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Hardoi News: दावे हवा हवाई, स्ट्रेचर के लिए मरीज रहे परेशान
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फोटो- 17- मरीज को चादर में उठाकर एंबुलेंस में लिटाते परिजन। संवाद
फोटो- 18- स्ट्रेचर के इंतजार में इमरजेंसी कक्ष के बाहर वाहन में लेटा मरीज। संवाद
- इमरजेंसी के बाहर मरीजों को मिल ही नहीं हो रहे स्ट्रेचर
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाएं भले ही तमाम बढ़ाई जा रही हाें, लेकिन मरीजों को भटकना ही पड़ रहा है। इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीजों को स्ट्रेचर ही नहीं मिलता है और मरीज वाहनों में काफी समय तक इंतजार करता रहता है। सोमवार को भी मरीजों के साथ यह तब हुआ जब कुछ ही देर पहले प्राचार्य ने इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर बढ़ाने के निर्देश दिए।
मेडिकल कॉलेज में संसाधन तो बढ़ाए गए हैं, लेकिन बदइंतजामी के चलते मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है। मरीजों को स्ट्रेचर के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में इलाज में मिलने में मरीज को देरी हो रही है। दिन भर में ऐसी स्थिति कई बार उत्पन्न होती है। रविवार को सीएमओ ने इमरजेंसी का निरीक्षण किया था, तो उन्हें भी वार्ड के बाहर स्ट्रेचर नहीं दिखे। सीएमओ ने कक्ष के बाहर सूचना लिखकर स्ट्रेचर खड़े करने के निर्देश दिए। सूचना तो लिख दी गई, लेकिन सिर्फ दो स्ट्रेचर खड़े किए गए, जो अन्य मरीज लेकर चले गए। हालांकि, प्राचार्य ने स्ट्रेचर की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए लेकिन उनके जाते ही दो मरीजों को काफी देर तक स्ट्रेचर का इंतजार करना पड़ा।
केस-1- कुरसठ निवासी अजातशत्रु को इमरजेंसी से हायर सेंटर के लिए रेफर किया जा रहा था। परिजन स्ट्रेचर के इंतजार में काफी देर तक इधर उधर भटकते रहे। अंत में उन्होंने चादर की सहायता से मरीज को उठाकर एंबुलेंस में लिटाकर रवाना किया।
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केस-2- पिहानी के शाहपुर निवासी श्रीकृष्ण को तीन दिन से पेशाब नहीं हो रहा था। परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर आए। मरीज निजी वाहन से पहुंचा था। इमरजेंसी के बाहर करीब 22 मिनट इंतजार करने के बाद परिजनों को स्ट्रेचर मिला।
वर्जन
इमरजेंसी के बाहर दो स्ट्रेचर खड़े किए गए थे, जिनको बढ़ाकर चार कर दिया गया है। साथ ही कर्मचारी को निर्देश दिए गए हैं कि मरीज के साथ जाकर वह स्ट्रेचर खाली करवाकर तुरंत इमरजेंसी के बाहर खड़ा करें।
डॉ. जेबी गोगोई
प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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फोटो- 18- स्ट्रेचर के इंतजार में इमरजेंसी कक्ष के बाहर वाहन में लेटा मरीज। संवाद
- इमरजेंसी के बाहर मरीजों को मिल ही नहीं हो रहे स्ट्रेचर
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाएं भले ही तमाम बढ़ाई जा रही हाें, लेकिन मरीजों को भटकना ही पड़ रहा है। इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीजों को स्ट्रेचर ही नहीं मिलता है और मरीज वाहनों में काफी समय तक इंतजार करता रहता है। सोमवार को भी मरीजों के साथ यह तब हुआ जब कुछ ही देर पहले प्राचार्य ने इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर बढ़ाने के निर्देश दिए।
मेडिकल कॉलेज में संसाधन तो बढ़ाए गए हैं, लेकिन बदइंतजामी के चलते मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है। मरीजों को स्ट्रेचर के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में इलाज में मिलने में मरीज को देरी हो रही है। दिन भर में ऐसी स्थिति कई बार उत्पन्न होती है। रविवार को सीएमओ ने इमरजेंसी का निरीक्षण किया था, तो उन्हें भी वार्ड के बाहर स्ट्रेचर नहीं दिखे। सीएमओ ने कक्ष के बाहर सूचना लिखकर स्ट्रेचर खड़े करने के निर्देश दिए। सूचना तो लिख दी गई, लेकिन सिर्फ दो स्ट्रेचर खड़े किए गए, जो अन्य मरीज लेकर चले गए। हालांकि, प्राचार्य ने स्ट्रेचर की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए लेकिन उनके जाते ही दो मरीजों को काफी देर तक स्ट्रेचर का इंतजार करना पड़ा।
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केस-1- कुरसठ निवासी अजातशत्रु को इमरजेंसी से हायर सेंटर के लिए रेफर किया जा रहा था। परिजन स्ट्रेचर के इंतजार में काफी देर तक इधर उधर भटकते रहे। अंत में उन्होंने चादर की सहायता से मरीज को उठाकर एंबुलेंस में लिटाकर रवाना किया।
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केस-2- पिहानी के शाहपुर निवासी श्रीकृष्ण को तीन दिन से पेशाब नहीं हो रहा था। परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर आए। मरीज निजी वाहन से पहुंचा था। इमरजेंसी के बाहर करीब 22 मिनट इंतजार करने के बाद परिजनों को स्ट्रेचर मिला।
वर्जन
इमरजेंसी के बाहर दो स्ट्रेचर खड़े किए गए थे, जिनको बढ़ाकर चार कर दिया गया है। साथ ही कर्मचारी को निर्देश दिए गए हैं कि मरीज के साथ जाकर वह स्ट्रेचर खाली करवाकर तुरंत इमरजेंसी के बाहर खड़ा करें।
डॉ. जेबी गोगोई
प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज