{"_id":"5f8dd0cb8ebc3e9b8b76f9e5","slug":"student-number-less-due-to-corona-hardoi-news-knp589475218","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना के डर से छात्र संख्या रही कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना के डर से छात्र संख्या रही कम
विज्ञापन
राजकीय कन्या इंटर कालेज में कुछ इस तरह चलती मिली कक्षा। संवाद
- फोटो : HARDOI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। सोमवार से कक्षा नौ से 12 तक के 627 स्कूल खोल दिए गए। शिक्षा विभाग के अनुसार करीब 50 फीसदी अभिभावकों ने स्कूल खोलने पर सहमति दी थी लेकिन कोरोना का डर उनके मन से निकला नहीं है। इसी का परिणाम रहा कि स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बहुत कम रही। हालांकि स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया गया। थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन के बाद ही विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। डीआईओएस वीके दुबे का कहना है कि 35 फीसदी छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे। अभिभावक अभी पूरी तरह से मन नहीं बना पाए हैं।
जीआईसी की दो कक्षाओं में बैठाए गए 38 छात्र
राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य सुधाकर बाजपेई ने बताया कि कक्षा 11 व 12 में 1000 से ऊपर बच्चे पंजीकृत हैं। पहले दिन 225 छात्रों को बुलाया गया था। इसमें सिर्फ 38 छात्र आए। कक्षा नौ व 10 में करीब 800 छात्र पंजीकृत हैं। इनमें 200 बच्चे बुलाए गए लेकिन 56 ही पहुंचे। उन्होंने बताया कि स्कूल के गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन के बाद ही प्रवेश दिया गया।
146 में 10 छात्राएं पहुंचीं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
पिहानी। राजकीय कन्या इंटर कालेज में पहली मीटिंग में हाईस्कूल की 146 में से 10 छात्राएं ही पहुंचीं। प्रधानाचार्या शशि दीप्ति ने बताया कि हाईस्कूल की कक्षाएं पहली मीटिंग में सुबह 8:50 से दोपहर 11:50 बजे तक व दोपहर 12:30 से 3:30 तक चलाने के निर्देश मिले हैं। मास्क प्रयोग व सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन हुआ।
विज्ञापन
जयपुरिया में चार छात्र आए, जूते भी कराए सैनिटाइज
जयपुरिया स्कूल के डायरेक्टर शिखर अग्रवाल ने बताया कि कक्षा नौ में 77 व 10 में 76 रजिस्ट्रेशन हैं। जिसमें कक्षा नौ के चार बच्चे व कक्षा 10 के 34 बच्चों के अभिभावकों ने सहमति दी थी। लेकिन पहले दिन कक्षा नौ में एक व कक्षा 10 में तीन बच्चे पहुंचे। ट्रे सिस्टम से बच्चों के जूते तक सैनिटाइज कराए गए। शिक्षकों को फेस शील्ड पहनाकर ही अंदर भेजा गया। उनका कहना है कि बच्चों को लेकर अभिभावक डरे हुए हैं।
उप शिक्षा निदेशक ने परखी व्यवस्था
उप शिक्षा निदेशक पीसी यादव ने राजकीय इंटर कालेज, आरआर इंटर कालेज, वेणी माधव विद्यापीठ, आर्य कन्या, राजकीय बालिका, अनिल पब्लिक इंटर कालेज गद्दीपुरवा का निरीक्षण किया। कोरोना संक्रमण को लेकर की गई व्यवस्था का जायजा लिया। शिक्षकों व बच्चों से सवाल पूछे। इस दौरान डीआईओएस वीके दुबे मौजूद रहे।
बहुत कम रही उपस्थिति
सवायजपुर। कस्बे के शकुंतला देवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य कमलजीत शर्मा ने बताया कि प्रथम पाली में 90 बच्चों की जगह 40 बच्चे उपस्थित रहे। पब्लिक इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य संध्या सिंह ने बताया पहले दिन 92 बच्चों की जगह 26 बच्चे ही आए। अधिकांश बच्चों ने विद्यालय आने के लिए वाहन की मांग की। पांडेपुर स्थित सरदार पटेल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अमरेश कुमार ने बताया कि हाईस्कूल में पंजीकृत 200 बच्चे की जगह 25 विद्यार्थी ही आए।
एसडीएम ने स्कूलों का किया निरीक्षण
संडीला। एसडीएम मनोज कुमार श्रीवास्तव ने संडीला के भगवान बुद्ध इंटर कॉलेज एवं लायंस पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया। भगवान बुद्ध इंटर कॉलेज में केवल एक बच्चे का ही सहमति पत्र आया था। व्यवस्थाएं पूर्ण मिलीं। लायंस पब्लिक स्कूल में कई बच्चे आए थे। सभी पर्याप्त दूरी पर बैठे थे और फेस कवर लगाए थे।
विद्यार्थी बोले - चुनौती है पर करनी होगी मेहनत
जीजीआईसी की कक्षा 12 की छात्रा कोमल कश्यप का कहना है कि घर में चाहे जितनी पढ़ाई कर लो पर वह तैयारी नहीं हो पाती। अब स्कूल में आकर मेहनत करनी है।
