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Hardoi News: काम और खर्च में फिसड्डी 10 पंचायत सचिवों को दी चेतावनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। काम न कराने और खातों में रुपये डंप रखने पर जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने केंद्रीय वित्त आयोग की मद में खातों में रुपये डंप होने और काम न कराए जाने पर फिसड्डी 10 पंचायत सचिव को चेतावनी जारी की है। वहीं, सभी पंचायत सचिवों से कहा है कि काम कराने और भुगतान किए जाने में तेजी लाई जाए।
पंचायतीराज विभाग के माध्यम से ग्राम पंचायतों को केंद्रीय वित्त आयोग की मद में रुपये दिए जाते हैं। केंद्रीय वित्त आयोग की मद में मिलने वाले रुपयों से कार्ययोजना में शामिल कामों को कराए जाने के साथ ही आमजन की सुविधा और सहूलियत के कामों को कराया जा सकता है। केंद्रीय वित्त आयोग की मद में मिले रुपये से काम कराने और भुगतान में पंचायत के जिम्मेदारों ने लापरवाही की है। इससे जुड़ी खबर अमर उजाला ने 27 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने खबर का संज्ञान लिया। डीपीआरओ ने खबर का संज्ञान लेने के साथ ही काम कराने और खर्च में फिसड्डी 10 पंचायत सचिवों पर कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने फिसड्डी 10 पंचायत सचिवों को चेतावनी जारी की है।
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इन पंचायत सचिवों से कहा है कि कार्ययोजना में शामिल कामों में से वरीयता के कामों को तत्काल शुरू कराते हुए गांवों के श्रमिकों को काम दिया जाए और विकास कार्यों को कराया जाए। उसी के सापेक्ष भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए। दोबारा से डिफाल्टर श्रेणी में आने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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हरदोई। काम न कराने और खातों में रुपये डंप रखने पर जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने केंद्रीय वित्त आयोग की मद में खातों में रुपये डंप होने और काम न कराए जाने पर फिसड्डी 10 पंचायत सचिव को चेतावनी जारी की है। वहीं, सभी पंचायत सचिवों से कहा है कि काम कराने और भुगतान किए जाने में तेजी लाई जाए।
पंचायतीराज विभाग के माध्यम से ग्राम पंचायतों को केंद्रीय वित्त आयोग की मद में रुपये दिए जाते हैं। केंद्रीय वित्त आयोग की मद में मिलने वाले रुपयों से कार्ययोजना में शामिल कामों को कराए जाने के साथ ही आमजन की सुविधा और सहूलियत के कामों को कराया जा सकता है। केंद्रीय वित्त आयोग की मद में मिले रुपये से काम कराने और भुगतान में पंचायत के जिम्मेदारों ने लापरवाही की है। इससे जुड़ी खबर अमर उजाला ने 27 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया।
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जिला पंचायत राज अधिकारी ने खबर का संज्ञान लिया। डीपीआरओ ने खबर का संज्ञान लेने के साथ ही काम कराने और खर्च में फिसड्डी 10 पंचायत सचिवों पर कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने फिसड्डी 10 पंचायत सचिवों को चेतावनी जारी की है।
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इन पंचायत सचिवों से कहा है कि कार्ययोजना में शामिल कामों में से वरीयता के कामों को तत्काल शुरू कराते हुए गांवों के श्रमिकों को काम दिया जाए और विकास कार्यों को कराया जाए। उसी के सापेक्ष भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए। दोबारा से डिफाल्टर श्रेणी में आने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।