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पराली जलाने वाले 66 किसानों पर 2 लाख 32 हजार रुपये का जुर्माना
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हरदोई। खेतों में फसलों के अवशेष (पराली) जलाने वाले किसानों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। शनिवार को उड़नदस्तों ने जिले के पांचों तहसील क्षेत्रों में पराली जलाने वाले 66 किसानों पर 2 लाख 32 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
शासन ने कृषि अवशेषों को जलाने से रोकने की कवायद शुरू कर दी है। डीएम पुलकित खरे ने इसके लिए सभी तहसीलों में उपजिलाधिकारियों के नेतृत्व में उड़नदस्ते गठित कर दिए हैं। इनमें संबंधित क्षेत्र के सीओ और दो-दो अन्य कर्मी शामिल हैं। उड़नदस्तों ने शनिवार से ही खेतों पर नजर रखनी शुरू कर दी। उपनिदेशक कृषि डॉ. आशुतोष मिश्र ने बताया कि पांचों तहसीलों में विशेष अभियान चलाया गया। शाहाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम आगमपुर, सिकंदरपुर नरकतरा में पराली जलाने वाले 46 किसानों पर 1,72,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। यहां लापरवाही पर कृषि विभाग के तकनीकी सहायक मोहम्मद खालिद और क्षेत्रीय लेखपाल राजीव कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। चेतावनी भी दी गई है कि अब इनके क्षेत्रों में अगर पराली जलने की सूचना मिली तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। सवायजपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम बसिया और सहजनपुर में पांच किसानों पर 15,750 रुपये का जुर्माना लगाया गया। सदर तहसील क्षेत्र में कन्हेरी, पुरौरी, ऐजा फार्म, कनेरी में 13 किसानों पर 38,750 रुपये और बिलग्राम में दो किसानों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
इस तरह लागू होगा नियम
- दो एकड़ से कम खेती वाले किसानों पर हर बार पराली जलाने पर ढाई हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा।
- दो से अधिक और पांच एकड़ तक खेती वाले किसानों पर पराली जलाने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना।
- पांच एकड़ से अधिक खेती वाले किसानों पर पराली जलाने पर 15 हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा।
सेटेलाइट से हो रही निगरानी
उपनिदेशक कृषि डॉ. आशुतोष मिश्र ने बताया कि हर खेत का गाटा संख्या पूरे ब्यौरे के साथ अपलोड किया जा चुका है। प्रदूषण रोकने की कवायद में निगरानी सेटेलाइट से हो रही है। कोई भी किसान पराली जलाएगा तो सेटेलाइट पर उसकी रिकार्डिंग हो जाएगी। बाद में ब्यौरा संबंधित जनपद के उपनिदेशक कृषि के पास पहुंच जाएगा और फिर जुर्माने की कार्रवाई होगी।
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नहीं मिलेगा योजनाओं का लाभ
उपनिदेशक कृषि डॉ. आशुतोष मिश्र के मुताबिक पराली/कृषि अपशिष्ट जलाने वाले किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। किसान सम्मान निधि, किसान पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि निवेश पर दिए जाने वाले अनुदान से भी वंचित कर दिया जाएगा।
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शासन ने कृषि अवशेषों को जलाने से रोकने की कवायद शुरू कर दी है। डीएम पुलकित खरे ने इसके लिए सभी तहसीलों में उपजिलाधिकारियों के नेतृत्व में उड़नदस्ते गठित कर दिए हैं। इनमें संबंधित क्षेत्र के सीओ और दो-दो अन्य कर्मी शामिल हैं। उड़नदस्तों ने शनिवार से ही खेतों पर नजर रखनी शुरू कर दी। उपनिदेशक कृषि डॉ. आशुतोष मिश्र ने बताया कि पांचों तहसीलों में विशेष अभियान चलाया गया। शाहाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम आगमपुर, सिकंदरपुर नरकतरा में पराली जलाने वाले 46 किसानों पर 1,72,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। यहां लापरवाही पर कृषि विभाग के तकनीकी सहायक मोहम्मद खालिद और क्षेत्रीय लेखपाल राजीव कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। चेतावनी भी दी गई है कि अब इनके क्षेत्रों में अगर पराली जलने की सूचना मिली तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। सवायजपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम बसिया और सहजनपुर में पांच किसानों पर 15,750 रुपये का जुर्माना लगाया गया। सदर तहसील क्षेत्र में कन्हेरी, पुरौरी, ऐजा फार्म, कनेरी में 13 किसानों पर 38,750 रुपये और बिलग्राम में दो किसानों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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इस तरह लागू होगा नियम
- दो एकड़ से कम खेती वाले किसानों पर हर बार पराली जलाने पर ढाई हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा।
- दो से अधिक और पांच एकड़ तक खेती वाले किसानों पर पराली जलाने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना।
- पांच एकड़ से अधिक खेती वाले किसानों पर पराली जलाने पर 15 हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा।
सेटेलाइट से हो रही निगरानी
उपनिदेशक कृषि डॉ. आशुतोष मिश्र ने बताया कि हर खेत का गाटा संख्या पूरे ब्यौरे के साथ अपलोड किया जा चुका है। प्रदूषण रोकने की कवायद में निगरानी सेटेलाइट से हो रही है। कोई भी किसान पराली जलाएगा तो सेटेलाइट पर उसकी रिकार्डिंग हो जाएगी। बाद में ब्यौरा संबंधित जनपद के उपनिदेशक कृषि के पास पहुंच जाएगा और फिर जुर्माने की कार्रवाई होगी।
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नहीं मिलेगा योजनाओं का लाभ
उपनिदेशक कृषि डॉ. आशुतोष मिश्र के मुताबिक पराली/कृषि अपशिष्ट जलाने वाले किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। किसान सम्मान निधि, किसान पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि निवेश पर दिए जाने वाले अनुदान से भी वंचित कर दिया जाएगा।