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Hardoi News: बाजार में 550 रुपये क्विंटल बिक रहा भूसा, पशु आश्रय स्थलों के लिए 849 रुपये में खरीद रहे
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हरदोई। निराश्रित मवेशियों को संरक्षित किए जाने के साथ ही भरण-पोषण के लिए पशु आश्रयस्थलों में भूसे की खरीदारी बाजार भाव से अधिक पर की जा रही है। रबी फसलों की कटाई से खुले बाजार में 520-550 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से भूसा बिक रहा है। पशु आश्रयस्थलों में रेट कांटेक्ट से 749-849 रुपये प्रति क्विंटल भाव से भूसा की आपूर्ति ली जा रही है।
ग्रामीण और नगरीय निकाय क्षेत्रों में पशु आश्रयस्थल और वृहद गो-संरक्षण केंद्र की स्थापना के साथ ही निराश्रित मवेशियों का संरक्षण कराया जा रहा है। उन मवेशियों के भरण-पोषण के लिए सरकार की ओर से 50 रुपये प्रति मवेशी प्रतिदिन के हिसाब से संबंधित ग्राम पंचायतों को दिया जाता है। मवेशियों के लिए भूसा की आपूर्ति रेट कांटेक्ट से ली जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए निविदा प्रक्रिया कराई जानी है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने तक पहले से तय रेट कांटेक्ट की फर्म से भूसा की आपूर्ति बाजार भाव से अधिक कीमत पर ली जा रही है। शहर में भूसा मंडी में व्यापारियों ने बताया कि भूसा की गुणवत्ता के हिसाब से 520 रुपये से 550 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिक रहा है। मौसम और समय के साथ भूसा के भाव में उतार-चढ़ाव होता रहता है।
संचालित पशु आश्रयस्थलों में मवेशियों के भरण-पोषण के लिए भूसा, चारा-दाना आदि की खरीदारी ब्लॉक स्तर से कराई जा रही है। जेम पोर्टल पर बीडीओ की अध्यक्षता वाली समिति के माध्यम से भूसा की खरीदारी की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
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पशु आश्रयस्थलों में भूसा आपूर्ति की प्रक्रिया पूरी किए जाने की जिम्मेदारी ब्लॉक स्तर पर दी गई है। आश्रयस्थलों की दूरी और जेम पोर्टल पर कम दर वाली फर्म चयनित होती है। भाव में अधिक अंतर न हो इसका भी ध्यान रखा जाता है, लेकिन जेम पोर्टल पर चयनित फर्म 12 माह उसी भाव में भूसा की आपूर्ति देती है, जबकि बाजार में भूसा का भाव मौसम के अनुसार कम और अधिक होता रहता है। -सौम्या गुरूरानी, सीडीओ
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पशु आश्रयस्थलों के संचालन और मवेशियों के भरण-पोषण के लिए प्रधान और पंचायत सचिव को जिम्मेदारी दी गई है। भूसा के भाव और बेहतर भरण-पोषण के उद्देश्य से आश्रयस्थलों में हरे चारा की बुआई कराई जा रही है। इससे भूसा की खपत को कम किया जा सके। किसानों से दान में भी भूसा लिया जा रहा है। अधिक मात्रा में भूसा दान देने वाले किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा। -डॉ. अशोक कुमार सिंह, सीवीओ
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ग्रामीण और नगरीय निकाय क्षेत्रों में पशु आश्रयस्थल और वृहद गो-संरक्षण केंद्र की स्थापना के साथ ही निराश्रित मवेशियों का संरक्षण कराया जा रहा है। उन मवेशियों के भरण-पोषण के लिए सरकार की ओर से 50 रुपये प्रति मवेशी प्रतिदिन के हिसाब से संबंधित ग्राम पंचायतों को दिया जाता है। मवेशियों के लिए भूसा की आपूर्ति रेट कांटेक्ट से ली जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए निविदा प्रक्रिया कराई जानी है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने तक पहले से तय रेट कांटेक्ट की फर्म से भूसा की आपूर्ति बाजार भाव से अधिक कीमत पर ली जा रही है। शहर में भूसा मंडी में व्यापारियों ने बताया कि भूसा की गुणवत्ता के हिसाब से 520 रुपये से 550 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिक रहा है। मौसम और समय के साथ भूसा के भाव में उतार-चढ़ाव होता रहता है।
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संचालित पशु आश्रयस्थलों में मवेशियों के भरण-पोषण के लिए भूसा, चारा-दाना आदि की खरीदारी ब्लॉक स्तर से कराई जा रही है। जेम पोर्टल पर बीडीओ की अध्यक्षता वाली समिति के माध्यम से भूसा की खरीदारी की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
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पशु आश्रयस्थलों में भूसा आपूर्ति की प्रक्रिया पूरी किए जाने की जिम्मेदारी ब्लॉक स्तर पर दी गई है। आश्रयस्थलों की दूरी और जेम पोर्टल पर कम दर वाली फर्म चयनित होती है। भाव में अधिक अंतर न हो इसका भी ध्यान रखा जाता है, लेकिन जेम पोर्टल पर चयनित फर्म 12 माह उसी भाव में भूसा की आपूर्ति देती है, जबकि बाजार में भूसा का भाव मौसम के अनुसार कम और अधिक होता रहता है। -सौम्या गुरूरानी, सीडीओ
पशु आश्रयस्थलों के संचालन और मवेशियों के भरण-पोषण के लिए प्रधान और पंचायत सचिव को जिम्मेदारी दी गई है। भूसा के भाव और बेहतर भरण-पोषण के उद्देश्य से आश्रयस्थलों में हरे चारा की बुआई कराई जा रही है। इससे भूसा की खपत को कम किया जा सके। किसानों से दान में भी भूसा लिया जा रहा है। अधिक मात्रा में भूसा दान देने वाले किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा। -डॉ. अशोक कुमार सिंह, सीवीओ