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Hardoi News: आईपीडी भवन की सुविधाएं होती जा रहीं बदहाल, कोई तो ले इनका भी हाल

Thu, 21 Aug 2025 11:05 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Aug 2025 11:05 PM IST
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The facilities of IPD Bhawan are deteriorating, someone should take care of them too
हरदोई। अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से लैस 160 बेड का नवीन इन-पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) भवन का लाभ मरीजों को अभी तक नहीं मिला। बिजली कनेक्शन न होने के कारण आईपीडी भवन में मरीज भर्ती नहीं किए जा रहा हैं। ऐसे में भवन के अंंदर ताले में बंद जीवन रक्षक उपकरण और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं धूल फांक रही हैं।
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स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के अधीन जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से नया आईपीडी भवन बनाया गया है। इसमें मरीजों की इलाज संबंधी सभी सहूलियतें मौजूद हैं। नए आईपीडी भवन का मेडिकल कॉलेज ने हैंडओवर भी ले लिया है। इसके बावजूद कई माह बीत चुके हैं लेकिन मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। क्योंकि विद्युत कनेक्शन ही अभी तक नहीं हुआ। मरीजों को सेंट्रल लैब के ऊपर बने वार्डाें मे भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है। वहां तमाम अव्यवस्थाएं हैं। जनरल मेडिसिन और बर्न रोगी एक साथ भर्ती होते हैं और वहां स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर नहीं है। वहीं, करोड़ों की लागत से बने भवन और उसमें रखे जीवन रक्षक उपकरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं धूल खाकर बेकार होती जा रही हैं।
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गंभीर मरीजों के लिए भी 20 बेड हैं रिजर्व
हरदोई। नए आईपीडी के 160 बिस्तरों के भवन में 130 बिस्तर सामान्य रोगियों के लिए रखे गए हैं। भवन में 20 बिस्तर आकस्मिक विभाग के लिए आरक्षित किए गए हैं। गंभीर मरीजों की 24 घंटे निगरानी के लिए इन बेडों का प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा 10 बिस्तरों को प्री-ऑपरेटिव व ऑपरेशन के बाद मरीज की प्रारंभिक निगरानी के लिए रिजर्व किए गए हैं। मरीजों के लिए तमाम सहूलियतों के अलावा चिकित्सक और स्टाफ के लिए काफी बेहतर व्यवस्थाएं हैं लेकिन कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
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बिजली विभाग बरत रहा लापरवाही

आईपीडी के नए भवन के संचालन के लिए करीब 1000 किलोवाट से अधिक की बिजली की आवश्यकता है। इतना लोड फिलहाल अभी मेडिकल कॉलेज को नहीं मिल रहा है। ऐसे में साढ़े 33 केवीए के उपकेंद्र का निर्माण का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है और 9.50 करोड़ के उपकेंद्र के सापेक्ष 4.25 करोड़ रुपये दिए भी जा चुके हैं लेकिन उपकेंद्र का काम ही नहीं शुरू हुआ।


बंद भवन भी हो रहा बदहाल
आईपीडी भवन को बने हुए एक साल से अधिक हो चुका है और इसके बाद से वह बंद पड़ा है। ऐसे में अराजकतत्वों की खाली पड़े भवन पर नजर लगी रहती है, वहीं कुछ दिन पहले सीडीओ ने भी निरीक्षण कर तमाम खामियां देखी थीं। भवन का संचालन न होने से वह बदहाल होता जा रहा है।





आईपीडी भवन के संचालन को लेकर तेजी से प्रक्रिया चल रही है। कनेक्शन के लिए भी बिजली विभाग के अधिकारियों से बात हुई है। मरीजों की सहूलियत के लिए भवन का संचालन जल्द से जल्द कराया जाएगा। -डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्राचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय
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