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अव्यवस्थाओं से जूझ रहे परीक्षक
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Tue, 05 Apr 2016 01:03 AM IST
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मूल्यांकन
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लगे परीक्षकों को व्यवस्थाओं से जूझना पड़ रहा है। उनको पानी से लेकर बंडल ले जाने के लिए स्वयं ही व्यवस्था करनी पड़ रही है। मूल्यांकन केंद्रों पर सुविधाएं न मिलने से उनमें रोष व्याप्त है। वहीं, जिम्मेदार कर्मचारियों की कमी को बता कर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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राजकीय इंटर कालेज मूल्यांकन केंद्रों पर इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं को मूल्यांकन किया जा रहा है। इस केंद्र पर अभी तक 90 हजार 235 कापियों का मूल्यांकन कार्य पूरा किया जा चुका है। यहां पर भौतिक व रसायन विज्ञान के परीक्षकाें की कमी होेने से कापियों के मूल्यांकन में गति नहीं आ पा रही है। केंद्र पर परीक्षकों के सहायकों की भी भारी कमी है। इस कारण परीक्षकों को पानी से लेकर बंडल ले जाने और उनको सिलने तक का कार्य स्वयं ही करना पड़ रहा है। पानी के लिए भी नल पर लाइन लगानी पड़ती है। इससे परीक्षकों का समय बर्बाद हो रहा है।
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इस संबंध में उपनियंत्रक योगेंद्र कुमार ने बताया कि इस बार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी है। इस कारण सहायकों की निगरानी नहीं हो पा रही है। उन्होंने माना कि कुछ अव्यवस्थाएं हैं उनको दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। आरआर इंटर कालेज में 70 हजार कापियों का मूल्यांकन किया जा चुका है। वहीं एसडी इंटर कालेज में 47 हजार कापियों का मूल्यांकन कार्य हो चुका है। इन केंद्रों पर भी परीक्षकों को अव्यवस्थाओं से दो चार होना पड़ रहा है। इससे परीक्षकों में रोष व्याप्त है।
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