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कस्तूरबा की खुशबू से जल्द महकेंगे जिले
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Wed, 20 Apr 2016 12:28 AM IST
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अगरबत्ती
- फोटो : अमर उजाला
हरदोई। बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से जिले के कस्तूरबा स्कूलों की बालिकाओं के प्रयासों से निर्मित कस्तूरबा अगरबत्तियां जनपद को ही नहीं बल्कि आस पास के जनपदों में भी महकती नजर आएगी। एक साल पूर्व शुरू हुई योजना को अमली जामा पहनाए जाने का क्रम और तेज कर दिया गया है। बीसों कस्तूरबा विद्यालयों में तैयार अगरबत्तियों को मार्केट में उतारे जाने के लिए पैकिंग भी विद्यालयों को उपलब्ध कराई जा रही है।
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ड्राप आउट बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए प्रयास तेज किए जा चुके हैं। जल्द ही जिले के 20 कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालयों की बच्चियों से तैयार करवाई गई अगरबत्तियां बाजार में बिक्री होती दिखाई देंगी। एक साल पूर्व ही जिले के बीसों कस्तूरबा विद्यालयों में इस ओर प्रशिक्षण दिलाया जा चुका है। शिक्षा विभाग की ओर से ही अगरबत्ती बनाने की मशीन व रा मैटेरियल भी विद्यालयों को उपलब्ध कराया गया था। जिसके बाद तैयार हो चुकी अगरबत्तियों को कस्तूरबा ब्रांड अगरबत्ती के नाम से बाजार में उतारा जाएगा। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्कूलों को कस्तूरबा ब्रांड की पैकिंग भी उपलब्ध करा दी गई हैं। जिनमें अगरबत्तियां पैक कर तैयार योजना के अनुसार बिक्री की जाएगी।
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इस बाबत बीएसए डा. बृजेश मिश्रा ने बताया कि परियोजना के दिशा निर्देश मिलते ही उन्होंने समस्त कस्तूरबा स्कूलों को एक एक अगरबत्ती बनाने वाली मशीन उपलब्ध कराई। पैकिंग कराने के बाद इनको बाजार में बिक्री कराई जाएगी। इसके बाद अर्जित होने वाली राशि भी इन्हीं कस्तूरबा की बालिकाओं के उत्थान पर खर्च की जाएगी।
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सिलाई व ब्यूटीशियन किटें भी मौजूद
अगरबत्ती बनाने की नवीन योजना ही नहीं स्वावलंबी बनाकर उनको अपने पैरों पर खड़े करने का मंसूबा तैयार करने वाले शिक्षा विभाग ने कई कोर्सों को भी इस विद्यालय में शुरू करने की मुहिम छेड़ी जा चुकी है। तीन-तीन सिलाई कढ़ाई मशीनों के साथ एक एक ब्यूटीशियन किट, वोकेशनल ट्रेनिंग किटों को प्रत्येक कस्तूरबा विद्यालयों को उपलब्ध कराया जा चुका है।