जीजीआईसी की इंटर की छात्रा करिश्मा का कहना है कि जो माहौल पढ़ने का स्कूल में बनता है, वह घर पर बड़ी मुश्किल में बन पाता है। अब जमकर पढ़ाई होगी।
जीआईसी के छात्र दीपेंद्र मोहन शुक्ला का कहना है कि पढ़ाई तो स्कूल जाकर करनी है लेकिन साथ ही कोरोना संक्रमण को भी ध्यान में रखना है। सभी को इसका भी विशेष ध्यान रखना है।
जीआईसी के छात्र अमिय कृष्ण पांडे का कहना है कि इतने माह से ऑनलाइन पढ़ते-पढ़ते आंखें दुखने लगीं। अब जाकर आराम मिल पाएगा।
विज्ञापन
जीआईसी की दो कक्षाओं में बैठाए गए 38 छात्र
राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य सुधाकर बाजपेई ने बताया कि कक्षा 11 व 12 में 1000 से ऊपर बच्चे पंजीकृत हैं। पहले दिन 225 छात्रों को बुलाया गया था। इसमें सिर्फ 38 छात्र आए। कक्षा नौ व 10 में करीब 800 छात्र पंजीकृत हैं। इनमें 200 बच्चे बुलाए गए लेकिन 56 ही पहुंचे। उन्होंने बताया कि स्कूल के गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन के बाद ही प्रवेश दिया गया।
विज्ञापन
146 में 10 छात्राएं पहुंचीं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
पिहानी। राजकीय कन्या इंटर कालेज में पहली मीटिंग में हाईस्कूल की 146 में से 10 छात्राएं ही पहुंचीं। प्रधानाचार्या शशि दीप्ति ने बताया कि हाईस्कूल की कक्षाएं पहली मीटिंग में सुबह 8:50 से दोपहर 11:50 बजे तक व दोपहर 12:30 से 3:30 तक चलाने के निर्देश मिले हैं। मास्क प्रयोग व सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन हुआ।
विज्ञापन
जयपुरिया में चार छात्र आए, जूते भी कराए सैनिटाइज
जयपुरिया स्कूल के डायरेक्टर शिखर अग्रवाल ने बताया कि कक्षा नौ में 77 व 10 में 76 रजिस्ट्रेशन हैं। जिसमें कक्षा नौ के चार बच्चे व कक्षा 10 के 34 बच्चों के अभिभावकों ने सहमति दी थी। लेकिन पहले दिन कक्षा नौ में एक व कक्षा 10 में तीन बच्चे पहुंचे। ट्रे सिस्टम से बच्चों के जूते तक सैनिटाइज कराए गए। शिक्षकों को फेस शील्ड पहनाकर ही अंदर भेजा गया। उनका कहना है कि बच्चों को लेकर अभिभावक डरे हुए हैं।
उप शिक्षा निदेशक ने परखी व्यवस्था
उप शिक्षा निदेशक पीसी यादव ने राजकीय इंटर कालेज, आरआर इंटर कालेज, वेणी माधव विद्यापीठ, आर्य कन्या, राजकीय बालिका, अनिल पब्लिक इंटर कालेज गद्दीपुरवा का निरीक्षण किया। कोरोना संक्रमण को लेकर की गई व्यवस्था का जायजा लिया। शिक्षकों व बच्चों से सवाल पूछे। इस दौरान डीआईओएस वीके दुबे मौजूद रहे।
बहुत कम रही उपस्थिति
सवायजपुर। कस्बे के शकुंतला देवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य कमलजीत शर्मा ने बताया कि प्रथम पाली में 90 बच्चों की जगह 40 बच्चे उपस्थित रहे। पब्लिक इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य संध्या सिंह ने बताया पहले दिन 92 बच्चों की जगह 26 बच्चे ही आए। अधिकांश बच्चों ने विद्यालय आने के लिए वाहन की मांग की। पांडेपुर स्थित सरदार पटेल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अमरेश कुमार ने बताया कि हाईस्कूल में पंजीकृत 200 बच्चे की जगह 25 विद्यार्थी ही आए।
एसडीएम ने स्कूलों का किया निरीक्षण
संडीला। एसडीएम मनोज कुमार श्रीवास्तव ने संडीला के भगवान बुद्ध इंटर कॉलेज एवं लायंस पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया। भगवान बुद्ध इंटर कॉलेज में केवल एक बच्चे का ही सहमति पत्र आया था। व्यवस्थाएं पूर्ण मिलीं। लायंस पब्लिक स्कूल में कई बच्चे आए थे। सभी पर्याप्त दूरी पर बैठे थे और फेस कवर लगाए थे।
विद्यार्थी बोले - चुनौती है पर करनी होगी मेहनत
जीजीआईसी की कक्षा 12 की छात्रा कोमल कश्यप का कहना है कि घर में चाहे जितनी पढ़ाई कर लो पर वह तैयारी नहीं हो पाती। अब स्कूल में आकर मेहनत करनी है।
जीजीआईसी की इंटर की छात्रा करिश्मा का कहना है कि जो माहौल पढ़ने का स्कूल में बनता है, वह घर पर बड़ी मुश्किल में बन पाता है। अब जमकर पढ़ाई होगी।
जीआईसी के छात्र दीपेंद्र मोहन शुक्ला का कहना है कि पढ़ाई तो स्कूल जाकर करनी है लेकिन साथ ही कोरोना संक्रमण को भी ध्यान में रखना है। सभी को इसका भी विशेष ध्यान रखना है।
जीआईसी के छात्र अमिय कृष्ण पांडे का कहना है कि इतने माह से ऑनलाइन पढ़ते-पढ़ते आंखें दुखने लगीं। अब जाकर आराम मिल पाएगा।