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Hardoi News: टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों ने निकाला पैदल मार्च
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हरदोई। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के आह्वान पर सोमवार को जिले की सड़कों पर शिक्षकों ने पैदल मार्च निकाल कर टीईटी का विरोध जताया। पुराने शिक्षकों पर थोपी गई टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने कलक्ट्रेट पहुंच कर नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष व राष्ट्रीय सचिव आलोक मिश्र के नेतृत्व में आयोजित पैदल मार्च गांधी भवन से शुरू होकर अटल चौराहा होते हुए सोल्जर बोर्ड चौराहा और फिर कलक्ट्रेट पहुंचा। मुख्य वक्ता आलोक मिश्रा ने कहा कि पुराने शिक्षकों पर जबरन टीईटी थोपना एक काला कानून है। आज पैदल मार्च कर सड़क जाम की गई है अगर सरकार ने समय रहते नियमों में संशोधन नहीं किया तो दिल्ली में संसद का घेराव किया जाएगा। आशंका जताई कि आज टीईटी अनिवार्य किया गया है, तो कल सरकार शिक्षकों की वार्षिक स्क्रीनिंग भी शुरू कर सकती है। अटेवा के जैनुल खान ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की शर्त थोपना उचित नहीं है। टीएससीटी के पदाधिकारियों ने भी सरकार की आलोचना की। वक्ताओं ने एकजुटता का आह्वान करते हुए कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, संघर्ष जारी रहेगा। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को संबोधित एक मांग पत्र नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार त्रिवेदी को सौंपा गया। ज्ञापन में सेवा नियमावली में सुधार की मांग भी की गई। इस मौके पर जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश दीक्षित, जिला मंत्री एमपी सिंह, अनुराग पांडेय, अनूप दीक्षित, बीना वर्मा, नीलिमा देशवाल, आशीष दीक्षित, प्रभा शंकर, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष व राष्ट्रीय सचिव आलोक मिश्र के नेतृत्व में आयोजित पैदल मार्च गांधी भवन से शुरू होकर अटल चौराहा होते हुए सोल्जर बोर्ड चौराहा और फिर कलक्ट्रेट पहुंचा। मुख्य वक्ता आलोक मिश्रा ने कहा कि पुराने शिक्षकों पर जबरन टीईटी थोपना एक काला कानून है। आज पैदल मार्च कर सड़क जाम की गई है अगर सरकार ने समय रहते नियमों में संशोधन नहीं किया तो दिल्ली में संसद का घेराव किया जाएगा। आशंका जताई कि आज टीईटी अनिवार्य किया गया है, तो कल सरकार शिक्षकों की वार्षिक स्क्रीनिंग भी शुरू कर सकती है। अटेवा के जैनुल खान ने कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की शर्त थोपना उचित नहीं है। टीएससीटी के पदाधिकारियों ने भी सरकार की आलोचना की। वक्ताओं ने एकजुटता का आह्वान करते हुए कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, संघर्ष जारी रहेगा। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को संबोधित एक मांग पत्र नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार त्रिवेदी को सौंपा गया। ज्ञापन में सेवा नियमावली में सुधार की मांग भी की गई। इस मौके पर जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश दीक्षित, जिला मंत्री एमपी सिंह, अनुराग पांडेय, अनूप दीक्षित, बीना वर्मा, नीलिमा देशवाल, आशीष दीक्षित, प्रभा शंकर, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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