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गन्ना किसान ने फांसी लगा जान दी
ब्यूरो, अमर उजाला हरदोई
Updated Wed, 08 Mar 2017 11:55 PM IST
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मृतककी फाइल फोटो
- फोटो : Amar ujala
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चीनी मिल से गन्ना खरीद की पर्ची न मिलने से परेशान किसान ने मंगलवार शाम खेत पर फांसी लगाकर जान दे दी। बुधवार को पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पीड़ित परिवार का हाल लेने गन्ना विभाग व किसी प्रशासनिक अधिकारी के न पहुंचने पर किसानों में आक्रोश है। मामले की जांच जिला गन्ना अधिकारी को सौंपी गई है।
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हरियावां थानाक्षेत्र के लल्ला सिंह (42) पुत्र दृगपाल सिंह के पास करीब 15 बीघे जमीन है। दस बीघे जमीन बटाई भी ले रखी थी। लल्ला ने करीब 13 बीघे में गन्ना बोया था। चीनी मिल से उसे कुछ पर्चियां मिली थीं। लल्ला दो ट्रॉली गन्ना मिल मेें बेच चुका था। इसके बाद उसे पर्ची नहीं मिली थी। तापमान बढ़ने के साथ गन्ना भी सूख रहा था। इससे लल्ला परेशान था। मृतक ने आर्यावर्त बैंक से करीब 65 हजर रुपये कर्ज भी ले रखा था। परिजनों के मुताबिक गन्ना बेचने के लिए उसने मिल गेट पर दलालों से भी संपर्क किया। भाई संजय ने बताया कि पिछले पांच दिनों से लल्ला ज्यादा परेशान दिख रहा था।
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मंगलवार शाम करीब पांच बजे लल्ला खेत पर गया था। सूखती फसल और कर्ज चुकाने की चिंता में परेशान लल्ला ने खेत में आम के पेड़ पर रस्सी का फंदा डालकर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मंगलवार को गांव की बाजार भी थी। देर शाम बाजार से लौट रहे लोगों ने पेड़ पर शव लटका देख परिजनों को सूचना दी। छोटे भाई संजय सिंह की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। किसानों को मिल से पर्ची मिलने में दिक्कत आ रही है। किसान का गन्ना खरीदने के बाद ही चीनी मिल में बंद होंगे।
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मिल गेट पर सक्रिय रहते दलाल
खरीद पर्चियां न मिलने और मिल के बाहर दलाल सक्रिय होने की जांच की जाएगी। डीएम ने बताया कि पीड़ित परिवार को किसान बीमा योजना से आर्थिक सहायता भी दिलाई जाएगी।
हरियावां थाना क्षेत्र उतरा गांव निवासी गन्ना किसान लल्ला सिंह ने करीब 13 बीघे जमीन पर गन्ना बोया था और महज तीन ट्रॉली गन्ने की पर्ची उसे मिल से मिली थी। कर्ज और गन्ने की पर्ची न मिलने से किसान परेशान था। उसने कई बार मिल में संपर्क किया। सोमवार को मिल के बाहर सक्रिय दलालों से भी मिला था, लेकिन दलाल बहुत ही कम दाम दे रहे थे।
तापमान बढ़ने के साथ गन्ने का वजन कम होता जा रहा है। इससे किसानों को बड़ा नुकसान हो रहा है। इस संबंध में डीएम विवेक वार्ष्णेय का कहना है कि मुझे जानकारी मिली है। किसान की मौत के मामले की जिला गन्ना अधिकारी से करवाई जाएगी। किसानों को पर्चियां समय से क्यों नहीं मिल रहीं इसकी भी जानकारी की जाएगी। कल तहसीलदार को किसान के घर भी भेजेंगे। किसान बीमा योजना से किसान के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक मदद भी दिलाई जाएगी। किसानों के हित का ध्यान न रखने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। मिल के बाहद दलालों के सक्रिय होने के मामले में डीएम ने कहा कि इसको भी दिखवाएंगे।
परिवार पर आफत, कैसे होगा भरणपोषण
मृतक किसान लल्ला सिंह के परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा सबल सिंह 16 और छोटा कमल सिंह 12 साल का है। 11 साल की एक बेटी सुंदरी भी है। सबल दसवीं, पुष्पेंद्र आठवीं और सुंदरी कक्षा छह की छात्रा है। बच्चों को पालने की जिम्मेदारी अब मां पर आ गई है। किसान की मौत से उसकी पत्नी और तीनों बच्चों का बुरा हाल है।
लल्ला की तरह परेशान हैं कई किसान
उतरा गांव में लल्ला की तरह कई किसान गन्ना पर्चियां न मिलने से परेशान हैं। इन किसानों को अभी तक एक-दो पर्चियां ही मिली हैं। गांव के किसान राघवेंद्र सिंह ने बताया कि खेत मेें गन्ना सूख रहा है। कई बार पर्चियों के लिए मिल जा चुके हैं लेकिन पर्चियां नहीं मिल रही हैं। किसान ने बताया कि उनका एक एकड़, जयनरायन का दो एकड़, राजेश का भी दो एकड़ गन्ना खेत में खड़ा सूख रहा है। इन किसानों को भी अभी तक केवल दो पर्चियां ही मिली हैं। इन किसानों ने मिल के बाहर दलाल सक्रिय होने का भी आरोप लगाया।
आग लगने से 100 बीघा गन्ना जला
उतरा गांव के खेतों में बुधवार दोपहर आग लग गई। इससे छह किसानों की करीब 100 बीघा गन्ने की फसल जल गई। किसान शिशुपाल का भी गन्ना जल गया है। उन्होंने बताया कि पर्ची के लिए करीब एक महीने से मिल के चक्कर लगा रहे थे। अगर मिल से पर्ची मिल जाती तो न ही लल्ला को खुदकुशी करनी पड़ती और न ही हम लोगों की फसलें ही जलतीं।