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निजीकरण का काली पट्टी बांध विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Wed, 01 Jul 2015 12:23 AM IST
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रेलवे को निजी हाथों में सौंपने की सिफारिश करने वाली
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देबराय कमेटी के विरोध में कर्मियों ने अब जंग छेड़ दी है। नार्दन रेलवे
मेंस यूनियन के बैनर तले कर्मियों ने मंगलवार को प्लेटफार्म पर प्रदर्शन कर
नारेबाजी की। निजी हाथों में रेलवे को सौंपने से समृद्ध लोगों की सुविधा
का साधन बनने की बात कही और कर्मियों ने कमेटी की सिफारिशें लागू न होने
देने की बात कही।
इस दौरान कर्मियों ने सिफारिशों के विरोध में प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी। देबराय कमेटी ने रेलवे को निजी हाथों में सौंपने की रिपोर्ट दी। कमेटी की सिफारिशों के विरोध में नार्दन रेलवे मेंस यूनियन ने विरोध शुरू किया। जिसके क्रम में मंगलवार को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर कर्मियों ने प्रदर्शन कर कमेटी की सिफारिशों के विरोध नारेबाजी की।
संगठन के जिला सचिव एसके श्रीवास्तव ने कहा कि कमेटी की सिफारिशें जनता और कर्मियों के हित में नहीं हैं। कमेटी ने रेलवे के बड़े घरानों को सौंप निजीकरण की सिफारिश की। रेलवे को वाणिज्य संस्थान के रूप में चलाकर पालिसी, इंफ्रास्ट्रक्चर संचालन में विदेशी पूंजी लगाने की योजना है, जिसमें इंडियन रेलवे मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी बनाकर उत्पादन व इकाइयों को लाने और मेंटीनेंस वर्कशॉपों को रेलवे से अलग करने की सिफारिश की।
भारतीय रेलवे से अलग एक रेलवे रेग्यूलेटरी अथॉरिटी बना मुुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त व आरडीएसओ को अधीन करने की बात कही। रेलवे अस्पताल, स्कूल, खानपान सेवा व रियल स्टेट भी निजी हाथों में देने तथा भारतीय रेल में जोनों की अधिक संख्या पर पुनर्गठन समेत तमाम अन्य सिफारिशें की।
जिसके विरोध में रेलवे कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी। उधर, देबराय कमेटी ने अपनी सिफारिशों में आरपीएफ के स्थान पर निजी सुरक्षा एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपने की रिपोर्ट दी है। जिसको लेकर आरपीएफ ने भी कमेटी की सिफारिशों का विरोध किया।
आरपीएफ जवानों ने काली पट्टी बांधकर ड्यूटी की और विरोध जताया। सिफारिशों में रेल बजट को बंद कर आम बजट में समाहित करने, सभी विभागों के निर्माण कार्य भारतीय रेल से अलग कर आरवीएनएल इरकान जैसे संस्थान बनाकर सौंपने की बात कही है।
इस दौरान कर्मियों ने सिफारिशों के विरोध में प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी। देबराय कमेटी ने रेलवे को निजी हाथों में सौंपने की रिपोर्ट दी। कमेटी की सिफारिशों के विरोध में नार्दन रेलवे मेंस यूनियन ने विरोध शुरू किया। जिसके क्रम में मंगलवार को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर कर्मियों ने प्रदर्शन कर कमेटी की सिफारिशों के विरोध नारेबाजी की।
संगठन के जिला सचिव एसके श्रीवास्तव ने कहा कि कमेटी की सिफारिशें जनता और कर्मियों के हित में नहीं हैं। कमेटी ने रेलवे के बड़े घरानों को सौंप निजीकरण की सिफारिश की। रेलवे को वाणिज्य संस्थान के रूप में चलाकर पालिसी, इंफ्रास्ट्रक्चर संचालन में विदेशी पूंजी लगाने की योजना है, जिसमें इंडियन रेलवे मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी बनाकर उत्पादन व इकाइयों को लाने और मेंटीनेंस वर्कशॉपों को रेलवे से अलग करने की सिफारिश की।
भारतीय रेलवे से अलग एक रेलवे रेग्यूलेटरी अथॉरिटी बना मुुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त व आरडीएसओ को अधीन करने की बात कही। रेलवे अस्पताल, स्कूल, खानपान सेवा व रियल स्टेट भी निजी हाथों में देने तथा भारतीय रेल में जोनों की अधिक संख्या पर पुनर्गठन समेत तमाम अन्य सिफारिशें की।
जिसके विरोध में रेलवे कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी। उधर, देबराय कमेटी ने अपनी सिफारिशों में आरपीएफ के स्थान पर निजी सुरक्षा एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपने की रिपोर्ट दी है। जिसको लेकर आरपीएफ ने भी कमेटी की सिफारिशों का विरोध किया।
आरपीएफ जवानों ने काली पट्टी बांधकर ड्यूटी की और विरोध जताया। सिफारिशों में रेल बजट को बंद कर आम बजट में समाहित करने, सभी विभागों के निर्माण कार्य भारतीय रेल से अलग कर आरवीएनएल इरकान जैसे संस्थान बनाकर सौंपने की बात कही है।