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हमले में घायल किसान ने छठवें दिन तोड़ा दम
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हरदोई। माधौगंज थाना क्षेत्र के जूरा गांव में पांच मार्च को नाली के विवाद में हुए हमले में घायल किसान ने बुधवार को देर रात जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
परिजनों ने घटना में पुलिस पर मामूली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। माधौगंज थाना क्षेत्र ग्राम ज्यूरा निवासी सोबरन (35) खेतीबाड़ी करते थे। पांच मार्च को पड़ोसी बलदेव, नन्हें आदि से नाली को लेकर विवाद हो गया था।
विवाद में आरोपियों ने धारदार हथियार से सोबरन के सिर पर वार कर दिया था। बचाव करने पहुंचे उसके भाई भगोले पर भी हमला कर दिया था, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों ने थाने में सूचना देकर दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
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बुधवार को देर रात सोबरन ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक के भाई भगोले ने घटना में पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। मृतक के परिवार में पत्नी बिट्टन के अलावा दो बेटे हैं।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम कराया। एसओ सुब्रत नारायण त्रिपाठी ने बताया कि मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर करते रहे डिस्चार्ज, थम गईं सांसे
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को जान देकर भुगतना पड़ता है। ऐसा ही कुछ सोबरन के साथ हुआ था। भाई भगोले के मुताबिक, डॉक्टरों ने उसे भर्ती होने के दूसरे दिन ही घर ले जाने को कह दिया।
काफी गिड़गिड़ाने के बाद दो दिन तक जबरन भर्ती किया। बुधवार को फिर डॉक्टर ने उसे डिस्चार्ज कर दिया। इसकी शिकायत पीड़ित ने सीएमएस से लिखित में की थी। भगोले का कहना था कि अगर डॉक्टर उसके भाई को डिस्चार्ज न कर रेफर कर देते तो शायद भाई की सांसें नहीं थमतीं।
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परिजनों ने घटना में पुलिस पर मामूली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। माधौगंज थाना क्षेत्र ग्राम ज्यूरा निवासी सोबरन (35) खेतीबाड़ी करते थे। पांच मार्च को पड़ोसी बलदेव, नन्हें आदि से नाली को लेकर विवाद हो गया था।
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विवाद में आरोपियों ने धारदार हथियार से सोबरन के सिर पर वार कर दिया था। बचाव करने पहुंचे उसके भाई भगोले पर भी हमला कर दिया था, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों ने थाने में सूचना देकर दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
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बुधवार को देर रात सोबरन ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक के भाई भगोले ने घटना में पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। मृतक के परिवार में पत्नी बिट्टन के अलावा दो बेटे हैं।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम कराया। एसओ सुब्रत नारायण त्रिपाठी ने बताया कि मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर करते रहे डिस्चार्ज, थम गईं सांसे
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को जान देकर भुगतना पड़ता है। ऐसा ही कुछ सोबरन के साथ हुआ था। भाई भगोले के मुताबिक, डॉक्टरों ने उसे भर्ती होने के दूसरे दिन ही घर ले जाने को कह दिया।
काफी गिड़गिड़ाने के बाद दो दिन तक जबरन भर्ती किया। बुधवार को फिर डॉक्टर ने उसे डिस्चार्ज कर दिया। इसकी शिकायत पीड़ित ने सीएमएस से लिखित में की थी। भगोले का कहना था कि अगर डॉक्टर उसके भाई को डिस्चार्ज न कर रेफर कर देते तो शायद भाई की सांसें नहीं थमतीं।