताव तैयार कराया गया था। टीम के सदस्यों ने विभिन्न विशेषज्ञों के सहयोग से प्रस्ताव तैयार किया था।
सैनिक स्कूल के संचालन के लिए राजकीय इंटर काॅलेज टड़ियावां को प्रस्तावित किया गया था, जिसमें सैनिक स्कूल के मानक के अनुरूप भूमि उपलब्ध थी। प्रथम चरण में उसी में विद्यालय का संचालन किया जाता था। विद्यालय का स्टाॅफ आदि सैनिक स्कूल की ओर से व्यवस्था की जानी थी। इससे जिले के बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद जागी थी। सैनिक स्कूल के प्रस्ताव को संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय को उपलब्ध कराया था, जिसको वहां से शासन को भेजा जाना था।
विज्ञापन
शासन से विद्यालय को अनुमति प्रदान की जानी थी। मगर एक साल बाद भी अभी तक प्रस्ताव फाइलों में पड़ा हुआ है। इससे जिले के विद्यार्थियों को सैनिक स्कूल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक बालमुकुंद प्रसाद ने बताया कि पूर्व में संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय भेजा गया था।
अभी तक उस संबंध में उच्चाधिकारियों की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई है। संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय से विद्यालय के प्रस्ताव के संबंध में जानकारी की जाएगी और इसके क्रियान्वयन के लिए जो भी संभव होगा प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
हरदोई। जिले में सैनिक स्कूल के संचालन की आस टूटती नजर आ रही है। जिले से पीपीपी माॅडल पर विद्यालय संचालन का प्रस्ताव भेजा गया था, मगर एक साल से प्रस्ताव फाइलाें में ही दौड़ रहा है। जिससे जिले के विद्यार्थियों को विद्यालय का लाभ नहीं मिल सकेगा।
भारत सरकार की ओर से पीपीपी मॉडल पर सैनिक स्कूलों को संचालित करने की योजना शुरू की गई थी। जिसके तहत प्रत्येक मंडल में एक विद्यालय का संचालन किया जाना था। लखनऊ मंडल में सैनिक स्कूल के लिए जनपद का चुना गया था। इसके लिए शासन से विद्यालय के संबंध में प्रस्ताव मांगा गया था। जिस पर तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक वीके दुबे की ओर से अक्तूबर 2022 में दो सदस्यीय टीम से प्रस्ताव तैयार कराया गया था। टीम के सदस्यों ने विभिन्न विशेषज्ञों के सहयोग से प्रस्ताव तैयार किया था।
विज्ञापन
सैनिक स्कूल के संचालन के लिए राजकीय इंटर काॅलेज टड़ियावां को प्रस्तावित किया गया था, जिसमें सैनिक स्कूल के मानक के अनुरूप भूमि उपलब्ध थी। प्रथम चरण में उसी में विद्यालय का संचालन किया जाता था। विद्यालय का स्टाॅफ आदि सैनिक स्कूल की ओर से व्यवस्था की जानी थी। इससे जिले के बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद जागी थी। सैनिक स्कूल के प्रस्ताव को संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय को उपलब्ध कराया था, जिसको वहां से शासन को भेजा जाना था।
विज्ञापन
शासन से विद्यालय को अनुमति प्रदान की जानी थी। मगर एक साल बाद भी अभी तक प्रस्ताव फाइलों में पड़ा हुआ है। इससे जिले के विद्यार्थियों को सैनिक स्कूल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक बालमुकुंद प्रसाद ने बताया कि पूर्व में संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय भेजा गया था।
अभी तक उस संबंध में उच्चाधिकारियों की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई है। संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय से विद्यालय के प्रस्ताव के संबंध में जानकारी की जाएगी और इसके क्रियान्वयन के लिए जो भी संभव होगा प्रयास किया जाएगा।